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पंजाब यूनिवर्सिटी इस साल कई विश्वविद्यालयों को देगी वाइस चांसलर, अब तक कई बने वीसी

Thu, 02 Jan 2020 11:11 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 02 Jan 2020 11:11 AM IST
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Many Professors of Punjab University May Appoint Vice Chancellors of Universities
पंजाब विश्वविद्यालय परिसर - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब विश्वविद्यालय की ख्याति किसी से छिपी नहीं है। इस विश्वविद्यालय ने बड़े से बड़े नेता दिए हैं। वहीं बिजनेसमैन, सिविल सर्विसेज, न्यायाधीश समेत कई क्षेत्रों में यहां के पुराने विद्यार्थी डंका बजा रहे हैं। देशभर के विश्वविद्यालयों में यहां के प्रोफेसरों ने वाइस चांसलर बनकर ज्ञान बांटा है और कई बांट रहे हैं। इसी कड़ी में वर्तमान में दो और प्रोफेसर शामिल होने जा रहे हैं।
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के वाइस चांसलर के लिए टॉप फाइव में रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह व एचआरडीसी निदेशक प्रो. एसके तोमर का नाम शामिल हो गया है। माना जा रहा है कि इनमें से एक का चयन इस पद के लिए होगा। इसी के साथ पीयू में भी रजिस्ट्रार व एचआरडीसी निदेशक में से कोई एक पद खाली हो जाएगा, जिस पर अन्य किसी चेहरे को जगह दी जाएगी।
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शिक्षा के क्षेत्र में पीयू का नाम दूर-दूर तक है। चाहे बात शिक्षा गुणवत्ता की हो या फिर विद्यार्थियों के अनुशासन की। यहां हर चीज बड़े सलीके से होती है। सेंट्रल गवर्नमेंट से अधिकांश बजट मिलने के कारण यहां का संबंध भी केंद्र से अधिक रहता है। नेताओं का भी जुड़ाव यहां रहा है, क्योंकि किसी भी पार्टी को जब थिंक टैंक की जरूरत होती है तो यहां के शिक्षकों की वह मदद लेते हैं। यहां के शिक्षकों की पकड़ भी हर क्षेत्र में है।
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इस विश्वविद्यालय ने दो दर्जन से अधिक वाइस चांसलर अब तक दिए हैं। कुछ सेवानिवृत्त हो गए तो कुछ वर्तमान में अपनी सेवाएं अलग-अलग विश्वविद्यालयों में दे रहे हैं। पीयू के लॉ विभाग से कई वाइस चांसलर निकले हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के वीसी का पद पिछले साल खाली हुआ था। उसी के लिए रजिस्ट्रार व एचआरडीसी निदेशक प्रो. एसके तोमर ने आवेदन किया था। दोनों ही प्रोफेसर अपने-अपने क्षेत्र में माहिर हैं और टॉप फाइव में जगह बना ली है।

इससे पहले भी पीयू के  वाइस चांसलर बनने की दौड़ में भी प्रो. एसके तोमर रहे हैं। उनका शिक्षा के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह पीयू में मैथ विभाग में शिक्षक हैं। वहीं प्रो. करमजीत सिंह यूबीएस विभाग से आते हैं। इनके अलावा इस साल देश के कई विश्वविद्यालयों को नए वाइस चांसलर की आवश्यकता होगी। इसमें कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं तो कुछ राज्य विश्वविद्यालय। उस कड़ी में वाइस चांसलर पद के लिए पीयू के अन्य शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं।

उनकी हर सरकारों में अच्छी पैठ ही नहीं है बल्कि वह अपने ज्ञान से पार्टियों पर प्रभाव भी छोड़े हुए हैं। इनमें से कुछ शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने वीसी पद के लिए अप्लाई नहीं किया है, लेकिन सरकारों की उन पर नजर है, उनकी बेहतर छवि का लाभ शिक्षण संस्थानों में सरकारें ले सकती हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं, जो पीयू में पढ़ाते हुए यहीं के वीसी भी बने हैं और उन्होंने भी पीयू को आगे ले जाने के लिए भरसक प्रयास किए हैं।

ये शिक्षक भी बन सकते हैं वाइस चांसलर
- प्रो. नवदीप गोयल
- प्रो. संजय कौशिक
- प्रो. देविंदर सिंह
- प्रो. इमैनुअल नाहर
- प्रो. कृष्ण मोहन

पीयू ने दिए हैं ये वाइस चांसलर

नाम--------------------------------विश्वविद्यालय
प्रो. टंकेश्वर कुमार--------------जीजेयू हिसार
प्रो. डीएन जौहर---------------डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
प्रो. आरके कोहली------------सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा
प्रो. वीर सिंह-------------------नालसर विश्वविद्यालय हैदराबाद
प्रो. सत्यप्रकाश गौतम--------रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली
प्रो. आरसी सोबती-------------डॉ. आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ
प्रो. बीएस घुमन-----------------पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला
प्रो. परमजीत सिंह जायसवाल----एनएलयू रायपुर, एनएलयू पटियाला
प्रो. निष्ठा जायसवाल------------एनएलयू शिमला
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