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प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से नहीं बदल पाएंगे ड्रेस 

Sat, 19 Nov 2016 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 19 Nov 2016 11:00 PM IST
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Private schools can not change at will dress
डेमो पिक - फोटो : Getty

अब प्राइवेट स्कूल अपनी मनमर्जी से स्कूल ड्रेस नहीं बदल पाएंगे। स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती कर दी है। यूटी के शिक्षा विभाग की ओर से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए खास प्रपोजल तैयार किया जा रहा है।

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नए प्रपोजल के तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल 5 साल से पहले ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकता है। ड्रेस में बदलाव करने के लिए स्कूल को कम से कम एक साल पहले इसकी जानकारी अभिभावकों को देनी होगी। 
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जानकारी के अनुसार, शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों में एक बच्चे की स्कूल ड्रेस पर 4 से 5 हजार रुपये का खर्च आता है। कई स्कूलों ने स्कूल ड्रेस के साथ ही ब्लेजर, ट्रैक सूट भी अनिवार्य कर रखा है। ड्रेस के नए नियमों को लेकर विभाग जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगा। 
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अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत
शहर के प्राइवेट स्कूल पर मनमर्जी से बच्चों की ड्रेस पर बदलने पर यदि रोक लग जाती है तो इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, प्राइवेट स्कूल के कमीशन पर भी रोक लगेगी। 

सरकारी स्कूलों में नहीं मिला ड्रेस का पैसा 

Private schools can not change at will dress
स्कूल

बता दें कि अभी तो प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से कभी भी बच्चों की स्कूल ड्रेस बदलने का फरमान सुना देते हैं। स्कूलों ने ड्रेस से कमाई करने के लिए उसपर स्कूल का लोगो भी अनिवार्य कर रखा है। जबकि नियमों के तहत स्कूल ऐसा नहीं कर सकते। अभिभावकों को एक ही दुकान से ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य भी नहीं किया जा सकता।  

सरकारी स्कूलों में नहीं मिला ड्रेस का पैसा 
शहर के 110 सरकारी स्कूलों में हर साल शिक्षा विभाग की ओर से ड्रेस के लिए पैसा दिया जाता है। सर्दी का सीजन शुरू हो चुका है। लेकिन अभी तक सभी सरकारी स्कूलों में सर्दी की ड्रेस का पैसा नहीं पहुंचा है। 

जानकारी के अनुसार, इस साल विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में ड्रेस के लिए 3 करोड़ बजट तय किया गया है। जबकि पहले का बजट 9 करोड़ 51 लाख था। दो साल पहले सरकारी स्कूलों में ड्रेस खरीद को लेकर घोटाला सामने आया था। इसके बाद यूटी प्रशासन ने सभी बच्चों के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने का फैसला लिया। लेकिन बच्चों के अकाउंट में कभी भी समय पर पैसा नहीं आ पाता है। 

किसी अभिभावक ने अभी तक ड्रेस को लेकर लिखित शिकायत नहीं दी है। प्राइवेट स्कूल मनमर्जी से कभी भी ड्रेस नहीं बदल सकते हैं। अभिभावक इस मामले में अगर लिखित शिकायत देंगे तो विभाग मामले में स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। - रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी 

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