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पीयू में सेमिनार में बोले विशेषज्ञ- पाक मिलिट्री तानाशाह, बेनकाब करने से निकलेगा कश्मीर का हल

Tue, 19 Mar 2019 11:18 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 19 Mar 2019 11:18 AM IST
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National Seminar in Punjab University on Pulwama Terror Attack, Air Strike, Pakistan
सेमिनार में बोलते रक्षा विशेषज्ञ
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान पस्त हो गया। इससे दोनों देशों में बढ़े तनाव पर पीयू के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन विभाग व थिंक टैंक ने नेशनल सेमिनार का आयोजन किया। इसमें निष्कर्ष निकला कि पाकिस्तान की मिलिट्री तानाशाह है। इसके लिए वहां की सेना को बेनकाब करना होगा। तभी कश्मीर मुद्दे का हल निकल सकता है। वहां की सेना नहीं चाहती कि इस मुदृदे का हल हो। वह शांति का समर्थन नहीं करती। मिलिट्री ही पूरा देश चला रही है। यहां तक की इमरान खान को पीएम बनाने में भी पूरा हाथ मिलिट्री का रहा है।
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सेमिनार का शुभारंभ पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने किया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के अलग से होने से काफी आर्थिक क्षति हुई थी। पहले पाक की जीडीपी अधिक थी, लेकिन पाकिस्तान यूनाइटेड नहीं रह पाया। आज उसके कारनामे पूरी दुनिया के सामने हैं। वहां की कानूनी व्यवस्था हो या फिर प्रशासनिक, उसमें स्थायित्व नहीं है। इसके विपरीत भारत ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आ सकता। पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला।
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विभाग अध्यक्ष डॉ. जसकरन सिंह वारिच ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रो. कौशिक ने कहा कि पाक की राजनीति कमजोर है। वहां की मिलिट्री ही राजनीति चलाती है। वहां की सेना तानाशाही पर उतारू है। वह खुद नहीं चाहती कि कश्मीर मुद्दे का हल हो। विशेषज्ञ डॉ. शालिनी चावला ने कहा कि 1971 में भी भारत ने एलओसी क्रॉस नहीं की थी। एयर स्ट्राइक नहीं की थी, लेकिन इस बार बेहतरीन ढंग से कार्य करके दुश्मन देश को सबक सिखाया गया है। आखिर में सभी विशेषज्ञों ने कहा कि इंडिया की सेना हर समय तैयार रहे।
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