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500 विश्वविद्यालयों के हजारों शिक्षकों को पीयू के वीसी राजकुमार ने दिया न्यू ईयर का तोहफा, देखें

Sat, 22 Dec 2018 01:53 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 22 Dec 2018 01:53 PM IST
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New Year Gift of Promotion via Phd Increament to Thousand of Professors of 500 Universities of India
Professor
पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार ने देश भर के हजारों शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट के जरिये नए साल का तोहफा दिया है। यूजीसी में वर्षों से इसको लेकर पेंच फंसा हुआ था, जो वीसी ने एक ही दिन में यूजीसी जाकर निकाल दिया। अब शिक्षकों के प्रमोशन चार साल में हो सकेंगे। अब तक छह साल में प्रमोशन हो रहे थे। साथ ही पीएचडी की डिग्रियों पर तलवार भी लटकी हुई थी। पीयू के शिक्षकों की मांग पर वीसी ने यह कदम उठाया। पीयू के जरिये ही देश के अन्य 500 विश्वविद्यालयों के हजारों शिक्षकों को इसका लाभ मिल गया। अब वीसी पीएचडी इंक्रीमेंट के बाद शिक्षकों को एरियर दिलाने की तैयारी कर रहे हैं।
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ये था मामला
यूजीसी ने गाइड लाइन जारी कर दी थी कि वर्ष 2009 से पहले की जितने भी पीएचडीधारी शिक्षक हैं उन्हें इंक्रीमेंट का लाभ नहीं मिलेगा। पुराने तरीकों से पीएचडी की गई थीं। साथ ही उन डिग्रियों पर सवाल भी उठ रहे थे। इसके चलते इन शिक्षकों का प्रमोशन चार साल की जगह छह साल में हो रहा था। साथ ही इंक्रीमेंट भी नहीं लग रहा था। प्रमोशन में भी कई तरह की बाधाएं आ रही थीं। देशभर के इन शिक्षकों ने आवाज उठाई, लेकिन मामला शॉर्टआउट नहीं हो पा रहा था। यूजीसी भी अपनी गाइड लाइन पर ही अड़ा हुआ था। पीयू के भी लगभग 200 शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे थे। हाईकोर्ट में भी यह मामला चल रहा था। इसी बीच पीयू में वीसी के पद पर बीएचयू के मैनेजमेंट के प्रो. राजकुमार को नियुक्त किया गया और इन शिक्षकों के लिए नए रास्ते खुल गए। तीन ही माह में पीयू को यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई।
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इस तरह मिली कामयाबी
सूत्रों के मुताबिक वीसी प्रो. राजकुमार का केंद्र सरकार में अच्छा खासा दखल है। मंत्रियों में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सबसे बड़ी बात यह है कि यूजीसी के चेयरमैन डॉ. डीपी सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पहले वाइस चांसलर रहे हैं और उनके साथ प्रो. राजकुमार ने कार्य किया है। प्रो. राजकुमार उनके काफी करीबी हैं। बताते हैं कि उन्हीं संबंधों के जरिये उन्होंने हजारों शिक्षकों को यह तोहफा दिलाया। हालांकि यूजीसी में उन्होंने शिक्षकों को यह पक्ष रखा तो उसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी ने गाइड लाइनों की फिर जांच की और शिक्षकों के हित में निर्णय लिया। इससे पहले वीसी प्रो. राजकुमार ने चांसलर एवं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी मिलकर यह मामला रखा था और उसके बाद रास्ते खुलते गए।
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वीसी की इस तरह हुई वाह-वाह
सीनेट की बैठक में भले ही कई मामलों को लेकर विरोध हुआ हो, लेकिन सीनेट के शिक्षक सदस्यों ने वीसी प्रो. राजकुमार का दिल से धन्यवाद किया। पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल ने शिक्षकों की ओर से आभार जताया। वहीं प्रो. अजय रंगा, प्रो. डीपी रंधावा ने कहा कि यह कार्य वीसी ने नहीं बल्कि प्रो. राजकुमार ने अपने संबंधों के जरिये कराया है। यह अपने में बड़ा काम है। देशभर के हजारों शिक्षकों को यह लाभ मिला है।

 
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