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चंडीगढ़ः निरफ रैंकिंग के लिए जरूरी शिक्षकों का पीएचडी होना, पीयू बनाएगा नया प्लान

Wed, 26 Dec 2018 03:07 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Dec 2018 03:07 PM IST
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Ph.D. required for National Institutional Ranking Framework
punjab university

केंद्र सरकार की ओर से जारी होने वाली नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ) में पंजाब यूनिवर्सिटी कोई बड़ा स्थान हासिल नहीं कर पा रहा है। रैंकिंग में भी सुधार नहीं हो रहा है। उसके लिए पीयू ने अपनी कमियों को देखा और उसमें सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. एम राजीव लोचन ने विश्लेषण किया और उसके बाद वीसी प्रो. राजकुमार व सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा। कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। कहा है कि इसके मुताबिक यदि काम होता है तो भविष्य में रैंकिंग में काफी सुधार हो सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सुझाव शिक्षकों का पीएचडी होना बेहद जरूरी बताया गया है। 

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ये रहे पिछड़ने के कारण
निदेशक प्रो. एम राजीव लोचन ने कहा कि फैकल्टी में उम्र का अधिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने उदाहरण दिया है कि जेएनयू की रैंकिंग बेहतर आने का एक कारण ये रहा है कि वहां शिक्षकों की भर्ती अनुभव के आधार पर होती है। अनुभव के जरिए उनके कांट्रेक्ट भी अधिक होंगे। विद्यार्थियों को उसका अधिक लाभ मिलेगा। पीयू में शिक्षक यंग हैं। अनुभव उतना नहीं होता। इसलिए शिक्षकों की भर्ती की जाए तो अनुभव व उम्र को भी काउंट किया जाए।
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- पीएचडी धारक शिक्षकों का होना बेहद जरूरी है। पीयू में कुल शिक्षकों की संख्या 957 है। इसमें 688 शिक्षक पीएचडी किए हुए हैं। बाकी 269 शिक्षकों के पास पीएचडी की डिग्री नहीं है। इसलिए इन्हें रिसर्च की ओर मोड़ना होगा। हालांकि कुछ शिक्षक पीएचडी कर भी रहे हैं। इसके अलावा जो शिक्षकों की नई भर्तियां हों तो उसके लिए पीएचडी अनिवार्य की जाए।

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-  इंजीनियरिंग व दंत चिकित्सा विभागों में कम आयु के शिक्षकों की भर्ती हुई है। ऐसे में वह पीएचडी नहीं किए। उन्हें भी रिसर्च ट्रेनिंग देने की आवश्यकता है।
- पीयू से सेवानिवृत्त शिक्षकों को फैकल्टी सूची में शामिल किया जाए। उनके अनुभव रैंकिंग में मायने रखते हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक माह में एक लेक्चर लें। इससे विद्यार्थियों का       उत्साह बढ़ता है। उन शिक्षकों के अनुभवों का लाभ मिलता है।
- विभागों में काम कर रहे प्रोग्रामर व अन्य स्टाफ को भी विभाग अपनी सूची में शामिल करें ताकि इससे मैनपावर बढ़ेगी।

ये हैं रैंकिंग के आंकड़े
अप्रैल 2018 में जारी निरफ रैंकिंग में पीयू 50.94 अंक पाकर 20वें स्थान पर आया। वहीं जेएनयू को 67.57 फीसद अंक मिले और रैंक दूसरी रही। बीएचयू को तीसरा स्थान मिला। इसी तरह वर्ष 2017 में आईआईटी को छोड़ दें तो विश्वविद्यालय रैंकिंग में पहले स्थान पर जेएनयू रहा और ओवरऑल रैंकिंग छठे स्थान पर रही। वहीं पीयू को 54वीं रैंक हासिल हुई। वहीं डीयू 15 स्थान पर था। इसी तरह वर्ष 2016 में जेएनयू को तीसरा स्थान मिला। डीयू छठे, बीएचयू सातवें व पीयू 12वें स्थान पर रहा। 

इस आधार पर तय होती है रैंकिंग
- टेक्नीकल लर्निंग एंड रिसॉसेज
- रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस
- ग्रेजुएशन आउटकम
- आउटरीच
- परसेप्शन

इस साल आई निरफ रैंकिंग का विश्लेषण किया है। जहां हम कमजोर रहे हैं उन बिंदुओं को सुधारा जाएगा। वीसी व सभी विभाग अध्यक्षों को भी सुझाव भेजे हैं। उम्मीद है कि हम आगे अच्छी रैंकिंग लेकर आएंगे। -प्रो. एम राजीव लोचन, डायरेक्टर, आईक्यूएसी

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