फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   mci approved gmch 32 mbbs course seats for five years

MBBS कोर्स करना चाहतें हैं तो पढ़ें खुशखबरी, अब 5 साल के लिए 100 सीटें

Fri, 09 Mar 2018 06:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 09 Mar 2018 06:05 PM IST
विज्ञापन
mci approved gmch 32 mbbs course seats for five years
mbbs
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) की एमबीबीएस की 100 सीटें अगले पांच साल के लिए मंजूर कर दी हैं। इससे पहले सिर्फ एक साल के लिए मंजूरी मिलती थी। हर साल एमसीआई कॉलेज का निरीक्षण के बाद ही 100 सीटों की मंजूरी मिलती थी।
विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डा. बीएस चवन ने बताया कि डाक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों और उनके पैरेंट्स के लिए यह एक बड़ी राहत है क्योंकि  एडमिशन शुरू होने से पहले असमंजस की स्थिति बनी रहती थी कि सीटें 50 होंगी या 100, मगर कॉलेज के प्रोफेसर और स्टाफ के निरंतर प्रयास यह संभव हो पाया है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि साल 2013 में एमबीबीएस की सौ सीटों के पहले बैच ने एडमिशन लिया था। दिसंबर 2017 में इस बैच की जब परीक्षा चल रही थी तब एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया। एमसीआई ने छात्रों की परफार्मेंस और माहौल की जांच की। दोबारा, जनवरी में निरीक्षण हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस दौरान टीचिंग, क्लास रूम, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, फैकल्टी मेंबर, लैब की जांच की जो सब कुछ उनके पैमाने के मुताबिक ठीक निकला। दोनों निरीक्षण के बाद एमसीआई ने एमबीबीएस की 100 सीटें पांच साल के लिए मंजूर कर दी हैं।


एमबीबीएस की 150 सीटों करने के चल रहे हैं प्रयास
डायेरक्टर प्रिंसिपल प्रोफेसर डा. बीएस चवन ने बताया कि एमबीबीएस की 100 सीटें पूरी होने के बाद अब 150 सीटें करने का प्रयास चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। एमसीआई की ओर से इस पर गहन विचार चल रहा है। प्रो. चवन ने बताया कि एमसीआई की ओर से सकारात्मक संदेश आए हैं। पूरी उम्मीद है कि जीएमसीएच 32 को 150 सीटें मंजूर हो जाएंगी, जो डाक्टरी की पढ़ाई करने वालों के लिए बड़ी जीत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed