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पीयू : सीनेट चुनाव कराने के लिए बनी शाखा को खत्म करने की तैयारी, कर्मचारियों के तबादले

Sun, 13 Dec 2020 05:06 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 13 Dec 2020 05:06 PM IST
सार

  • पूर्व सीनेटर मान रहे हैं चाल, बोले- चुनाव न करवाने के लिए उठाया गया ये कदम
  • पीयू का जवाब- जब जरूरत पड़ेगी कर्मचारियों को शाखा में कर देंगे शिफ्ट

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Many employees transferred from election branch in Panjab university
पंजाब यूनिवर्सिटी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव के लिए बनाई गई चुनाव शाखा को लगभग खत्म कर दिया गया है। अधिकांश कर्मचारियों के तबादले वन-वे कर दिए गए हैं। इनकी जगह किसी दूसरे कर्मचारियों को जगह नहीं दी गई। पूर्व सीनेटर इसे एक चाल मान रहे हैं। उनका तर्क है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि सीनेट चुनाव न करवाने पड़ें। पीयू प्रशासन एक और तर्क सामने रख दे कि उनके पास चुनाव करवाने वाले कर्मचारी नहीं हैं। वहीं पीयू प्रशासन ने तर्क दिया है कि कर्मचारियों की जब जरूरत होगी तो उन्हें फिर से शाखा में शिफ्ट कर देंगे।

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सीनेट हो या फिर सिंडिकेट चुनाव। यह बड़े पैमाने पर होते हैं और इसके लिए विशेष अधिकारियों व कर्मचारियों की एक अलग से शाखा बनाई गई है। इसे चुनाव शाखा कहते हैं। इसमें डिप्टी रजिस्ट्रार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, सीनियर असिस्टेंट, क्लर्क आदि होते हैं। सीनेट चुनाव को देखते हुए इस बार भी यह शाखा बनाई गई। इसी के साथ जुलाई में सीनेट चुनाव की तैयारी शुरू हो गई। 
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चुनाव का कार्यक्रम तय हो गया। 25 से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन भी करवा दिए लेकिन बाद में चुनाव स्थगित कर दिया गया। लगातार देरी होने के कारण सीनेट का कार्यकाल खत्म हो गया। अब सिंडिकेट का कार्यकाल भी 18 दिन बाद खत्म हो जाएगा। नियमानुसार सीनेट व सिंडिकेट के चुनाव होने चाहिए लेकिन इस बार अब तक नहीं करवाए गए। 
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पीयू को चुनाव तो करवाने होंगे
सूत्रों का कहना है कि भले ही पीयू अपनी जिद पर हो लेकिन सीनेट व सिंडिकेट के चुनाव तो करवाने होंगे। यह हो सकता है कि सीनेट का रिफॉर्म हो, लेकिन इसे खत्म करना आसान नहीं होगा। बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की संभावनाएं अभी नहीं बन रही हैं। केंद्र सरकार वर्तमान में किसान आंदोलन को लेकर व्यस्त है। जब यह मुद्दा हल होगा उसके बाद इस बिंदु पर एमएचए विचार करेगा। 

आंदोलन लंबा खींचा तो फिर उसी हिसाब से पीयू को भी चुनाव की तैयारी करनी होगी। हालांकि इस माह में एक कमेटी बनाने की तैयारी थी लेकिन अब सिंडिकेट के कार्यकाल के खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही कुछ निर्णय लिए जाएंगे। 

  • चुनाव शाखा से कुछ लोगों को हटाया गया है, जब उनकी वहां जरूरत महसूस होगी तो वापस भेज दिए जाएंगे। सीनेट चुनाव से इसका कोई लेना-देना नहीं है। -विक्रम नैयर, एफडीओ पीयू।
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