{"_id":"59169d704f1c1bf2078517dd","slug":"now-you-can-apply-pu-hostel-online","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"PU में लेना चाहते हैं हॉस्टल तो अब ऑनलाइन करें आवेदन, देखिए ये है प्रोसेस","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
PU में लेना चाहते हैं हॉस्टल तो अब ऑनलाइन करें आवेदन, देखिए ये है प्रोसेस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 14 May 2017 09:22 AM IST
विज्ञापन
Panjab University
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल अब ऑनलाइन अलॉट होंगे। यूनिवर्सिटी ने अपने पास मौजूद सारा डाटा वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। डाटा अपलोड होने के बाद पता चल सकेगा कि कौन कितने समय से हॉस्टल में है। इससे सीधा फायदा उन स्टूडेंट्स को होगा जो साल भर हॉस्टल के लिए भटकते रहते हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना को तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
पीयू में लड़कों के लिए आठ और लड़कियों के लिए नौ हॉस्टल हैं। एक हॉस्टल फोरेन के स्टूडेंट्स के लिए है। पीयू में हमेशा से ही हॉस्टल के लिए मारामारी रहती है। स्टूडेंट्स हॉस्टल अलॉट कराने के लिए भटकते रहते थे। इतने हॉस्टल होने के बावजूद कई स्टूडेंट्स को कमरा नहीं मिल पाता था।
यह आती थी समस्या
सूत्रों के मुताबिक कई स्टूडेंट अर्से से हॉस्टल के कमरों पर कब्जा जमाए रहते हैं। पीयू रिकॉर्ड में हॉस्टल बुक दर्शाता रहता था। वहीं कुछ जरूरतमंद स्टूडेंट्स हॉस्टल की सुविधा से महरूम रह जाते थे। अकसर ऐसे भी मामले पकड़े गए कि ऐसे स्टूडेंट के नाम पर हॉस्टल अलॉट होता था जो खुद तो वहां नहीं रहता, लेकिन उसके सगे साथी वहां रहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीयू में लड़कों के लिए आठ और लड़कियों के लिए नौ हॉस्टल हैं। एक हॉस्टल फोरेन के स्टूडेंट्स के लिए है। पीयू में हमेशा से ही हॉस्टल के लिए मारामारी रहती है। स्टूडेंट्स हॉस्टल अलॉट कराने के लिए भटकते रहते थे। इतने हॉस्टल होने के बावजूद कई स्टूडेंट्स को कमरा नहीं मिल पाता था।
विज्ञापन
यह आती थी समस्या
सूत्रों के मुताबिक कई स्टूडेंट अर्से से हॉस्टल के कमरों पर कब्जा जमाए रहते हैं। पीयू रिकॉर्ड में हॉस्टल बुक दर्शाता रहता था। वहीं कुछ जरूरतमंद स्टूडेंट्स हॉस्टल की सुविधा से महरूम रह जाते थे। अकसर ऐसे भी मामले पकड़े गए कि ऐसे स्टूडेंट के नाम पर हॉस्टल अलॉट होता था जो खुद तो वहां नहीं रहता, लेकिन उसके सगे साथी वहां रहते थे।
विज्ञापन
अब यह होगा सिस्टम
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़।
- फोटो : डेमो फोटो
अब यह होगा सिस्टम
अब सभी हॉस्टलों का रिकार्ड ऑनलाइन हो गया है। स्टूडेंट दाखिला लेते वक्त अपना हॉस्टल चुन सकेगा और उसकी फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। इस सिस्टम से स्टूडेंट को पता रहेगा कि किस हॉस्टल में कितने कमरे हैं और उसे कहां चाहिए।
हालांकि मनपसंद का हॉस्टल लेने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है क्योंकि पीयू प्रबंधन अकसर क्लास और स्ट्रीम के मुताबिक हॉस्टल अलॉट करता है। फिर भी स्टूडेंट अपनी पसंद बता सकेगा। साथ ही स्टूडेंट्स को बार-बार यह पूछने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे कि हॉस्टल में जगह बनी या नहीं।
यह योजना छात्रों के लिए फायदेमंद है। अब वे खुद ही देख सकेंगे कि हॉस्टल में जगह है या कितनी वेटिंग लिस्ट चल रही है। इसके लिए सभी विभागों में वेबसाइट का लिंक दिया जाएगा।
- प्रो. इमेनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू
अब सभी हॉस्टलों का रिकार्ड ऑनलाइन हो गया है। स्टूडेंट दाखिला लेते वक्त अपना हॉस्टल चुन सकेगा और उसकी फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। इस सिस्टम से स्टूडेंट को पता रहेगा कि किस हॉस्टल में कितने कमरे हैं और उसे कहां चाहिए।
हालांकि मनपसंद का हॉस्टल लेने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है क्योंकि पीयू प्रबंधन अकसर क्लास और स्ट्रीम के मुताबिक हॉस्टल अलॉट करता है। फिर भी स्टूडेंट अपनी पसंद बता सकेगा। साथ ही स्टूडेंट्स को बार-बार यह पूछने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे कि हॉस्टल में जगह बनी या नहीं।
यह योजना छात्रों के लिए फायदेमंद है। अब वे खुद ही देख सकेंगे कि हॉस्टल में जगह है या कितनी वेटिंग लिस्ट चल रही है। इसके लिए सभी विभागों में वेबसाइट का लिंक दिया जाएगा।
- प्रो. इमेनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू