{"_id":"5cb83348bdec221473375f41","slug":"pisa-trial-programme-for-international-student-assesment-by-hr-ministery","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अगले साल होगा ‘पीसा’ का ट्रायल, एमएचआरडी ने मांगा छात्रों का ब्योरा, जारी किए गए दिशा निर्देश","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
अगले साल होगा ‘पीसा’ का ट्रायल, एमएचआरडी ने मांगा छात्रों का ब्योरा, जारी किए गए दिशा निर्देश
Thu, 18 Apr 2019 01:52 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 18 Apr 2019 01:52 PM IST
विज्ञापन
पीसा का ट्रायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब अगले वर्ष प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (पीसा) का ट्रायल किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एमएचआरडी ने शहर के सभी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और टीचर्स का ब्योरा मांगा है। इसके लिए एक वेबसाइट लांच की गई है, जिस पर सभी स्कूलों को 22 अप्रैल से पहले डाटा अपलोड करना होगा।
वर्ष 2021 में आयोजित होने वाली परीक्षा में चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के छात्र चयन के आधार पर भाग लेंगे। सीबीएसई की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि पीसा टेस्ट में अच्छी रैंकिंग लाने के लिए पहले डाटा जुटाना होगा।
शहर के सभी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र जो 1 फरवरी 2004 से 31 जनवरी 2006 के बीच पैदा हुए हैं, उनकी जानकारी मांगी गई है। इसके साथ उन्हें पढ़ाने वाले टीचर्स की जानकारी मांगी गई है। सभी स्कूलों को यह जानकारी एमएचआरडी की तरफ से लांच की गई वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
विज्ञापन
इसमें कहा गया है कि पीसा की मुख्य परीक्षा वर्ष 2021 में है, इसलिए वर्ष 2020 में ट्रायल लिया जाएगा। सीबीएसई की ओर से यह पत्र एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा, केंद्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर संतोष मल्ल, नवोदय विद्यालय संगठन के कमिश्नर विश्वजीत सिंह, डीएसई रुबिंदरजीत सिंह बराड़, एमएचआरडी के डायरेक्टर रजनीश सिंह को भेजा गया है।
विज्ञापन
वर्ष 2021 में आयोजित होने वाली परीक्षा में चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के छात्र चयन के आधार पर भाग लेंगे। सीबीएसई की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि पीसा टेस्ट में अच्छी रैंकिंग लाने के लिए पहले डाटा जुटाना होगा।
विज्ञापन
शहर के सभी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र जो 1 फरवरी 2004 से 31 जनवरी 2006 के बीच पैदा हुए हैं, उनकी जानकारी मांगी गई है। इसके साथ उन्हें पढ़ाने वाले टीचर्स की जानकारी मांगी गई है। सभी स्कूलों को यह जानकारी एमएचआरडी की तरफ से लांच की गई वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
विज्ञापन
इसमें कहा गया है कि पीसा की मुख्य परीक्षा वर्ष 2021 में है, इसलिए वर्ष 2020 में ट्रायल लिया जाएगा। सीबीएसई की ओर से यह पत्र एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा, केंद्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर संतोष मल्ल, नवोदय विद्यालय संगठन के कमिश्नर विश्वजीत सिंह, डीएसई रुबिंदरजीत सिंह बराड़, एमएचआरडी के डायरेक्टर रजनीश सिंह को भेजा गया है।
यू-डीआईएसई कोड से होगी स्कूलों की मॉनीटरिंग
भारत सरकार और आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन डेवलपमेंट(ओईसीडी) के बीच हुए समझौते के बाद सरकार पीसा 2021 की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। एमएचआरडी की ओर से जारी वेबसाइट पर सभी स्कूलों को उनके 11 अंकों के यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यू-डीआईएसई) कोड के माध्यम से रजिस्टर करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों को लॉग-इन के द्वारा ही डाटा भेजने को कहा गया है। स्कूल स्तर पर निगरानी रखने के लिए अलग-अलग यूजरनेम बनाए गए हैं, जिन्हें स्कूलों द्वारा अप्लाई करने के बाद उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों को किसी भी तरह की जानकारी के लिए सीनियर कंस्लटेंट राजीव मेहरा से संपर्क करने को कहा गया है।
क्या है ‘पीसा’
पीसा टेस्ट से विश्व भर के विभिन्न देशों की शिक्षा प्रणालियों के बारे में जानकारी मिलती है। इस टेस्ट में छात्रों द्वारा स्कोर किए गए अंकों से राष्ट्रीय औसत स्कोर निकाला जाता है। इस टेस्ट का उद्देश्य देशों की रैंकिंग निश्चित करना नहीं है, बल्कि यह पता लगाना है कि किस प्रकार देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जा सकता है।
इस टेस्ट में देश के विभिन्न हिस्सों से 15 साल 3 महीने से 16 साल 2 महीने के बीच के बच्चों को भाग लेने के लिए भेजा जाता है। यह टेस्ट ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकॉनोमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) द्वारा हर तीन साल बाद कराया जाता है। जिसमें लगभग 80 देश भाग लेते हैं।
पीसा टेस्ट को लेकर चंडीगढ़ भी काफी उत्साहित है। स्कूलों की तरफ से डाटा तैयार किया जा रहा है। 22 अप्रैल से पहले सभी डाटा अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे अगले साल होने वाले ट्रायल की तैयारियां शुरू जा सके।
- बीएल शर्मा, एजुकेशन सेक्रेटरी
स्कूलों को लॉग-इन के द्वारा ही डाटा भेजने को कहा गया है। स्कूल स्तर पर निगरानी रखने के लिए अलग-अलग यूजरनेम बनाए गए हैं, जिन्हें स्कूलों द्वारा अप्लाई करने के बाद उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों को किसी भी तरह की जानकारी के लिए सीनियर कंस्लटेंट राजीव मेहरा से संपर्क करने को कहा गया है।
क्या है ‘पीसा’
पीसा टेस्ट से विश्व भर के विभिन्न देशों की शिक्षा प्रणालियों के बारे में जानकारी मिलती है। इस टेस्ट में छात्रों द्वारा स्कोर किए गए अंकों से राष्ट्रीय औसत स्कोर निकाला जाता है। इस टेस्ट का उद्देश्य देशों की रैंकिंग निश्चित करना नहीं है, बल्कि यह पता लगाना है कि किस प्रकार देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जा सकता है।
इस टेस्ट में देश के विभिन्न हिस्सों से 15 साल 3 महीने से 16 साल 2 महीने के बीच के बच्चों को भाग लेने के लिए भेजा जाता है। यह टेस्ट ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकॉनोमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) द्वारा हर तीन साल बाद कराया जाता है। जिसमें लगभग 80 देश भाग लेते हैं।
पीसा टेस्ट को लेकर चंडीगढ़ भी काफी उत्साहित है। स्कूलों की तरफ से डाटा तैयार किया जा रहा है। 22 अप्रैल से पहले सभी डाटा अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे अगले साल होने वाले ट्रायल की तैयारियां शुरू जा सके।
- बीएल शर्मा, एजुकेशन सेक्रेटरी