पीएचडी के लिए पीयू के 30 डिपार्टमेंट में खाली नहीं सीटें, नेट और जेआरएफ वालों को भी जगह नहीं
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पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से पीएचडी और एमफिल प्रवेश परीक्षा 30 विभागों में नहीं ली जाएगी। यह परीक्षा एक जुलाई को होनी है। सीटें खाली नहीं होने के कारण यह हालात बन गए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में विभिन्न 78 विभाग हैं। अधिकतर विषय के प्रोफेसर के पास सीटें भरी हुई हैं। इस कारण वह नेट और जेआरएफ के स्टूडेंट्स को पीएचडी और एमफिल के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं।
पीयू के समाज शास्त्र से जुडे़ विभागों में तो सीटें सभी पिछले वर्ष भर ली गई। साइंस विभागों में पहले नेट और जेआरएफ को प्राथमिकता दी जाती रही है। जो स्टूडेंट्स टॉपर भी होंगे उन्हें अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा।
इन विभागों का भी बुरा हाल
पीयू में मास कम्यूनिकेशन विभाग में पीएचडी के लिए एंट्रेस नहीं रखा गया। यही हालात फैशन टेक्नोलॉजी के हैं। वहां सीटें भरी बताई जा रही है। फार्मा साइंस में सिर्फ फेलोशिप वाले स्टूडेंट्स लेने वाले का हवाला दिया गया है। ज्योग्राफी, लाइब्रेरी साइंस और सोशल वर्कडिपार्टमेंट में परीक्षा
लैग्वेज फैकेल्टी में भी ऐसे कई विभाग हैं जहां परीक्षा नहीं ली जा रही है। इसमें रशियन और जर्मन विभाग भी है। इसके अलावा लैविसोग्राफी में भी सीट नहीं है।
जेआरएफ, नेट क्लीयर को भी नहीं मिलेगी सीट
पीयू के सोशोलॉजी विभाग में इस बार पांच स्टूडेंट्स का नेट और जेआरएफ क्लीयर हुआ है। बिना सीटों के इस साल पीएचडी नहीं कर पाएंगे। विभाग में 90 से ज्यादा स्कॉलर हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि विभाग ने पिछले साल इतने रजिस्ट्रेशन किए हैं अब सीट नहीं नहीं बची हैं।
किसी भी विभाग ने वेबसाइट पर यह नहीं बताया कि पिछले साल कुल कितनी रजिस्ट्रेशन में पीएचडी में हुई। ज्यादातर विभागों ने साल 2016 के बाद की रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा नहीं डाला है। पीयू में साइंस के 24 विभाग हैं। हालात यह है कि इस साल करीब 8 से 10 विभाग ऐसे हैं जहां एंट्रेस नहीं होगी। इन विभागों में फारेंसिक साइंस, सेंटर फार मेडिकल फिजिक्स, नैनो साइंस, न्यूक्लियर मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ शामिल है।
प्रोफेसर रंजीत संधीर ने बताया कि, पीएचडी की सीटें खाली नहीं हैं। इससे दिक्कत आ रही है, लेकिन इन्हें दूर किया जाएगा। जेआरएफ स्टूडेंट्स को मौका दिया जाएगा। सीटों का आवंटन सही तरीके से किया जाएगा। सिंडिकेट की मीटिंग में इसकी मुहर लग चुकी है। पीएचडी में सीट नहीं मिलने पर स्टूडेंट्स शिकायत कर सकते हैं।