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पंजाब यूनिवर्सिटी में शारीरिक शिक्षकों की डिमांड ज्यादा, पर दो कोर्स 66 सीटें और आवेदन आए 10

Fri, 05 Jul 2019 02:22 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 05 Jul 2019 02:22 PM IST
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physical education course admissions in punjab university
फाइल फोटो
बिना प्रशिक्षण के खेलों में बाजी मारना आसान नहीं है। स्कूल, कॉलेज हो या फिर ट्रेनिंग सेंटर, हर जगह शारीरिक शिक्षकों की जरूरत होती है। डिमांड इसकी तेजी के साथ बढ़ रही है, लेकिन कोर्स करने के लिए कोई रुचि नहीं ले रहा। यही कारण रहा कि पीयू में बीपीएड व एमपीएड में एडमिशन के लिए महज दस ही आवेदन आए हैं।
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हालांकि पीयू दावा कर रहा है कि सीटें खाली नहीं रहेंगी। 10 जुलाई तक आवेदन होंगे। जरूरत पड़ने पर यह तिथि बढ़ाई भी जा सकती है। तीन साल पहले बीपीएड व एमपीएड के लिए सर्वाधिक आवेदन आते थे। आंकड़ों को देखें तो बीपीएड में 36 सीटें हैं। इसके लिए पांच आवेदन किए गए हैं। इसी तरह मास्टर डिग्री के लिए एमपीएड होता है।
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इसके लिए 30 सीटें निर्धारित हैं। इसमें एडमिशन के लिए भी पांच आवेदन आए हैं। आवेदनों की संख्या में इजाफा 10 जुलाई तक होगा। माना जा रहा है कि 70 फीसदी सीटें फुल हो जाएंगी और उसके बाद तिथि आवेदन के लिए बढ़ेगी तो और आवेदन आएंगे। ऑफलाइन आवेदन भी आ सकते हैं।
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हरियाणा से इस बार कम आए हैं आवेदन

बीपीएड व एमपीएड में एडमिशन के लिए सर्वाधिक आवेदन पिछले वर्षों में हरियाणा से आए हैं। इस बार संख्या कुछ कम हुई है। माना जा रहा है कि हरियाणा में ही कुछ कॉलेज यह कोर्स ऑफर कर रहे हैं। साथ ही बेहतर गुणवत्ता दी जा रही है और कम फीस ली जा रही है। पंजाब से आवेदनों की संख्या 25 फीसदी तक रहती थी। वह भी इस बार नहीं आए।

यहां पड़ती है शारीरिक शिक्षकों की जरूरत
शारीरिक शिक्षकों की आवश्यकता हर स्कूल, कॉलेज में पीटीआई के रूप में होती है। इसके अलावा खेल के कोचिंग सेंटरों में अधिक होती है। स्पेशल खिलाड़ी जहां तैयार किए जाते हैं वहां इनकी जरूरत अधिक होती है। हर खिलाड़ी पर एक ट्रेनर होता है। सरकारी सेवाओं में भी काफी रिक्तियां निकलती हैं।

संस्कृत की सीटें भी नहीं हुईं पूरी
पीयू को हिंदी, अंग्रेजी में एडमिशन के लिए विद्यार्थी मिल गए हैं, लेकिन संस्कृत की सीटें पूरी नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए पीयू को मेहनत करनी होगी। बताया जाता है कि फैकल्टी का सभी विभागों में अभाव है। इस विभाग में यही हाल है। इसके कारण स्टूडेंट्स कम आए हैं। बिहार, राजस्थान से लोग संस्कृत में दाखिला लेने के लिए अधिक आते हैं, जो इस बार कम पहुंचे हैं। हालांकि कुछ सीटों के लिए आवेदन अभी और आने की संभावना बताई जा रही है। कुछ आवेदन हाल ही में हुए भी हैं।

स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में एडमिशन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई है। इस बीच पांच दिन में काफी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद है। सीटें इस बार खाली नहीं रहेंगी।
-रेनुका बी सलवान, डीपीआर पीयू
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