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विद्यार्थियों के बाद अब शिक्षक भी ‘फेल’, चंडीगढ़ में एक भी टीचर को नहीं मिला नेशनल अवार्ड
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 26 Aug 2018 04:09 PM IST
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पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर टीचर्स को दिल्ली में मिलने वाले नेशनल अवार्ड में इस बार चंडीगढ़ के एक भी शिक्षक का नाम शामिल नहीं है। आवेदन फार्मा की छंटनी के बाद अवार्ड के लिए प्रशासन ने केवल एक शिक्षक के नाम का प्रपोजल भेजा था लेकिन केंद्रीय एजुकेशनल चयन बोर्ड के मानकों पर यह नाम भी खरा नहीं उतरा सका। बताया जाता है कि बीते दस वर्षों में पहली बार सिटी ब्यूटीफुल के शिक्षक नेशनल अवार्ड से वंचित रहेंगे।
नेशनल अवार्ड के लिए शहर से करीब दो दर्जन से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद पहले दौर में प्रशासन स्तर पर छंटनी हुई। इसके लिए चंडीगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में जिला सेलेक्शन कमेटी का गठन किया गया। दूसरे स्तर की छंटनी स्टेट सेलेक्शन कमेटी स्तर पर की गई। जिला स्तर और फिर प्रशासन स्तर पर मंथन के बाद एक शिक्षक के नाम का प्रपोजल बनाकर केंद्रीय एजुकेशनल चयन बोर्ड को भेजा गया था लेकिन प्रशासन ने जिस शिक्षक के नाम का प्रपोजल केंद्रीय शिक्षा बोर्ड को भेजा था, वह केंद्रीय चयन बोर्ड के मानकों पर खरा नही उतर पाया।
बता दें कि पिछले साल तक चंडीगढ़ से दो शिक्षकों को नेशनल अवार्ड मिलता रहा है लेकिन इस बार केंद्र की ओर से सिर्फ एक ही शिक्षक के नाम का प्रपोजल भेजने की बात कही गई थी। नेशनल अवार्ड पहले एक शिक्षक प्राइमरी क्लास से होता था और दूसरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से होता था। अब नए सिस्टम के तहत दोनों स्तरों में से एक ही शिक्षक का नाम नेशनल अवार्ड के लिए चुने जाने का प्रावधान किया गया था।
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पूरे देश से 45 शिक्षकों का चयन नेशनल अवार्ड के लिए किया गया है। लिस्ट में चंडीगढ़ के किसी भी शिक्षक का नाम नहीं है।
- अनुजीत कौर, जिला शिक्षाधिकारी
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नेशनल अवार्ड के लिए शहर से करीब दो दर्जन से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद पहले दौर में प्रशासन स्तर पर छंटनी हुई। इसके लिए चंडीगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में जिला सेलेक्शन कमेटी का गठन किया गया। दूसरे स्तर की छंटनी स्टेट सेलेक्शन कमेटी स्तर पर की गई। जिला स्तर और फिर प्रशासन स्तर पर मंथन के बाद एक शिक्षक के नाम का प्रपोजल बनाकर केंद्रीय एजुकेशनल चयन बोर्ड को भेजा गया था लेकिन प्रशासन ने जिस शिक्षक के नाम का प्रपोजल केंद्रीय शिक्षा बोर्ड को भेजा था, वह केंद्रीय चयन बोर्ड के मानकों पर खरा नही उतर पाया।
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बता दें कि पिछले साल तक चंडीगढ़ से दो शिक्षकों को नेशनल अवार्ड मिलता रहा है लेकिन इस बार केंद्र की ओर से सिर्फ एक ही शिक्षक के नाम का प्रपोजल भेजने की बात कही गई थी। नेशनल अवार्ड पहले एक शिक्षक प्राइमरी क्लास से होता था और दूसरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से होता था। अब नए सिस्टम के तहत दोनों स्तरों में से एक ही शिक्षक का नाम नेशनल अवार्ड के लिए चुने जाने का प्रावधान किया गया था।
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पूरे देश से 45 शिक्षकों का चयन नेशनल अवार्ड के लिए किया गया है। लिस्ट में चंडीगढ़ के किसी भी शिक्षक का नाम नहीं है।
- अनुजीत कौर, जिला शिक्षाधिकारी