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इस यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों को दिया ऐसा झटका, अगले सेमेस्टर में एडमिशन मुश्किल
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:44 AM IST
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परीक्ष्ाा, स्टूूडेंट्स
- फोटो : amar ujala
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देश की एक यूनिवर्सिटी ने अपने हजारों छात्रों को इतना बड़ा झटका दिया है कि अब उन्हें अगले सेमेस्टर में एडमिशन नहीं मिलेगा। एमडीयू रोहतक में स्टूडेंट्स को तीसरे सेमेस्टर यानी कि द्वितीय वर्ष में दाखिले के लिए पहले सेमेस्टर के 50 फीसदी पेपरों में पास होना अनिवार्य होगा। इससे कम पेपर में पास है तो उन्हें तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एमडीयू के इस फैसले से बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रभावित होंगे।
दरअसल एमडीयू में रि-अपीयर आए छात्रों के दाखिले के लिए कोई सख्त नियम नहीं था। यदि विद्यार्थी के प्रथम सेमेस्टर के सभी पेपरों में री है तो भी उसे तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश मिल जाता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। रि-अपीयर के विद्यार्थियों को लेकर यूनिवर्सिटी ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों का मानना है कि रि-अपीयर के विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
ऐसे में यह फैसला लिया गया है कि तीसरे सेमेस्टर में उन विद्यार्थियों को ही दाखिला दिया जाए, जिन्होंने प्रथम सेमेस्टर में 50 फीसदी पेपर पास किए हैं। यदि प्रथम सेमेस्टर में छह पेपर हैं तो तीसरे सेमेस्टर में आने के लिए विद्यार्थी को तीन पेपर पास करने अनिवार्य होंगे। यूनिवर्सिटी का यह फैसला सही है या फिर गलत वह तो अधिकारी ही जानते होंगे, लेकिन इस फैसले से बड़ी संख्या में रि-अपीयर के विद्यार्थी प्रभावित होंगे। ऐसे में काफी संख्या में विद्यार्थी तीसरे सेमेस्टर में दाखिला ही नहीं ले सकेंगे। इसे लेकर कॉलेजों में भी पत्र जारी कर दिया गया है।
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दरअसल एमडीयू में रि-अपीयर आए छात्रों के दाखिले के लिए कोई सख्त नियम नहीं था। यदि विद्यार्थी के प्रथम सेमेस्टर के सभी पेपरों में री है तो भी उसे तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश मिल जाता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। रि-अपीयर के विद्यार्थियों को लेकर यूनिवर्सिटी ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों का मानना है कि रि-अपीयर के विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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ऐसे में यह फैसला लिया गया है कि तीसरे सेमेस्टर में उन विद्यार्थियों को ही दाखिला दिया जाए, जिन्होंने प्रथम सेमेस्टर में 50 फीसदी पेपर पास किए हैं। यदि प्रथम सेमेस्टर में छह पेपर हैं तो तीसरे सेमेस्टर में आने के लिए विद्यार्थी को तीन पेपर पास करने अनिवार्य होंगे। यूनिवर्सिटी का यह फैसला सही है या फिर गलत वह तो अधिकारी ही जानते होंगे, लेकिन इस फैसले से बड़ी संख्या में रि-अपीयर के विद्यार्थी प्रभावित होंगे। ऐसे में काफी संख्या में विद्यार्थी तीसरे सेमेस्टर में दाखिला ही नहीं ले सकेंगे। इसे लेकर कॉलेजों में भी पत्र जारी कर दिया गया है।
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पिछले सत्र में विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था आदेश
admission
यूनिवर्सिटी ने यह फैसला पहली बार नहीं लिया है। पिछले सत्र में भी यूनिवर्सिटी ने यह फैसला लागू करने की कोशिश की थी। लेकिन इसके लागू होते ही छात्र संगठन विरोध में उतर गए थे। छात्र संगठनों का तर्क था कि ऐन वक्त पर यह जानकारी दी गई। लगातार विरोध होने के बाद यूनिवर्सिटी ने यह आदेश वापस ले लिया था।
कॉलेजों को सूचित कर दिया
तीसरे सेमेस्टर में दाखिले के लिए प्रथम सेमेस्टर के 50 फीसदी पेपर पास करने होंगे। इससे कम पेपर पास करने वाले विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश नहीं मिलेगा। कॉलेजों को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षा नियंत्रक एमडीयू।
फैसला छात्र हित में नहीं
पिछली बार भी यूनिवर्सिटी ने यह शर्त लगाई गई थी। यह शर्त छात्रों के हित में नहीं है। इससे हजारों संख्या में छात्र प्रभावित होंगे और दाखिले से वंचित रह सकते हैं। इसे लेकर कुलपति से मुलाकात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।
- प्रदीप देशवाल, प्रदेशाध्यक्ष इनसो
कॉलेजों को सूचित कर दिया
तीसरे सेमेस्टर में दाखिले के लिए प्रथम सेमेस्टर के 50 फीसदी पेपर पास करने होंगे। इससे कम पेपर पास करने वाले विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश नहीं मिलेगा। कॉलेजों को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षा नियंत्रक एमडीयू।
फैसला छात्र हित में नहीं
पिछली बार भी यूनिवर्सिटी ने यह शर्त लगाई गई थी। यह शर्त छात्रों के हित में नहीं है। इससे हजारों संख्या में छात्र प्रभावित होंगे और दाखिले से वंचित रह सकते हैं। इसे लेकर कुलपति से मुलाकात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।
- प्रदीप देशवाल, प्रदेशाध्यक्ष इनसो