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प्रद्युम्न की मौत से नहीं लिया सबक, स्कूलों की लापरवाहियों पर स्पेशल रिपोर्ट

Thu, 02 Nov 2017 09:06 AM IST
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 02 Nov 2017 09:06 AM IST
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pradyuman murder case, chandigarh schools carlessness about students security
प्रद्युम्न हत्याकांड स्कूलों में लागू किए नए नियम
गुरुग्राम के रायन स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की मौत से चंडीगढ़ के स्कूलों ने कोई सबक नहीं लिया, यही वजह है कि अब तक लापरवाहरी बरती जा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के लिए जारी गाइडलाइन और एडवाइजरी का पालन नहीं हो पाया है। तय समय सीमा खत्म होने के बाद न तो स्कूलों की वेरिफिकेशन हो पाई और न ही बसों और ऑटो की ओवरलोडिंग सहित कोई काम बंद नहीं हो पाया है। अब तक कई स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अलग से टॉयलेट तक नहीं बनाए गए हैं।
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यह गाइडलाइन जारी की गई थी
1. स्टूडेंट्स के जाने और आने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन को लेनी होगी। स्टूडेंट्स की सुरक्षा स्कूलों को सुनिश्चित करनी होगी। स्कूल बसों में बच्चे की जिम्मेवारी भी स्कूल प्रबंधन की होगी।
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 2. स्कूलों में काम करने वाले स्वीपर्स, माली, अटेंडेंट की वेरिफिकेशन 30 सितंबर से पहले कराएं। बस ड्राइवर, कंडक्टर और लेडी अटेंडेंट की जिम्मेवारी भी स्कूल प्रबंधन की होगी। पूरे टीचिंग स्टाफ की भी वेरिफिकेशन होनी चाहिए।
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3. स्कूल के सभी जगह सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल होना चाहिए। स्कूल मैनेजमेंट स्कूल की बाउंड्री वाल, टॉयलेट के बाहर , इंट्री गेट सहित सभी सुरक्षित जगहों केलिए यह लगाया जाना चाहिए।
4. स्कूल टाइमिंग के समय दूसरे लोगों की एंट्री बिना आईडी कार्ड के नहीं होनी चाहिए।
5. स्कूल ऑवर में ड्राइवर, कंडक्टर स्कूल में इंटर न हो। छुट्टी के समय बसों का संचालन स्कूल परिसर के अंदर से होना चाहिए।
6. शहर के प्राइमरी विंग के टॉयलेट की सफाई के लिए केवल महिला अटेंडेंट होनी चाहिए।
 7. ड्राइवर, कंडक्टर, वॉचमैन स्कूल के अंदर टॉयलेट का इस्तेमाल न करें।
8. शहर के स्कूलों के प्रिंसिपल और टीचर्स की ओर से सभी स्टाफ को ओरिएटेंशन कार्यक्रम के जरिए जागरूक  करना होगा।
 9. प्लेवे स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के परिजनों का विजुअल मोबाइल में देखने की अनुमति मिलनी चाहिए।

प्राइवेट स्कूल बसों में स्टूडेंट्स की सुरक्षा का जिम्मा लेने से कतरा रहे हैं। बसों के चार्ज बढ़ाने और पैरेंट्स से बस की रखवाली करने के सर्कुलर विवेक हाईस्कूल की ओर से जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर सरकारी और प्राइवेट स्कूल कुछ भी नहीं सोच रहे हैं।
- नितिन गोयल, प्रेसीडेंट, चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन

शहर के स्कूलों में टॉयलेट सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। शिक्षा विभाग इसे लेकर अभी तक तैयार नही हो पाया है। प्रद्युम्न की मौत के बाद शिक्षा विभाग ने बडे़ बडे़ दावे किए लेकिन वह पूरे नहीं हो पाए।

- स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसीडेंट , यूटी कैडर एजुकेशन इंप्लाइन यूनियन

स्टूडेंट्स की सुरक्षा को जल्द ही सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए हम पूरी तरह से तैयार है। प्रशासन के साथ हम मीटिंग कर  प्लान तैयार कर चुके हैं। अगर कोई प्राईवेट और सरकारी स्कूल इस नियम को नहीं मानेगा तो हम उस पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
- रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डीएसई, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग

 
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