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नया कोर्सः अब स्टरैटजिक एचआर विषय से भी कर सकेंगे एमबीए, इस यूनिवर्सिटी ने की पहल
Tue, 29 Jan 2019 10:40 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Jan 2019 10:40 AM IST
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया नया कोर्स
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एमबीए करना चाहते हैं, तो अब आपके लिए एक नया विषय स्टरैटजिक एचआर आ गया है। इसमें एक यूनिवर्सिटी ने कोर्स शुरू किया है। सेक्टर 31 के सीआईआई में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घड़ूआं ने सोसायटी फार ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएचआरएम) के सहयोग से स्टरैटजिक एचआर के क्षेत्र में 2 साल की एमबीए की डिग्री लांच की है।
उत्तरी भारत में अपनी किस्म का पहला एमबीए प्रोग्राम है जो साझे के तौर पर राज्य की अग्रणी यूनिवर्सिटी और 165 से अधिक देशों में विश्व की सब से बड़ी एचआर प्रोफेशनल सोसायटी एसएचआरएम द्वारा शुरू किया जा रहा है। इस समझौते के बाद अब एचआर के क्षेत्र में कैरियर बनाने वाले छात्रों को दूसरे देशों में जॉब पाने में कोई समस्या नहीं होगी।
इस मौके पर एसएचआरएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अचल खन्ना ने कहा कि एसएचआरएम की अकादमिक पहल का उद्देश्य शिक्षा, योग्यता, मूल्यांकन तथा इंटरनशिप के ज़रिये बढ़िया दर्जे के एचआर तैयार करना है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भविष्य के लिए बेहतर एचआर प्रोफेशनलों के विकास के लिए काफी निवेश कर रही हैं।
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट डीपी सिंह ने कहा कि बदलते समय के साथ एक संस्था में एचआर विभाग की भूमिका को अधिक महत्ता भी मिलने लग गई है। पैनल डिस्कशन के दौरान विचार रखते हुए सीनियर डायरेक्टर पूजा अटल सिंह ने कहा एचआर प्रोफेशनलों को उनके निजी हुनर को हासिल करने की ज़रूरत है, जो संगठन एवं पेशेवर में एक पुल के रूप में काम कर सकते हो।
इस मौके पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. आरएस बावा ने कहा कि एचआर प्रोफेशनलों के लिए रोजगार में इजाफा हो रहा है। यह वृद्धि साल 2026 तक हर साल 7 प्रतिशत की दर के साथ जारी रहेगी। इस मौके पर काफी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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उत्तरी भारत में अपनी किस्म का पहला एमबीए प्रोग्राम है जो साझे के तौर पर राज्य की अग्रणी यूनिवर्सिटी और 165 से अधिक देशों में विश्व की सब से बड़ी एचआर प्रोफेशनल सोसायटी एसएचआरएम द्वारा शुरू किया जा रहा है। इस समझौते के बाद अब एचआर के क्षेत्र में कैरियर बनाने वाले छात्रों को दूसरे देशों में जॉब पाने में कोई समस्या नहीं होगी।
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इस मौके पर एसएचआरएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अचल खन्ना ने कहा कि एसएचआरएम की अकादमिक पहल का उद्देश्य शिक्षा, योग्यता, मूल्यांकन तथा इंटरनशिप के ज़रिये बढ़िया दर्जे के एचआर तैयार करना है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भविष्य के लिए बेहतर एचआर प्रोफेशनलों के विकास के लिए काफी निवेश कर रही हैं।
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट डीपी सिंह ने कहा कि बदलते समय के साथ एक संस्था में एचआर विभाग की भूमिका को अधिक महत्ता भी मिलने लग गई है। पैनल डिस्कशन के दौरान विचार रखते हुए सीनियर डायरेक्टर पूजा अटल सिंह ने कहा एचआर प्रोफेशनलों को उनके निजी हुनर को हासिल करने की ज़रूरत है, जो संगठन एवं पेशेवर में एक पुल के रूप में काम कर सकते हो।
इस मौके पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. आरएस बावा ने कहा कि एचआर प्रोफेशनलों के लिए रोजगार में इजाफा हो रहा है। यह वृद्धि साल 2026 तक हर साल 7 प्रतिशत की दर के साथ जारी रहेगी। इस मौके पर काफी संख्या में छात्र मौजूद रहे।