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पीयू के कई छात्र नेता देंगे राजनीति के धुरंधरों को टक्कर
सुमित सिंह श्योराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:20 AM IST
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PU Election 2016-17
- फोटो : File Photo
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पंजाब में आगामी 4 मार्च को होने वाले विधानसभा चुनाव का महासंग्राम शुरू हो चुका है। पंजाब के चुनावी दंगल में इस बार पंजाब यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले कई तेजतर्रार युवा दिग्गजों को पटखनी देने की तैयारी में हैं।
पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले कांग्रेस ने ही पीयू से पढ़ाई कर चुके और छात्र राजनीति में रह चुके कई छात्र नेताओं को टिकट दिया है। पीयू एनएसयूआई इकाई की नेता रही एक छात्रा पर भी कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भरोसा जताया है। छात्र काउंसिल में 1993 से 95 तक प्रधान रहे कुलजीत सिंह नागरा भी पंजाब विधानसभा चुनाव मैदान में हैं। कैंपस राजनीति में दबंग छवि के नागरा ने कई ओर युवा छात्र नेताओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया है।
2006-07 सत्र में सोपू के बैनर तले स्टूडेंट काउंसिल प्रधान पर जीत हासिल करने वाले दलबीर सिंह गोल्डी पंजाब के धूरी से कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। गोल्डी ने कई साल तक पीयू कैंपस की छात्र राजनीति में खुद को स्थापित किया है। एनएसयूआई यूथ विंग पंजाब की हेड रहीं दमन बाजवा को कांग्रेस ने सुनाम से टिकट दिया है। वह पिछले कई सालों से पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में कैंपेनिंग करने के लिए कैंपस में आती रही हैं।
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सोपू से पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र काउंसिल चुनाव लड़ने वाले खुशबाज सिंह जटाना पीयू काउंसिल प्रधान की सीट तक तो नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने कैंपस में अपनी धाक जमाए रखी। जटाना पिछले क ई सालों से तलवंडी साबो विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार करने में जुटे हुए थे। शिरोमणि अकाली दल ने छात्र नेता रहे परमबंस सिंह रुमाना को फरीदकोट से टिकट मिली है। रुमाना पीयू कैंपस में स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(सोई) छात्र नेताओं के साथ रहे हैं।
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पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले कांग्रेस ने ही पीयू से पढ़ाई कर चुके और छात्र राजनीति में रह चुके कई छात्र नेताओं को टिकट दिया है। पीयू एनएसयूआई इकाई की नेता रही एक छात्रा पर भी कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भरोसा जताया है। छात्र काउंसिल में 1993 से 95 तक प्रधान रहे कुलजीत सिंह नागरा भी पंजाब विधानसभा चुनाव मैदान में हैं। कैंपस राजनीति में दबंग छवि के नागरा ने कई ओर युवा छात्र नेताओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया है।
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2006-07 सत्र में सोपू के बैनर तले स्टूडेंट काउंसिल प्रधान पर जीत हासिल करने वाले दलबीर सिंह गोल्डी पंजाब के धूरी से कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। गोल्डी ने कई साल तक पीयू कैंपस की छात्र राजनीति में खुद को स्थापित किया है। एनएसयूआई यूथ विंग पंजाब की हेड रहीं दमन बाजवा को कांग्रेस ने सुनाम से टिकट दिया है। वह पिछले कई सालों से पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में कैंपेनिंग करने के लिए कैंपस में आती रही हैं।
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सोपू से पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र काउंसिल चुनाव लड़ने वाले खुशबाज सिंह जटाना पीयू काउंसिल प्रधान की सीट तक तो नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने कैंपस में अपनी धाक जमाए रखी। जटाना पिछले क ई सालों से तलवंडी साबो विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार करने में जुटे हुए थे। शिरोमणि अकाली दल ने छात्र नेता रहे परमबंस सिंह रुमाना को फरीदकोट से टिकट मिली है। रुमाना पीयू कैंपस में स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(सोई) छात्र नेताओं के साथ रहे हैं।
