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क्रिक में शामिल होंगी प्राइवेट यूनिवर्सिटी, पीयू करता है इसका संचालन, जुड़े हैं 29 शिक्षण संस्थान

Mon, 15 Apr 2019 02:14 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 15 Apr 2019 02:14 PM IST
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Private Universities will Associate with Punjab University Crick Bus
सांकेतिक तस्वीर
सरकारी शिक्षण संस्थानों के ज्ञान बांटने व इंफ्रास्ट्रक्चर प्रयोग करने के लिए बनाए गए क्रिक मंच पर अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी शामिल होने जा रहे हैं। इन विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी सरकारी संस्थानों में आ जा सकेंगे और उपकरण आदि का प्रयोग कर सकेंगे। क्रिक के जिम्मेदारों की ओर से कई नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं जो नए शैक्षिक सत्र से पहले लागू हो जाएंगे।
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क्रिक की नींव पीयू में पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय रखी गई थी। इस मंच का उद्देश्य था कि एक-दूसरे शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी जाकर ज्ञान बांटेंगे और उपकरण आदि का प्रयोग कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों का अधिक पैसा भी खर्च नहीं होगा और अपने ही क्षेत्र में सुविधाएं भी मिल जाएंगी। यह मंच लगातार कार्य कर रहा है। इसका संचालन पंजाब यूनिवर्सिटी के हाथ में है।
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इस मंच से 29 शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। कई साल से यह काम कर रहा है, लेकिन अब जरूरतों के आधार पर इसके नियमों में बदलाव होने जा रहा है।

ऐसे हो रहा है बदलाव

- पीयू की क्रिक बस का प्रयोग जो भी करेगा उसके बदले में रकम का भुगतान करना होगा।
- किसी संस्थान में यदि उपकरण आधुनिक हैं तो उसके प्रयोग के लिए भी शुल्क लगेगा।
- प्राइवेट विश्वविद्यालयों को मेंबर बनाया जाएगा तो उसके लिए उन्हें शुल्क देना होगा।
- लाइब्रेरी प्रयोग के लिए काम आ रहे सॉफ्टवेयर का सभी विद्यार्थियों को प्रयोग करने की अनुमति मिलेगी।
- एक शिक्षक संस्थान में व्याख्यान देने के लिए आने वाले अतिथि के लेक्चर अन्य शिक्षण संस्थानों में भी होंगे, ताकि मंच से जुड़े शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।
- कोई भी बेहतर तकनीक किसी शिक्षण संस्थान में बनती है तो उसका ज्ञान सभी विद्यार्थियों में बांटा जाएगा।
- उपकरण जो भी किसी संस्थान के पास होंगे उनको सार्वजनिक मंच पर किया जाएगा ताकि हर विद्यार्थी उसका उपयोग कर सके।

क्रिक से प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी जोड़े जा रहे हैं। उसके बदले शुल्क आदि का प्रावधान किया जा रहा है। अन्य नियम भी बनाए जा रहे हैं जो जल्द लागू हो जाएंगे।
- प्रो. एसके मेहता, क्रिक समन्वयक एवं निदेशक सैफ लैब
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