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पंजाब यूनिवर्सिटी में काम किए हुए शिक्षकों की नहीं हुई पास्ट सर्विस काउंट, अब हाईकोर्ट जाएंगे

Tue, 22 Oct 2019 11:06 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 22 Oct 2019 11:06 AM IST
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past service count of teachers worked in punjab university chandigarh
फाइल फोटो
पंजाब विश्वविद्यालय में पूर्व में काम किए हुए शिक्षकों की भी पास्ट सर्विस काउंट नहीं हुई है। ऐसे शिक्षकों की संख्या 30 से अधिक है। इन सभी में आक्रोश है। वह नवंबर माह में प्रोटेस्ट करेंगे। जरूरत पड़ने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। पीयू में पास्ट सर्विस काउंट का लाभ लेने के लिए दो प्रकार के शिक्षक सामने आए।
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इसमें एक वह शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने पूर्व में भी पीयू में ही काम किया है और दूसरे शिक्षक ऐसे हैं, जो दूसरे संस्थानों में काम करके पीयू में नौकरी करने आए। पीयू में ही काम कर चुके एक से दो शिक्षकों की पास्ट सर्विस काउंट कर ली गई, लेकिन बड़ी संख्या में अन्य शिक्षक वंचित रह गए। सूत्रों का कहना है कि जिनकी सर्विस काउंट की गई है, उसमें ऊंची पहुंच वाले शिक्षक शामिल हैं।
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इसके कारण वंचित शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने पीयू प्रशासन को चेतावनी दी है कि वह जल्द से जल्द पास्ट सर्विस का लाभ दें अन्यथा वह सड़कों पर उतरेंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन की ओर से भी समस्या समाधान का आश्वासन नहीं मिल पाया। वहीं,दूसरी ओर दूसरे संस्थानों में काम करके पीयू में नौकरी करने आए शिक्षकों में भी आक्रोश है।
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वह भी इन्हीं शिक्षकों के साथ प्रोटेस्ट करेंगे। आरोप है कि कमेटियों पर कमेटियां बनाई जा रही हैं, यह केवल इन प्रकरण को लंबित करने के लिए हैं। 25 से 28 साल बाद भी शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाया है। खड़े हुए सवालों को लेकर यही शिक्षक हाईकोर्ट भी पहुंचेंगे।

शिक्षकों की समस्या को ध्यान में रखा गया है। कुछ कमियां सिस्टम में आ रही हैं, उन्हें दुरुस्त करने के बाद शिक्षकों को लाभ दिया जाएगा।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई पीयू

 
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