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पीयू सिंडिकेट: 15 सीटों में से 13 पर नवदीप गोयल ग्रुप का कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Dec 2017 09:34 AM IST
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Panjab University syndicate
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट के सोमवार को चुनाव हुए। छह फैकल्टी की 15 सीटों में से 13 पर नवदीप गोयल ग्रुप का कब्जा हुआ, जबकि दो सीटें अशोक गोयल ग्रुप ने जीतीं। हालांकि नवदीप गोयल ग्रुप ने बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन पिछली दफा से उनकी दो सीट कम हो गईं।
पहले सभी 15 सीटों पर इस ग्रुप ने क्लीन स्वीप किया था। खास बात है कि इस ग्रुप ने जो 13 सीट पर कब्जा किया, उसमें से 11 तो निर्विरोध ही जीत ली। अशोक गोयल मेडिकल फैकल्टी से अपनी सीट तो जीत गए, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) की अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल हार गईं। प्रो. गिल अशोक गोयल ग्रुप से चुनावी मैदान में थीं और उनकी जीत-हार को लेकर सभी की नजरें थी।
चुनाव में प्रो. नवदीप गोयल और अशोक गोयल ग्रुप के बीच टक्कर थी, लेकिन अशोक गोयल ग्रुप ने सिर्फ लैंग्वेज और मेडिकल फैकल्टी की चार सीट पर ही उम्मीदवार खड़े किए। लैंग्वेज में इस ग्रुप से दो सीटें जीतने के लिए केशव मल्होत्रा और प्रवीन गोयल मैदान में थे, लेकिन जीते सिर्फ मल्होत्रा। जबकि मेडिकल से अशोक गोयल खुद और प्रो. राजेश गिल मैदान में थे, लेकिन जीते सिर्फ अशोक गोयल। नवदीप गोयल ग्रुप ने साइंस, कंबाइंड फैकल्टी, ऑर्ट्स और लॉ फैकल्टी की सभी 11 सीटें बगैर चुनाव के कब्जाईं। जबकि लैंग्वेज फैकल्टी की दो सीट जीतने के लिए सुभाष शर्मा और अजय रंगा को मैदान में उतारा, लेकिन रंगा हार गए और शर्मा ही जीत सके।
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पहले सभी 15 सीटों पर इस ग्रुप ने क्लीन स्वीप किया था। खास बात है कि इस ग्रुप ने जो 13 सीट पर कब्जा किया, उसमें से 11 तो निर्विरोध ही जीत ली। अशोक गोयल मेडिकल फैकल्टी से अपनी सीट तो जीत गए, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) की अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल हार गईं। प्रो. गिल अशोक गोयल ग्रुप से चुनावी मैदान में थीं और उनकी जीत-हार को लेकर सभी की नजरें थी।
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चुनाव में प्रो. नवदीप गोयल और अशोक गोयल ग्रुप के बीच टक्कर थी, लेकिन अशोक गोयल ग्रुप ने सिर्फ लैंग्वेज और मेडिकल फैकल्टी की चार सीट पर ही उम्मीदवार खड़े किए। लैंग्वेज में इस ग्रुप से दो सीटें जीतने के लिए केशव मल्होत्रा और प्रवीन गोयल मैदान में थे, लेकिन जीते सिर्फ मल्होत्रा। जबकि मेडिकल से अशोक गोयल खुद और प्रो. राजेश गिल मैदान में थे, लेकिन जीते सिर्फ अशोक गोयल। नवदीप गोयल ग्रुप ने साइंस, कंबाइंड फैकल्टी, ऑर्ट्स और लॉ फैकल्टी की सभी 11 सीटें बगैर चुनाव के कब्जाईं। जबकि लैंग्वेज फैकल्टी की दो सीट जीतने के लिए सुभाष शर्मा और अजय रंगा को मैदान में उतारा, लेकिन रंगा हार गए और शर्मा ही जीत सके।
