पर्यावरण प्रेमियों ने चिट्ठी भेज लगाए आरोप, कहा- पौधे लगा रहे हैं, भविष्य की योजना नहीं बनाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 29 Jul 2019 11:01 AM IST
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पीयू के अफसर अपनी गलतियों से सबक नहीं ले रहे हैं। बरसात में जहां तहां पौधे रोप जा रहे हैं। आरोप है कि इसके लिए फ्यूचर प्लानिंग नहीं देखी गई। भविष्य में निर्माण होगा तो इन पेड़ों पर आरी चलेगी। इसको लेकर कई पर्यावरण प्रेमियों ने पीयू वीसी प्रो. राजकुमार को चिट्ठी भेजी है। कहा है कि पहले मास्टर प्लान को देखते और उसके बाद पौधरोपण करवाते। पीयू के आंकड़ों को देखें तो 150 से अधिक प्रजातियों के चार हजार से अधिक पेड़ लगे हैं।
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अब पीयू प्रशासन ने कैंपस को ईको फ्रेंडली बनाने के लिए 25 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है, जो अब तक का सर्वाधिक है। जानकारों का कहना है कि पीयू प्रशासन को यह देखना चाहिए था कि अगले दस साल की प्लानिंग क्या है, कहां पर भवन, बिल्डिंग व सड़कें बनेंगी यह देखना चाहिए था और उसके बाद ही पौधरोपण किया जाना था। सेक्टर- 17 निवासी ओमेंद्र प्रताप सिंह और राजेश शर्मा ने शिकायत में कहा है कि बिना प्लानिंग के जो पौधे लगाए जा रहे हैं उन पर भविष्य में आरी चलने की संभावना है।


ऐसे में पीयू अपने कैंपस को ईको फ्रेंडली नहीं बना सकेगा। उन्होंने यह सवाल भी उठाया है कि 25 हजार पेड़ अचानक पीयू को लगाने की कैसे याद आई? पिछले 50 वर्षों में अब तक चार हजार पेड़ जिंदा है। 25 हजार पेड़ कहां लगेंगे और इनकी सुरक्षा कैसे होगी? यह भी नहीं देखा गया। पेड़ों के बहाने से खेल करने की तैयारी चल रही है। हालांकि यह जांच का विषय है।

पार्किंग के लिए कटे थे पेड़

पिछले एक दशक में पीयू में आधा दर्जन से अधिक पार्किंग बनाई गई थी। इसके लिए लगभग सात एकड़ में लगे पेड़ों पर आरी चलाई गई। सैकड़ों पेड़ कटे थे। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा है कि उस दौरान भी पेड़ बिना फ्यूचर प्लानिंग के लगाए गए थे। अब भी वही गलती की जा रही है। पीयू प्रशासन के कुछ अधिकारी केवल फोटो खिंचवाने के लिए ही पौधरोपण करवा रहे हैं। यह भी सवाल उठाए हैं कि जो पौधे लग रहे हैं उनसे पीयू व वहां के कैंपस को क्या लाभ मिलेगा यह भी देखा जाना चाहिए।

हॉर्टिकल्चर विभाग जो भी पौधे लगाता है वह फ्यूचर प्लानिंग के तहत ही लगाता है। पौधरोपण से पहले प्लान तैयार किया गया है।
- अनिल ठाकुर, इंजीनियर, उद्यान विभाग पीयू
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