{"_id":"58f64cb64f1c1beb024727ac","slug":"pu-fees-increase-pressure-strategy-now-targets-senate","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पीयू फीस बढ़ौतरी: ‘दबाव’ की रणनीति, अब निशाने पर सीनेट","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पीयू फीस बढ़ौतरी: ‘दबाव’ की रणनीति, अब निशाने पर सीनेट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Apr 2017 09:20 AM IST
विज्ञापन
PU Protest
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि को लेकर पीयू अथॉरिटी और छात्रों ने अब ‘दबाव’ की रणनीति शुरू कर दी है। छात्रों ने जहां पीयू अथारिटी व सीनेट सदस्यों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है, तो वहीं पीयू अथारिटी भी छात्रों को दबाव के घेरे में ले रही है। अब देखना यह है कि दबाव की यह रणनीति फीस वृद्धि पर क्या असर डालती है।
दरअसल, फीस वृद्धि का मामला इतना ज्यादा गरमा चुका है कि पीयू अथॉरिटी से छात्रों का विरोध संभल नहीं रहा है। 11 अप्रैल की हिंसा ने तो पीयू अथॉरिटी को पूरी तरह से हिला दिया है। इसके बाद गवर्नर ने वीसी को तलब कर रिपोर्ट मांगी थी। मौजूदा आर्थिक स्थिति के आधार पर सीनेट सदस्यों की बैठक ने फीसवृद्धि की सिफारिशें की।
यही बात पीयू के वीसी ने फैकल्टी सदस्यों और छात्रों के समक्ष रख कर उन पर भी दबाव बनाने की कोशिश की है। वीसी ने तो यहां तक कह दिया कि पीयू के यही हालात रहे तो पीयू को भविष्य में चलाना संभव नहीं रहेगा। वीसी ने फैकल्टी सदस्यों और छात्रों से आह्वान किया वे पीयू की आर्थिक मजबूरियों को समझें और समर्थन में आवाज उठाएं ताकि अतिरिक्त ग्रांट के लिए सरकार और यूजीसी पर दबाव बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, फीस वृद्धि का मामला इतना ज्यादा गरमा चुका है कि पीयू अथॉरिटी से छात्रों का विरोध संभल नहीं रहा है। 11 अप्रैल की हिंसा ने तो पीयू अथॉरिटी को पूरी तरह से हिला दिया है। इसके बाद गवर्नर ने वीसी को तलब कर रिपोर्ट मांगी थी। मौजूदा आर्थिक स्थिति के आधार पर सीनेट सदस्यों की बैठक ने फीसवृद्धि की सिफारिशें की।
विज्ञापन
यही बात पीयू के वीसी ने फैकल्टी सदस्यों और छात्रों के समक्ष रख कर उन पर भी दबाव बनाने की कोशिश की है। वीसी ने तो यहां तक कह दिया कि पीयू के यही हालात रहे तो पीयू को भविष्य में चलाना संभव नहीं रहेगा। वीसी ने फैकल्टी सदस्यों और छात्रों से आह्वान किया वे पीयू की आर्थिक मजबूरियों को समझें और समर्थन में आवाज उठाएं ताकि अतिरिक्त ग्रांट के लिए सरकार और यूजीसी पर दबाव बनाया जा सके।
विज्ञापन
गवर्नर से मिले अभाविप के सदस्य
Panjab University
- फोटो : amar ujala
हालांकि छात्र संगठन वीसी की बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। छात्र संगठन इस जिद पर अड़े हैं कि सीनेट की दोबारा बैठक बुलाकर फीस वृद्धि पर दोबारा रिव्यू कर उसे कम या रोलबैककिया जाए। इसके लिए छात्रों ने एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है। छात्र संगठन एक मांग पत्र पर सीनेट सदस्यों से हस्ताक्षर करवाकर वीसी को सौंपने की तैयारी में हैं। मांगपत्र पर अब तक 15 सीनेट सदस्यों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।
गवर्नर से मिले अभाविप के सदस्य
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य मंगलवार को गवर्नर बदनौर से मुलाकात कर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। एबीवीपी की केंद्रीय कमेटी सदस्य हरमन जोत सिंह ने बताया कि गवर्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मसले का सुलझाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इस अवसर पर कृष्ण श्योराण, आशीष राणा, रिषभ सिंघल, निकीता, मनतेग सिंह, सौरभ कपूर, कौशल कुंडल इत्यादि शामिल रहे। दूसरी ओर, वीसी कार्यालय के बाहर छात्र संगठन एनएसयूआई सदस्यों की भूख हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही।
गवर्नर से मिले अभाविप के सदस्य
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य मंगलवार को गवर्नर बदनौर से मुलाकात कर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। एबीवीपी की केंद्रीय कमेटी सदस्य हरमन जोत सिंह ने बताया कि गवर्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मसले का सुलझाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इस अवसर पर कृष्ण श्योराण, आशीष राणा, रिषभ सिंघल, निकीता, मनतेग सिंह, सौरभ कपूर, कौशल कुंडल इत्यादि शामिल रहे। दूसरी ओर, वीसी कार्यालय के बाहर छात्र संगठन एनएसयूआई सदस्यों की भूख हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही।