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ये कैसा डर: तीन साल के बच्चे भी स्कूल जा रहे, पंजाब यूनिवर्सिटी अब भी स्नातक छात्रों को कोरोना से डरा रही

Fri, 12 Nov 2021 11:45 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 12 Nov 2021 11:45 AM IST
सार

कैंपस खोलने के लिए छात्रों से लेकर शिक्षकों तक ने प्रदर्शन किया है। पूर्व सीनेटरों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया, पर पीयू केवल आश्वासन देती रही। हालांकि एक माह से पीजी के कुछ विभागों को खोलने का क्रम जारी है।

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Panjab University is Still Not Opening Campus For Students 
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक माह से तीन साल के बच्चे लगातार स्कूल जा रहे हैं लेकिन पंजाब विश्वविद्यालय स्नातक छात्रों को कैंपस नहीं बुला रही है। उन्हें कोरोना का डर बताया जा रहा है। परास्नातक के भी सभी छात्रों को अभी तक नहीं बुलाया जा सका है। इससे छात्रों से लेकर अभिभावकों में आक्रोश है। शिक्षकों को भी ऑनलाइन कक्षा में अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। चारों ओर से दबाव पड़ने के बाद भी पीयू अपने दरवाजे छात्रों के लिए पूरी तरह नहीं खोल रही। इससे पीयू की अफसरशाही पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पीयू की इस मंशा को कई नाम भी दिए जा रहे हैं।

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कोरोना के कारण पीयू मार्च 2020 में बंद हो गई थी। लगभग दो साल होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक पूरा कैंपस खोलने पर विचार नहीं किया गया। चंडीगढ़ में प्ले स्कूल से लेकर इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज तक खुल गए। हर दिन बच्चे व विद्यार्थी स्कूल-कॉलेजों में जा रहे हैं। पीयू के छात्रों को भी उम्मीद थी कि कोरोना का डर कैंपस में जाकर खत्म हो जाएगा, लेकिन पीयू उल्टा कोरोना का डर दिखाकर कैंपस नहीं खोल रही।
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कैंपस खोलने के लिए छात्रों से लेकर शिक्षकों तक ने प्रदर्शन किया है। पूर्व सीनेटरों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया, पर पीयू केवल आश्वासन देती रही। हालांकि एक माह से पीजी के कुछ विभागों को खोलने का क्रम जारी है। ये छात्र पीजी अंतिम वर्ष के हैं। जानकारों का कहना है कि पीयू के विद्यार्थी समझदार हैं और वे अपनी सुरक्षा कर सकते हैं, इसलिए जल्द से जल्द कैंपस खोलना चाहिए।


जब सभाएं, रैलियां हो रही हैं तो कैंपस क्यों नहीं खोल रही पीयू
पीयू के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय इसलिए नहीं खोला जा रहा कि छात्र आएंगे तो कोरोना फैल जाएगा जबकि हर दिन कई राज्यों में सभाएं व रैलियां हो रही हैं। कहीं पर 30 तो कहीं पर 50 हजार लोग इकट्ठा हो रहे हैं। देश में अधिकतर विश्वविद्यालय खुल गए हैं तो पीयू क्यों दरवाजे बंद कर रही है। इसके कारण शिक्षकों व छात्रों की समझ से परे हैं। वे इसका अर्थ कुछ अलग निकाल रहे हैं। बताया जाता है कि छात्रों की संख्या बढ़ेगी तो तमाम मांगों के लिए संघर्ष शुरू हो सकता है जो अफसर नहीं चाहते।

ये है पीयू की थ्योरी
पीजी के विद्यार्थी शोध से जुड़े होते हैं। ऐसे में उनको पहले बुलाया जा रहा है। अधिकतर पीजी के विद्यार्थी कैंपस आ चुके हैं। बाकी को बुलाने के लिए भी योजना बन रही है।

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