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डीएसडब्ल्यू प्रकरण: पीयू के सीनेट की बैठक के चलते 60 से अधिक शिक्षकों के नहीं हो पाएंगे प्रमोशन

Mon, 23 Sep 2019 12:40 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 23 Sep 2019 12:40 PM IST
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More Than 60 Teachers Promotions Postphoned due to DSW Controversy in Punjab University
फाइल फोटो
डीएसडब्ल्यू प्रकरण को लेकर 28 सितंबर को होने जा रही सीनेट की बैठक के चलते पीयू के 60 से अधिक शिक्षकों के प्रमोशन प्रभावित होंगे। इससे शिक्षकों में आक्रोश है। इसका मुख्य कारण यह है कि वीसी सीनेट की बैठक में शामिल होंगे और  ऐसे में वह शिक्षकों के इंटरव्यू में नहीं हो पाएंगे, लिहाजा इसकी तारीख आगे बढ़ानी पड़ेगी।  शिक्षकों का कहना है कि पीयू प्रशासन को हाईकोर्ट में अपील करनी चाहिए थी कि 28 सितंबर को पहले से प्रमोशन का कार्यक्रम तय है, जो करिअर से जुड़ा है। इसको लेकर सभी तैयारियां भी पूरी हो गई हैं।
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इस बेस पर हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शिक्षकों का कहना है कि पीयू के पास अभी भी समय है, हाईकोर्ट में अपील करके शिक्षकों के हित में निर्णय ले। सीनेट की बैठक दो से चार दिन आगे भी हो सकती है। बता दें एक माह पहले ही असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर्स के प्रमोशन के लिए इंटरव्यू डेट 28 व 29 सितंबर रखी गई थी। 60 से अधिक शिक्षकों को इसमें शामिल होना है जो अपनी तैयारियों में लगे हैं। बताया जाता है कि इस इंटरव्यू में चांसलर के प्रतिनिधि, तीन विषय विशेषज्ञ, एमएचआरडी के प्रतिनिधि और वाइस चांसलर रहेंगे।
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बाहर से आने वाले सभी प्रतिनिधि अपना टिकट आदि करा चुके हैं। साथ ही वह अन्य कार्यों को टालते हुए इस इंटरव्यू में हिस्सा लेंगे। अब तक लगभग सभी तैयारियां हो गई। इसी बीच सीनेट की बैठक 28 सितंबर को करने के आदेश पीयू को मिले तो पीयू ने उसी दिन इसे फाइनल कर दिया। शिक्षकों का कहना है कि उनको बड़ा नुकसान होगा। मानसिक रूप से वह प्रभावित होंगे। साथ ही आने वाले प्रतिनिधियों आदि को भी टिकट कैंसिल कराने होंगे। ऐसी स्थिति में पीयू को हाईकोर्ट में अपील करनी चाहिए कि सीनेट की बैठक दो से चार दिन आगे की जा सकती है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि राहत मिलेगी। पीयू को हाईकोर्ट में अपील करने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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डीएसडब्ल्यू के लिए कई नाम सामने आए

डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर के नाम पर वीसी प्रो. राजकुमार ने पहले ही आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। सीनेट की बैठक में प्रो. नाहर के नाम पर चर्चा होगी, लेकिन फिर से नौबत आ सकती है। ऐसे में इस पद के लिए अन्य नामों को सीनेट में रखा जा सकता है।

इसमें डेंटल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. जगत भूषण, यूआईईटी से प्रो. हरीश कुमार, प्रो. जितेंद्र ग्रोवर, प्रो. एमसी सिद्धू प्रो. कृष्ण मोहन, फिजिकल एजुकेशन से प्रो. दलविंदर, प्रो. गुरमीत, यूआईईटी से प्रो. अमरिंदर आदि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इन नामों पर अधिकांश सीनेटरों की सहमति बन सकती है।

पुटा लिखित में दे पत्र तो बन सकती है बात
शिक्षकों के तमाम मामले पुटा उठाती है। प्रमोशन वाले शिक्षकों का कहना है कि यदि पुटा लिखित में वीसी को चिट्ठी दे और शिक्षकों के इस दर्द को बयां करे तो वीसी कार्यालय हाईकोर्ट में सीनेट की बैठक दो से चार दिन आगे करवाने का अनुरोध कर सकता है। शिक्षकों का कहना है कि पुटा को आगे आना चाहिए और वीसी को चिट्ठी देनी चाहिए।

वीसी से हमने शिक्षकों के प्रमोशन के इंटरव्यू 28 व 29 सितंबर को होने पर बात की थी। कहा था कि 28 को सीनेट भी है, ऐसे में शिक्षकों के हित में रास्ता निकालें, लेकिन उन्होंने कहा कि वह भी मजबूर हैं।
- प्रो. राजेश गिल, अध्यक्ष पुटा

पुटा को शिक्षकों के मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है। तभी पहल नहीं की गई। यदि वीसी को शिक्षकों की समस्या लिखित रूप में बताई जाती और हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाता तो शिक्षकों को प्रमोशन का समय से लाभ मिल सकता है।
- डॉ. अजय रंगा, सीनेटर

शिक्षकों का प्रमोशन महत्वपूर्ण होता है और समय पर होना चाहिए। इससे एकेडमिक करिअर जुड़ता है, लेकिन सीनेट की बैठक के कारण इंटरव्यू प्रभावित हो रहा है तो शिक्षकों को दुख होगा।
- डॉ. प्रवीन गोयल, सीनेटर
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