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ट्रांसलेटर बनें और नौकरी लगते ही कम से कम 50 हजार सैलरी पाएं, पंजाब यूनिवर्सिटी में कोर्स
Fri, 07 Feb 2020 01:53 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 07 Feb 2020 01:53 PM IST
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रोजगार का भले ही संकट हो, लेकिन यदि आपको ट्रांसलेशन आता है तो बेरोजगार नहीं रहेंगे। एक साल के कोर्स के बाद सरकारी नौकरी आपका इंतजार करेगी। नौकरी लगते ही पहली सैलरी कम से कम 50 हजार रुपये है। ट्रांसलेटर से लेकर सहायक निदेशक तक लोग बनते हैं।
सहायक निदेशक तक के पद पर पहुंचते पहुंचते सैलरी दो लाख का आंकड़ा छू जाती है। इस फील्ड की ओर अब तेजी से युवाओं को रुझान बढ़ रहा है। ट्रांसलेशन का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी का हिंदी विभाग पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन करवाता है।
इस कोर्स में 68 सीटें निर्धारित हैं। पहले हर साल 30 विद्यार्थी ही प्रवेश के लिए पहुंचते थे, लेकिन अब संख्या धीरे धीरे बढ़ रही है। इसके प्रचार प्रसार के हिंदी विभाग ट्रांसलेशन वर्कशॉप से लेकर कई कार्य कर रहा है। उसका असर भी आने वाले आवेदनों में दिख रहा है।
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यहां से ट्रांसलेशन का कोर्स करने वाले विद्यार्थी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नौकरी कर रहे हैं। एडमिशन के लिए मई माह में आवेदन होते हैं। जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होती है। सबसे सुविधाजनक ये है कि इस कोर्स को पीयू में एमए करते समय भी कर सकते हैं।
बाहरी विद्यार्थी को प्रवेश लेना है तो उसे हिंदी, अंग्रेजी विषय के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। पीयू इस कोर्स के लिए हर साल प्रवेश परीक्षा करवाता है। गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग आता है। इसी के अंतर्गत सभी मंत्रालयों में कार्यरत ट्रांसलेटर आते हैं। मंत्रालयों में ट्रांसलेटर से लेकर सीनियर ट्रांसलेटर आदि की रिक्तियां निकलती हैं। यदि ट्रांसलेशन में विद्यार्थी माहिर हैं तो सीधे नौकरी लगती है।
इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी इसकी संभावनाएं काफी हैं। यदि कोई व्यक्ति दूसरी फील्ड में जॉब कर रहा है तो ट्रांसलेशन का काम वह पार्ट टाइम अपने घर पर भी कर सकते है। इसके लिए 250 से 300 रुपये प्रति पेज मिलते हैं। यदि कोई व्यक्ति ट्रांसलेशन जल्द से जल्द आपसे करवाना चाहता है तो फिर उसी के मुताबिक पैसे भी प्रति पेज बढ़ जाते हैं। इससे अच्छी खासी इनकम होती है।
विभाग की ओर से चलाए जा रहे पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन में विद्यार्थियों की संख्या अब हर साल बढ़ रही है। पीयू से एमए करने वाले विद्यार्थी यह कोर्स भी साथ में कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद नौकरी की संभावनाएं सरकारी व प्राइवेट क्षेत्र में बहुत हैं। नौकरी लगने के बाद कम से कम सैलरी 50 हजार प्रतिमाह मिलती है।
- प्रो. गुरमीत सिंह, विभाग अध्यक्ष, हिंदी विभाग पीयू
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सहायक निदेशक तक के पद पर पहुंचते पहुंचते सैलरी दो लाख का आंकड़ा छू जाती है। इस फील्ड की ओर अब तेजी से युवाओं को रुझान बढ़ रहा है। ट्रांसलेशन का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी का हिंदी विभाग पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन करवाता है।
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इस कोर्स में 68 सीटें निर्धारित हैं। पहले हर साल 30 विद्यार्थी ही प्रवेश के लिए पहुंचते थे, लेकिन अब संख्या धीरे धीरे बढ़ रही है। इसके प्रचार प्रसार के हिंदी विभाग ट्रांसलेशन वर्कशॉप से लेकर कई कार्य कर रहा है। उसका असर भी आने वाले आवेदनों में दिख रहा है।
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यहां से ट्रांसलेशन का कोर्स करने वाले विद्यार्थी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नौकरी कर रहे हैं। एडमिशन के लिए मई माह में आवेदन होते हैं। जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होती है। सबसे सुविधाजनक ये है कि इस कोर्स को पीयू में एमए करते समय भी कर सकते हैं।
बाहरी विद्यार्थी को प्रवेश लेना है तो उसे हिंदी, अंग्रेजी विषय के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। पीयू इस कोर्स के लिए हर साल प्रवेश परीक्षा करवाता है। गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग आता है। इसी के अंतर्गत सभी मंत्रालयों में कार्यरत ट्रांसलेटर आते हैं। मंत्रालयों में ट्रांसलेटर से लेकर सीनियर ट्रांसलेटर आदि की रिक्तियां निकलती हैं। यदि ट्रांसलेशन में विद्यार्थी माहिर हैं तो सीधे नौकरी लगती है।
इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी इसकी संभावनाएं काफी हैं। यदि कोई व्यक्ति दूसरी फील्ड में जॉब कर रहा है तो ट्रांसलेशन का काम वह पार्ट टाइम अपने घर पर भी कर सकते है। इसके लिए 250 से 300 रुपये प्रति पेज मिलते हैं। यदि कोई व्यक्ति ट्रांसलेशन जल्द से जल्द आपसे करवाना चाहता है तो फिर उसी के मुताबिक पैसे भी प्रति पेज बढ़ जाते हैं। इससे अच्छी खासी इनकम होती है।
विभाग की ओर से चलाए जा रहे पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन में विद्यार्थियों की संख्या अब हर साल बढ़ रही है। पीयू से एमए करने वाले विद्यार्थी यह कोर्स भी साथ में कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद नौकरी की संभावनाएं सरकारी व प्राइवेट क्षेत्र में बहुत हैं। नौकरी लगने के बाद कम से कम सैलरी 50 हजार प्रतिमाह मिलती है।
- प्रो. गुरमीत सिंह, विभाग अध्यक्ष, हिंदी विभाग पीयू