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पीयू में बड़ा फेरबदल, गोयल और नंदिता को DSW पद से हटाया

Sat, 29 Oct 2016 10:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 29 Oct 2016 10:59 PM IST
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Navdeep Goel and Nandita removed from DSW office
VC Arun Grover On PU - फोटो : File Photo
 पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में शनिवार को बड़ा फेरबदल हुआ। वीसी के करीबी डीएसडब्ल्यू नवदीप गोयल समेत दो डीन स्टूडेंट वेलफेयर को पद से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए।
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वाइस चांसलर ने पीयू में छात्र व छात्राओं के डीन  स्टूडेंट वेलफेयर को तत्काल  प्रभाव से बदल दिया है। फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर नवदीप गोयल की जगह यूआईईटी के प्रोफेसर जितेंद्र गोस्वामी को अस्थाई  तौर पर छात्रों की डीएसडब्ल्यू बनाया गया है। वहीं, छात्राओं की डीन  प्रोफेसर नंदिता की जगह  प्रोफेसर नीना कपिलाश को डीएसडब्ल्यू बनाया गया है। नीना कपिलाश को स्थाई तौर पर तीन साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है। 
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सूत्रों का कहना है कि कुछ दिन पहले  डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर नवदीप गोयल और नंदिता सिंह ने वीसी अरुण र्र्गोवर से मिलकर पद मुक्त करने की मांग की थी। उनकी इस बात को मान लिया गया है। माना जा रहा है कि  प्रोफेसर जितेंद्र गोस्वामी की  अस्थाई नियुक्ति है। जब तक सिंडिकेट की बैठक नहीं होती तभी तक  गोस्वामी इस  पद  पर रहेंगे। इस पद को लेकर  चतरथ गुट व अशोक गोयल गुट  में खींचतान चल रही है। चतरथ व यूनिवर्सिटी ग्रुप  की ओर से इस  पद  पर प्रोफेसर योगराज अंगरीश को लगाने की कोशिशें हो रही हैं।
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नवदीप को सिंडीकेट की मंजूरी के बगैर एक्सटेंशन देने पर उठे थे सवाल

Navdeep Goel and Nandita removed from DSW office
Panjab University - फोटो : File Photo
नवदीप पर भ्रष्टाचार का आरोप
नवदीप गोयल वीसी अरुण ग्रोवर के काफी नजदीकी माना जाता है। लेकिन पिछली दो सीनेट और सिंडीकेट की बैठकों में अशोक गोयल ने उनके खिलाफ कई आरोप लगाए थे। प्रो. नवदीप गोयल पर आरोप है हॉस्टलों के लिए सामान की खरीद फरोख्त का ठेका उन्होंन अपने भाई को दे दिया।

जिसमें सामान से लेकर मशीन तक की खरीदारी में लाखों की गड़बड़ी की गई। अशोक गोयल ने नवदीप गोयल को डीएसडब्ल्यू पद पर एक्सटेंशन देने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि  नवदीप गोयल को सिंडिकेट की  मंजूरी के बिना कैसे एक्सटेंशन दे दी गई,  जबकि उनका कार्यकाल काफी पहले ही खत्म हो चुका है। इस मामले को लेकर वीसी पर भारी दबाव बनता जा रहा था। चूंकि एक नवंबर से नई सीनेट कार्यभार संभालेगी इसी के चलते वीसी ने आनन फानन में दोनों को हटाकर नए डीएसडब्ल्यू की नियुक्ति कर दी ।
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