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पीयू में वोट का खेल, प्रचार और धरनेबाजी का दौर शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:54 PM IST
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PU Election 2016
- फोटो : Amar ujala
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पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) छात्र काउंसिल चुनाव सितंबर के दूसरे सप्ताह में संभावित है। छात्र नेताओं ने वोट बैंक मजबूत करना शुरू कर दिया है। साथ ही परिसर में प्रचार और धरनों का दौर भी शुरू हो चुका है। अभी तक चुप बैठे छात्र नेताओं ने अधिक वोट वाले विभाग के विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
छात्र नेता ऐसे विभागों की समस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी करने लगे हैं , जिन विभागों में वोटर की संख्या सबसे अधिक है। पीयू के यूआईईटी विभाग में 3000, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में 750 से 800, तीन वर्षीय लॉ में 700, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग(यूआईसीईटी) में 650 और बीडीएस 300 वोटर शामिल हैं
सोमवार सुबह एक छात्र संगठन ने यूआईईटी विद्यार्थियों को स्पेशल चांस दिलाने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब 3000 से अधिक वोट बैंक वाले इस विभाग पर सभी छात्र संगठनों की नजर है। यूआईईटी के वोट ही पीयू छात्र संगठन की जीत और हार का फैसला करते हैं। एक दूसरे के विरोध में खड़े होने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्(एबीवीपी) नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) और स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(सोई) ने मिलकर यूआईईटी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर एक साथ धरना और नारेबाजी की।
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उधर दोपहर बाद इन छात्र संगठनों ने पीयू के लॉ विभाग( पांच वर्षीय) यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज(यूआईएलएस) के बाहर भी मिड सेमेस्टर परीक्षा लेने के मुद्दे को लेकर नारेबाजी की। यहां पर भी पीयू के बड़े छात्र संगठन वोट बैंक का माइलेज लेने के लिए एक साथ नारेबाजी में शामिल हो गए।
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छात्र नेता ऐसे विभागों की समस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी करने लगे हैं , जिन विभागों में वोटर की संख्या सबसे अधिक है। पीयू के यूआईईटी विभाग में 3000, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में 750 से 800, तीन वर्षीय लॉ में 700, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग(यूआईसीईटी) में 650 और बीडीएस 300 वोटर शामिल हैं
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सोमवार सुबह एक छात्र संगठन ने यूआईईटी विद्यार्थियों को स्पेशल चांस दिलाने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब 3000 से अधिक वोट बैंक वाले इस विभाग पर सभी छात्र संगठनों की नजर है। यूआईईटी के वोट ही पीयू छात्र संगठन की जीत और हार का फैसला करते हैं। एक दूसरे के विरोध में खड़े होने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्(एबीवीपी) नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) और स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(सोई) ने मिलकर यूआईईटी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर एक साथ धरना और नारेबाजी की।
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उधर दोपहर बाद इन छात्र संगठनों ने पीयू के लॉ विभाग( पांच वर्षीय) यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज(यूआईएलएस) के बाहर भी मिड सेमेस्टर परीक्षा लेने के मुद्दे को लेकर नारेबाजी की। यहां पर भी पीयू के बड़े छात्र संगठन वोट बैंक का माइलेज लेने के लिए एक साथ नारेबाजी में शामिल हो गए।
आदेशों की अनदेखी कर विभागों में हो रहा चुनाव प्रचार
PU Campus 2016
- फोटो : Amar ujala
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में अभी 15 से अधिक दिन का समय है, लेकिन छात्र संगठनों ने विभागों में जाकर कैंपेनिंग शुरू कर दी है। पीयू प्रशासन द्वारा कक्षाओं में कैंपेन करने पर पूरी तरह पाबंदी है। छात्र संगठन पीयू प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। छात्र नेता यूआईईटी और लॉ विभाग सहित अन्य बड़े विभागों में कक्षाओं के बीच में ही कैंपेन कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री के दौरे से चुनाव तिथि में हो सकता है बदलाव
पीयू प्रशासन ने यूटी प्रशासन से 9 सितंबर को छात्र काउंसिल चुनाव करवाने का अनुरोध किया है। इस प्रस्ताव पर सिर्फ यूटी पुलिस से क्लीयरेंस बाकी है। सूत्रों के अनुसार 8 या 9 सितंबर को शहर में एक केंद्रीय मंत्री का दौरा संभावित बताया जा रहा है। ऐसे में चुनाव की तिथि 6 सितंबर भी हो सकती है। लेकिन अभी इसपर कोई फैसला नहीं हुआ है।
छात्र नेताओं की थाने में हुई पेशी
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव से पहले चंडीगढ़ पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। चुनावों में हिंसा रोकने के लिए सभी छात्र संगठन नेताओं को पुलिस ने सख्त हिदायत दी है। सोमवार दोपहर बाद सेक्टर-11 थाने में पीयू के सभी छात्र नेताओं की पुलिस अधिकारियों के सामने पेशी थी। पुलिस ने छात्र नेताओं को शहर या पीयू में बिना इजाजत पोस्टर लगाने या हिंसक वारदातों से दूर रहने को सचेत किया है।
केंद्रीय मंत्री के दौरे से चुनाव तिथि में हो सकता है बदलाव
पीयू प्रशासन ने यूटी प्रशासन से 9 सितंबर को छात्र काउंसिल चुनाव करवाने का अनुरोध किया है। इस प्रस्ताव पर सिर्फ यूटी पुलिस से क्लीयरेंस बाकी है। सूत्रों के अनुसार 8 या 9 सितंबर को शहर में एक केंद्रीय मंत्री का दौरा संभावित बताया जा रहा है। ऐसे में चुनाव की तिथि 6 सितंबर भी हो सकती है। लेकिन अभी इसपर कोई फैसला नहीं हुआ है।
छात्र नेताओं की थाने में हुई पेशी
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव से पहले चंडीगढ़ पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। चुनावों में हिंसा रोकने के लिए सभी छात्र संगठन नेताओं को पुलिस ने सख्त हिदायत दी है। सोमवार दोपहर बाद सेक्टर-11 थाने में पीयू के सभी छात्र नेताओं की पुलिस अधिकारियों के सामने पेशी थी। पुलिस ने छात्र नेताओं को शहर या पीयू में बिना इजाजत पोस्टर लगाने या हिंसक वारदातों से दूर रहने को सचेत किया है।