स्नातक के साथ कर सकेंगे पीएचडी, पंजाब यूनिवर्सिटी ने मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
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विदेशी विश्वविद्यालयों की तर्ज पर अब पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) भी स्नातक की पढ़ाई के साथ पीएचडी कराने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से इसका प्रस्ताव मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस योजना को धरातल पर उतारा जाएगा। अमेरिका के स्टैंमफर्ड शहर के एक प्रोफेसर ने चार साल पहले पंजाब विश्वविद्यालय का दौरा किया।
उन्होंने पीयू को राय दी कि वह अपने विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के बाद सीधे रिसर्च से जोड़े। यह सुझाव पीयू को बहुत रास आया, लेकिन इसके लिए प्लानिंग व बजट की आवश्यकता थी। पीयू ने इस पर काम शुरू कर दिया। प्लान तैयार हो गया। पीयू ने रास्ता निकाला कि देश के प्रख्यात संस्थानों की सूची में पीयू के शामिल होने के बाद यह काम शुरू किया जा सकता है। इसको लेकर पीयू के प्रोफेसर्स मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहुंचे और भविष्य की योजना बताई, लेकिन योजना धरातल पर नहीं उतर पाई।
अब जगी उम्मीद
प्रख्यात संस्थानों की सूची पर मंत्रालय की ओर से काम किया जा रहा है। इस सूची में पीयू भी शामिल है। यदि पीयू टॉप टेन संस्थानों में शामिल होता है तो स्नातक के साथ पीएचडी शुरू हो जाएगी। इसके तीन चरण बताए गए हैं। तीन साल में पीयू स्नातक की डिग्री देगा। इसी के साथ रिसर्च की ट्रेनिंग चलती रहेगी। उसके दो साल बाद यानी पांच साल पूरा होने पर स्नातक व पीजी की डिग्री व ट्रेनिंग मिलेगी।
साथ ही सात साल में पीएचडी की डिग्री भी पीयू साथ में देगा। वैसे पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद रिसर्च में चार से पांच साल और लग जाते हैं। इस व्यवस्था से रिसर्च जल्दी और गुणवत्तायुक्त हो जाएगा। मालूम हो कि प्रख्यात संस्थानों की सूची में शामिल होने पर केंद्र सरकार हर संस्थान को सालाना 100 करोड़ रुपये कई कार्यों के लिए प्रदान करती है।
विदेशी विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
पीयू में लगभग 150 विदेशी विद्यार्थी पीएचडी आदि कर रहे हैं। इन विदेशी विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए रिसर्च हब बनाया जाएगा। अलग से जगह का चयन करके वहां रिसर्च विद्यार्थियों को रखा जाएगा। विदेशी विद्यार्थियों को यहां हर सुविधाएं मिलेंगी। सूत्रों का कहना है कि यह योजना भी नए शैक्षिक सत्र तक धरातल पर आ सकती है।