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Hindi News ›   Chandigarh ›   Lockdown, Coronavirus, Private Schools, Parents Against Education Department Chandigarh Decision on Fees

यूटी शिक्षा विभाग ‘राम’, प्राइवेट स्कूल ‘रावण’ की दोस्ती के मीम वायरल, अभिभावक जता रहे विरोध

Thu, 21 May 2020 12:06 PM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 21 May 2020 12:06 PM IST
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Lockdown, Coronavirus, Private Schools, Parents Against Education Department Chandigarh Decision on Fees
मीम्स वायरल - फोटो : अमर उजाला
शिक्षा विभाग की ओर से अप्रैल-मई की फीस 31 मई से पहले जमा करवाने के आदेशों का बुधवार को सोशल मीडिया पर परिजनों ने विरोध किया। लोगों ने मीम के जरिए शिक्षा विभाग को ‘राम’ और प्राइवेट स्कूल को ‘रावण’ दिखाकर नीचे की फोटो में राम-रावण खुशी खुशी हाथ मिलाकर डील/दोस्ती करते दिखाए। यह मीम फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर वायरल हुआ।
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बच्चों के हाथ में नो स्कूल-नो फीस के पोस्टर पकड़े फोटो के माध्यम से भी फैसले का विरोध किया गया। परिजनों ने बुधवार को अमर उजाला को फोन पर बताया कि स्कूलों ने तीन माह की जगह एक महीने की कुल फीस का नोटिस स्कूल वेबसाइट पर डाल दिया है, लेकिन स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा अन्य खर्चे भी फीस के साथ ही वसूल रहे हैं।
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स्कूल वेबसाइट पर कुल फीस का ब्रेक-अप नहीं दिखा रहे हैं। सेक्टर-44 के प्राइवेट स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ रही छात्रा की मां ने बताया कि स्कूल ने एनुअल चार्ज फीस के साथ ही मिला दिए हैं। जब हम कोई सर्विस नहीं ले रहे फिर स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस क्यों मांग रहा है।
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वह गृहणी हैं और उनके पति प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनके पति को कंपनी की ओर से 25 प्रतिशत तनख्वाह काट कर दी जा रही है। चंडीगढ़ में वह किराए के मकान में रहते हैं। स्कूल की तरफ से ट्यूशन के अलावा अन्य खर्चे भी देंगे तो घर कैसे चलेगा।

इसी स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के पिता एडवोकेट अदित ने कहा प्रशासन और कोर्ट स्कूल का बही-खाता देखने के बजाय परिजनों को परेशान करने में लगे हैं। उन्होंने बताया पिछले तीन महीने से कोर्ट बंद होने के कारण उनके पास काम नहीं है। उनकी दो जुड़वां बेटियां नर्सरी क्लास में हैं, जिनकी कुल फीस 11 हजार के करीब जमा करनी है, जिसमें स्कूल ट्यूशन फीस के साथ अन्य खर्चे उसी में मिलाकर ले रहे हैं।

इसी साल एंट्री क्लास में दाखिल एक बच्ची की मां ने बताया वह दाखिले के समय 30 हजार एडमिशन फीस और 4800 रुपये अप्रैल माह की फीस जमा करवा चुके हैं। हाल में वह नौकरी खोज रही हैं और उनके पति को तनख्वाह नहीं मिल रही है। बेटी को 15 में एक दिन वर्कशीट भेजी जा रही थी।

पिछले हफ्ते से जूम पर आधा घंटा क्लास लग रही है जो की फ्री एप है। मेरे बच्ची ने अभी तक अपना स्कूल देखा भी नहीं है, फिर स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा अन्य खर्चे परिजनों से किस बात के मांग रहा है। जब हमने कोई सुविधा ही नहीं ली।

प्रशासन लालची प्राइवेट स्कूल से मिलकर परिजनों का कर रहा शोषण
ट्विटर पर महेश चंद्र शर्मा ने चंडीगढ़ प्रशासन को ट्वीट कर लिखा कि 20 मार्च से आधी तनख्वाह मिल रही है। नौकरी की गारंटी नहीं है। सरकार परिजनों को भी पूरी तनख्वाह दिलाए। वहीं सौम्या रावत ने ट्वीट किया चंडीगढ़ प्रशासन लालची प्राइवेट स्कूल के साथ मिलकर परिजनों का शोषण कर रहा है। प्रशासन ने आदेश देने से पहले परिजनों की राय लेना क्यों जरूरी नहीं समझा, अधिकारियों ने परिजनों के हित में क्या किया है?
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