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पंजाब यूनिवर्सिटी के 250 शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक चेयरमैन ने डाली पोर्न वीडियो, हंगामा
Fri, 03 Apr 2020 12:28 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 03 Apr 2020 12:28 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पूरा विश्व इस समय कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। कोई संदेश लिखकर लोगों को जागरूक कर रहा है तो कोई लोगों को राशन बांट रहा है। देश के भविष्य के बारे में सोचा जा रहा है, लेकिन पीयू के एक व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ ओर ही चल रहा है। पीयू में शिक्षकों की ओर से चार साल पहले बनाए गए इस ग्रुप में एक विभाग के चेयरमैन ने पोर्न वीडियो डाल दी। जैसे ही महिला व पुरुष शिक्षकों ने देखा तो हंगामा खड़ा हो गया।
पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल को पता लगा तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और उनका कड़ा संदेश एडमिन प्रो. रवि महाजन ने ग्रुप में डाला। संदेश में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कार्रवाई की बात सामने आते ही जिम्मेदारों ने ग्रुप को डिलीट कर दिया। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है। अब वह शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद जांच शुरू होगी।
बिखर गया परिवार की तरह पीयू कंसर्न ग्रुप
चार साल पहले प्रो. रवि महाजन ने व्हाट्सएप ग्रुप पीयू कंसर्न नाम से बनाया। यह ग्रुप शिक्षकों की सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए बनाया गया था। साथ ही लोगों को अधिक से अधिक जानकारी शेयर करने के लिए किया गया था।
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इस ग्रुप पर लोगों की समस्याओं का भी निस्तारण होता था। समय-समय पर इस ग्रुप के एडमिन बढ़ते रहे। आज संख्या इसकी एक दर्जन से अधिक पहुंच गई है। इस ग्रुप के पीयू के एक पूर्व वीसी भी एडमिन हैं। यह ग्रुप बेहतर काम कर रहा था। मर्यादा भी इसकी बनी हुई थी।
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पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल को पता लगा तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और उनका कड़ा संदेश एडमिन प्रो. रवि महाजन ने ग्रुप में डाला। संदेश में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कार्रवाई की बात सामने आते ही जिम्मेदारों ने ग्रुप को डिलीट कर दिया। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है। अब वह शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद जांच शुरू होगी।
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बिखर गया परिवार की तरह पीयू कंसर्न ग्रुप
चार साल पहले प्रो. रवि महाजन ने व्हाट्सएप ग्रुप पीयू कंसर्न नाम से बनाया। यह ग्रुप शिक्षकों की सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए बनाया गया था। साथ ही लोगों को अधिक से अधिक जानकारी शेयर करने के लिए किया गया था।
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इस ग्रुप पर लोगों की समस्याओं का भी निस्तारण होता था। समय-समय पर इस ग्रुप के एडमिन बढ़ते रहे। आज संख्या इसकी एक दर्जन से अधिक पहुंच गई है। इस ग्रुप के पीयू के एक पूर्व वीसी भी एडमिन हैं। यह ग्रुप बेहतर काम कर रहा था। मर्यादा भी इसकी बनी हुई थी।
मामला दबाने के लिए डाली गईं कई अन्य पोस्ट
31 मार्च को दोपहर में एक विभाग के चेयरमैन ने पीयू कंसर्न ग्रुप पर एक वीडियो डाल दी। जैसे ही लोगों ने उसे देखा तो वह पोर्न वीडियो निकली। देखते ही देखते सैकड़ों शिक्षकों को पता लग गई। इस ग्रुप में 50 फीसदी महिला शिक्षक भी हैं। उसके बाद हंगामा खड़ा हो गया। कुछ लोगों ने इस वीडियो को नजरअंदाज करने के लिए कुछ पोस्ट भी डाले ताकि मामला दब जाए।
हालांकि इस दौरान ग्रुप बनाने वाले प्रो. रवि महाजन ने चेयरमैन को इस ग्रुप से बाहर कर दिया। मामला बढ़ता जा रहा था। आखिर में यह ग्रुप डिलीट कर दिया गया। यह प्रकरण पूरे पीयू में चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही संबंधित चेयरमैन पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। सूत्रों का कहना है कि इस ग्रुप से पीयू प्रशासन के भी कुछ अधिकारी जुड़े हुए हैं।
उन्हें इस बात का पता नहीं लग पाया, लेकिन जैसे ही ग्रुप डिलीट किया तो उनके पास संदेश पहुंचा। उन्होंने जानकारी जुटाने की कोशिश की कि इतना पुराना ग्रुप डिलीट कैसे किया गया। पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
हालांकि इस दौरान ग्रुप बनाने वाले प्रो. रवि महाजन ने चेयरमैन को इस ग्रुप से बाहर कर दिया। मामला बढ़ता जा रहा था। आखिर में यह ग्रुप डिलीट कर दिया गया। यह प्रकरण पूरे पीयू में चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही संबंधित चेयरमैन पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। सूत्रों का कहना है कि इस ग्रुप से पीयू प्रशासन के भी कुछ अधिकारी जुड़े हुए हैं।
उन्हें इस बात का पता नहीं लग पाया, लेकिन जैसे ही ग्रुप डिलीट किया तो उनके पास संदेश पहुंचा। उन्होंने जानकारी जुटाने की कोशिश की कि इतना पुराना ग्रुप डिलीट कैसे किया गया। पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
गलती एक की, 250 शिक्षकों को मिली सजा
पीयू कंसर्न ग्रुप से 250 से अधिक शिक्षक जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप के जरिये शिक्षकों को तमाम जानकारियां मिलती थीं जो उनकी समस्याओं के निस्तारण में काम आ रही थी। लोग एक-दूसरे के सुख-दुख का भी इसके जरिये पता लगा लेते थे, लेकिन अब ग्रुप डिलीट कर दिया गया। कुछ शिक्षकों का कहना है कि गलती एक की है लेकिन 250 शिक्षकों को सजा मिली है।
यह ग्रुप सभी के लिए खास था। इस ग्रुप का संचालन फिर से होना चाहिए। शिक्षकों ने यह भी बात कही है कि वीडियो गलती से अगर डल गया तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए था, गलती हर किसी से होती है लेकिन वह वीडियो वहीं पर पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि महिला शिक्षकों में वीडियो को लेकर लेकर आक्रोश है। वह कार्रवाई की मांग कर रही हैं। अब यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है।
व्हाट्सएप ग्रुप इंटरनल दोस्तों के लिए बनाया गया था। उसमें पोर्न वीडियो जैसे कोई बात नहीं थी। फिलहाल ग्रुप को डिलीट कर दिया गया है।
- प्रो. रवि महाजन, ग्रुप एडमिन, पीयू कंसर्न
यह ग्रुप सभी के लिए खास था। इस ग्रुप का संचालन फिर से होना चाहिए। शिक्षकों ने यह भी बात कही है कि वीडियो गलती से अगर डल गया तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए था, गलती हर किसी से होती है लेकिन वह वीडियो वहीं पर पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि महिला शिक्षकों में वीडियो को लेकर लेकर आक्रोश है। वह कार्रवाई की मांग कर रही हैं। अब यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है।
व्हाट्सएप ग्रुप इंटरनल दोस्तों के लिए बनाया गया था। उसमें पोर्न वीडियो जैसे कोई बात नहीं थी। फिलहाल ग्रुप को डिलीट कर दिया गया है।
- प्रो. रवि महाजन, ग्रुप एडमिन, पीयू कंसर्न