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प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोत्तरी में नहीं चलेगी मनमानी  

Thu, 24 Nov 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 24 Nov 2016 12:43 AM IST
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Private school fees will not be increased arbitrarily
स्कूल - फोटो : डेमो

शहर के 70 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में 1 दिसंबर से एंट्री लेवल पर दाखिले का दौर शुरू होने जा रहा है। इन स्कूलों में 10 हजार से अधिक बच्चों को नर्सरी और केजी स्तर की कक्षाओं में दाखिला दिया जाएगा। 

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लेकिन, अभिभावकों के लिए अभी से चिंता शुरू हो गई है। शहर के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर ही दाखिले की फीस 30 हजार से 1.50 लाख तक है। अभिभावकों को फीस में इस बार कुछ राहत मिल सकती है। 
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प्राइवेट व कॉन्वेंट स्कूल इस बार मनमर्जी से फीस बढ़ोत्तरी नहीं कर सकेंगे। इस बार शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की फीस पर पूरी नजर रखेगा। कॉमन एडमिशन शेड्यूल में शिक्षा विभाग ने पहले ही सभी स्कूलों को फीस के बारे में पूरी जानकारी अभिभावकों को देने के निर्देश दिए हैं। 
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सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों को 10 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ाने का निर्देश जारी करने की तैयारी कर ली है। सभी प्राइवेट स्कूलों को लकी ड्रा से पहले शिक्षा विभाग को 2015 और 2016 के फीस स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के पास लिखित में भेजनी होगी। 

हर साल एडमिशन फीस नहीं देनी होगी

Private school fees will not be increased arbitrarily
निजी स्कूलों पर शिकंजा - फोटो : concept photo

हर साल एडमिशन फीस नहीं देनी होगी
शहर के अधिकतर प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूल एंट्री लेवल क्लास के बाद भी अभिभावकों से एडमिशन फीस के तौर पर 15 से 20 हजार वसूलते हैं। आगामी सत्र में प्राइवेट स्कूल ऐसा नहीं कर सकेंगे। 

शिक्षा सचिव की ओर से एडमिशन शेड्यूल सिर्फ एक बार लेने के बारे में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को काफी पहले निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगर कोई स्कूल एडमिशन फीस हर क्लास में लेता है तो शिक्षा विभाग में उसकी लिखित में शिकायत दे सकते हैं। विभाग ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करेगा।  

फीस पॉलिसी का मामला ठंडे बस्ते में 
शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों के लिए फीस पॉलिसी बनाने का मुद्दा फिलहाल ठंडे बस्ते में है। फीस पॉलिसी मामले में प्रशासन की कानून अधिकारी (एलआर) ने पॉलिसी पर कुछ ऑब्जेक्शन लगाए हुए हैं। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से 2013 में प्राइवेट स्कूलों की फीस ऑडिट के लिए जस्टिस आरएस मोगिंया की अध्यक्षता में गठित कमेटी अभी तक रिपोर्ट नहीं दे पाई है। 
  
कॉमन एडमिशन शेड्यूल में सभी प्राइवेट स्कूलों को सीटों से लेकर फीस सहित पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। नियमों के तहत स्कूल फीस में 10 फीसदी से अधिक फीस में इजाफा नहीं कर सकते। एंट्री लेवल दाखिले में पूरी पारदर्शिता रहेगी। 

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