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पुरानी सिंडिकेट से दो, जबकि 13 चेहरे नए
Panjab University syndicate
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह मेडिकल फैकल्टी की दो सीट जीतने के लिए रजत संधीर और आरके महाजन को मैदान में उतारा। महाजन रि-पोल के बाद जीते। नवदीप गोयल ग्रुप भाजपा, डीएवी और चतरथ ग्रुप को साथ लेकर मैदान में था, जबकि अशोक गोयल ने पूटा के सहयोग से चुनाव लड़ा, लेकिन सभी फैकल्टी ने लड़ने के बजाय सिर्फ दो ही जगह जोर लगाया।
सिर्फ एक वोट से जीते केशव
लैंग्वेज विभाग से जीते अशोक गोयल ग्रुप के केशव मल्होत्रा को सिर्फ एक वोट से जीत मिली। उन्हें 19 वोट मिले जबकि नवदीप गोयल ग्रुप के सुभाष शर्मा को 20 वोट मिले। अशोक गोयल ग्रुप से हारे प्रवीन गोयल को 14 और नवदीप ग्रुप के अजय रंगा को 18 वोट मिले। लैंग्वेज के अलावा मेडिकल फैकल्टी में चुनाव हुआ। विजेता आरके महाजन को 21 और अशोक गोयल को 20 वोट मिले, जबकि पूटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल को 16 वोट मिले।
पुरानी सिंडिकेट से दो, जबकि 13 चेहरे नए
अब चुनी गई सिंडिकेट में पिछली के मुकाबले 13 चेहरे नए हैं। सिर्फ प्रो. नवदीप गोयल और सुभाष शर्मा ही ऐसे हैं, जो पिछली सिंडिकेट में भी थे। नई सिंडिकेट का कार्यकाल एक जनवरी से शुरू होकर 31 दिसंबर 2018 तक रहेगा। मौजूदा सिंडिकेट का अभी 31 दिसंबर तक यानी 13 दिन का कार्यकाल बाकी है।
सिर्फ एक वोट से जीते केशव
लैंग्वेज विभाग से जीते अशोक गोयल ग्रुप के केशव मल्होत्रा को सिर्फ एक वोट से जीत मिली। उन्हें 19 वोट मिले जबकि नवदीप गोयल ग्रुप के सुभाष शर्मा को 20 वोट मिले। अशोक गोयल ग्रुप से हारे प्रवीन गोयल को 14 और नवदीप ग्रुप के अजय रंगा को 18 वोट मिले। लैंग्वेज के अलावा मेडिकल फैकल्टी में चुनाव हुआ। विजेता आरके महाजन को 21 और अशोक गोयल को 20 वोट मिले, जबकि पूटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल को 16 वोट मिले।
पुरानी सिंडिकेट से दो, जबकि 13 चेहरे नए
अब चुनी गई सिंडिकेट में पिछली के मुकाबले 13 चेहरे नए हैं। सिर्फ प्रो. नवदीप गोयल और सुभाष शर्मा ही ऐसे हैं, जो पिछली सिंडिकेट में भी थे। नई सिंडिकेट का कार्यकाल एक जनवरी से शुरू होकर 31 दिसंबर 2018 तक रहेगा। मौजूदा सिंडिकेट का अभी 31 दिसंबर तक यानी 13 दिन का कार्यकाल बाकी है।
इन्होंने जीता चुनाव
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- फोटो : अमर उजाला
साइंस फैकल्टी
1. प्रभजीत सिंह
2. एसएस सांगा
3. अमित जोशी
कंबाइंड फैकल्टी
1. सतीश शर्मा
2. अनिता कौशल
3. नवदीप गोयल
आर्ट्स फैकल्टी
1. अमिर सुलताना
2. रोनकी राम
3. संजय टंडन
लैंग्वेज फैकल्टी
1. केशव मल्होत्रा
2. सुभाष शर्मा
लॉ फैकल्टी
1. गुरजोत सिंह मल्ही
2. इंद्रपाल सिद्धू
मेडिकल फैकल्टी
1. आरके महाजन
2. अशोक गोयल
1. प्रभजीत सिंह
2. एसएस सांगा
3. अमित जोशी
कंबाइंड फैकल्टी
1. सतीश शर्मा
2. अनिता कौशल
3. नवदीप गोयल
आर्ट्स फैकल्टी
1. अमिर सुलताना
2. रोनकी राम
3. संजय टंडन
लैंग्वेज फैकल्टी
1. केशव मल्होत्रा
2. सुभाष शर्मा
लॉ फैकल्टी
1. गुरजोत सिंह मल्ही
2. इंद्रपाल सिद्धू
मेडिकल फैकल्टी
1. आरके महाजन
2. अशोक गोयल