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कौशल विकास कार्यक्रमों को न मंजूरी मिली और न ही रकम आई, 6000 स्टूडेंट्स करते रह गए इंतजार

Thu, 04 Apr 2019 01:12 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 04 Apr 2019 01:12 PM IST
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Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojna in Punjab University Chandigarh
कौशल विकास
कौशल विकास योजना का लाभ भले ही किसी दूसरे विश्वविद्यालयों को मिला हो, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के छह हजार विद्यार्थी इसका इंतजार सालभर करते रहे। न कोर्स करने की मंजूरी मिली और न रकम आई। नेशनल कमीशन फॉर मायनॉरिटी हायर एजुकेशन के सदस्य बलतेज सिंह मान पिछले साल एक बैठक में पीयू पहुंचे थे।
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उन्होंने पीयू से कहा था कि वह कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव तैयार करें। उन्हें वह मंजूरी दिलाएंगे। उसके बाद पीयू ने 56 कोर्स संचालन का प्रस्ताव तैयार किया। इस पर तीन करोड़ रुपये खर्च होने थे। प्रस्ताव यहां से केंद्र सरकार के पास पहुंचा, लेकिन इसको मंजूरी अभी तक नहीं मिली।
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सूत्रों का कहना है कि इसके लिए प्रयास ही नहीं किए गए। लगभग छह हजार विद्यार्थी इन कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए इंतजार करते रहे। यह विद्यार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। इसमें सिख, जैन, मुस्लिम आदि आते हैं।
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कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिली। जैसे ही आदेश मिलेंगे तो कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
- डॉ. हरीश कुमार, निदेशक, कौशल विकास कार्यक्रम, पीयू

इन कोर्सेज का होना था संचालन

- कंप्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर
- ऑटोमोबाइल
- ई टिकटिंग
- उपकरण निर्माण
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर
- फूड प्रोसेसिंग
- फर्नीचर उद्योग
- हैंडीक्राफ्ट
- जेम्स एंड ज्वेलरी
- लेदर तकनीक
- कंस्ट्रक्शन

इंसेंटिव भी मिलना था
कौशल विकास कार्यक्रम के तहत पीयू के छह हजार विद्यार्थियों को हर माह एक हजार रुपये इंसेंटिव भी दिए जाने की योजना थी ताकि उन्हें आर्थिक मदद मिल सके, लेकिन कोर्स का संचालन न होने के कारण पीयू इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाया। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद इस पर काम होगा। वहीं कुछ विद्यार्थी विश्वविद्यालय से पासआउट हो रहे हैं। इसके कारण वह इस कार्यक्रम का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
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