पीयू कैंपस के छात्र नेता गायब ,पंजाब में डाला डेरा
PU Election Result
- फोटो : File Photo
टिकट की लाइन में अभी कई और छात्र नेता
पंजाब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अधिकतर पार्टियां अगले कुछ दिन में बची हुई सीटों पर प्रत्याशी उतार देंगी। पीयू से पढ़े और कैंपस राजनीति में सक्रिय रहे कई ओर नेताओं की नजरें टिकट पर है। पंजाब यूनिवर्सिटी में नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) को करीब 25 साल बाद जीत दिलाने वाले विरेंद्र सिंह ढिल्लों कांग्रेस की ओर से रोपड़ की टिकट के प्रबल दावेदार हैं। उधर अकाली दल से जुड़े और पीयू में सोई को खड़ा करने में अहम योगदान देने वाले रॉबिन बराड़ और विक्की मिड्डूखेड़ा भविष्य में अकाली दल के युवा उम्मीदवार होंगे।
पीयू कैंपस के छात्र नेता गायब ,पंजाब में डाला डेरा
पंजाब विधानसभा चुनाव पर पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र राजनीति और वोटर का बड़ा प्रभाव है। पीयू में पढ़ने वाले 60 से 65 फीसदी स्टूडेंट पंजाब के विभिन्न जिलों से आते हैं। कैंपस के वोटरों को रिझाने के लिए कांग्रेस, अकाली, बीजेपी की छात्र इकाइयों ने बड़े स्तर पर कैंपेन शुरू कर दी है। फिलहाल सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को लुभाया जा रहा है। उधर, पंजाब की विभिन्न राजनीति पार्टियों से जुड़े छात्र नेता अब करीब एक महीना कैंपस से दूर रहेंगे। छात्र नेताओं ने अपनी पार्टियों के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए पंजाब में डेरा डाल दिया है। एनएसयूआई छात्र नेता मनोज लबुाणा कहते हैं कि राजनीति की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए यह चुनाव काफी फायदेमंद होगा। पुसू छात्र नेता और पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रधान निशांत कौशल बताते हैं कि वह भी चुनावी प्रचार के लिए पंजाब में जा रहे हैं, लेकिन वह किसी विशेष पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे।
पंजाब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अधिकतर पार्टियां अगले कुछ दिन में बची हुई सीटों पर प्रत्याशी उतार देंगी। पीयू से पढ़े और कैंपस राजनीति में सक्रिय रहे कई ओर नेताओं की नजरें टिकट पर है। पंजाब यूनिवर्सिटी में नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) को करीब 25 साल बाद जीत दिलाने वाले विरेंद्र सिंह ढिल्लों कांग्रेस की ओर से रोपड़ की टिकट के प्रबल दावेदार हैं। उधर अकाली दल से जुड़े और पीयू में सोई को खड़ा करने में अहम योगदान देने वाले रॉबिन बराड़ और विक्की मिड्डूखेड़ा भविष्य में अकाली दल के युवा उम्मीदवार होंगे।
पीयू कैंपस के छात्र नेता गायब ,पंजाब में डाला डेरा
पंजाब विधानसभा चुनाव पर पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र राजनीति और वोटर का बड़ा प्रभाव है। पीयू में पढ़ने वाले 60 से 65 फीसदी स्टूडेंट पंजाब के विभिन्न जिलों से आते हैं। कैंपस के वोटरों को रिझाने के लिए कांग्रेस, अकाली, बीजेपी की छात्र इकाइयों ने बड़े स्तर पर कैंपेन शुरू कर दी है। फिलहाल सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को लुभाया जा रहा है। उधर, पंजाब की विभिन्न राजनीति पार्टियों से जुड़े छात्र नेता अब करीब एक महीना कैंपस से दूर रहेंगे। छात्र नेताओं ने अपनी पार्टियों के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए पंजाब में डेरा डाल दिया है। एनएसयूआई छात्र नेता मनोज लबुाणा कहते हैं कि राजनीति की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए यह चुनाव काफी फायदेमंद होगा। पुसू छात्र नेता और पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रधान निशांत कौशल बताते हैं कि वह भी चुनावी प्रचार के लिए पंजाब में जा रहे हैं, लेकिन वह किसी विशेष पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे।