लॉ विभाग में ईवनिंग शिफ्ट बंद, इन्हें मार्निंग में भी नहीं मिलेगा दाखिला
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पंजाब यूनिवर्सिटी के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित डिपार्टमेंट ऑफ लॉ में दाखिले के नियम अगले सत्र से ओर भी मुश्किल होने जा रहे हैं। 30 साल से अधिक उम्र वालों को अब मर्निंग शिफ्ट में भी दाखिला नहीं मिल सकेगा।
2017 से लॉ डिपार्टमेंट में मार्निंग शिफ्ट में सिर्फ 300 स्टूडेंट्स को दाखिला मिलेगा। कुछ दिन पहले ही पंजाब यूनिवर्सिटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर 2017-18 सत्र से ईवनिंग शिफ्ट को बंद करने का फैसला ले लिया है।
नौकरी पेशा लोगों के लिए ईवनिंग कोर्स बंद होने से लॉ की डिग्री हासिल कर पाना संभव नहीं होगा। हर साल ट्राइसिटी से काफी आईएएस,आईपीएस और रिटायर्ड अधिकारी ईवनिंग शिफ्ट में लॉ की पढ़ाई करते थे।
पीयू प्रशासन ने डिपार्टमेंट ऑफ लॉ(तीन वर्षीय) में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र भी तय कर दी है। 30 साल की उम्र के बाद लॉ कोर्स में दाखिला नहीं दिया जाएगा। एससी और एसटी स्टूडेंट्स को पांच साल की छूट मिलेगी।
उधर बार काउंसिल ऑफ के निर्देश पीयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज(यूआईएलएस) पांच वर्षीय कोर्स में दाखिले के लिए 20 साल अधिकतम उम्र सीमा तय कर दी गई है।
एमफिल की सीटें होंगी कम
21 जनवरी को निर्धारित सिंडीकेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। पीयू एफिलिएटेड सभी लॉ कॉलेजों को भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आगामी सिंडीकेटमें यूथ वेलफेयर के तहत रिजर्व एक सीट के लिए नियम बदलने पर फैसला लिया जाएगा। भविष्य में इस सीट के लिए स्टूडेंट्स को सिर्फ पिछले तीन साल की उपलब्धियों को मेरिट बनाते हुए स्वीकार किया जाएगा।
सिंडीकेट में डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के बीएससी कोर्स में 2017-18 सत्र से सीटों की संख्या 29 से 30 करने पर भी फैसला होगा।
एमफिल की सीटें होंगी कम
पीयू के पंजाबी विभाग में एमफिल की सीटों को 25 से घटाकर 15 करने की तैयारी है। उधर गुरू ग्रंथ साहिब स्टडीज में भी 25 एमफिल सीटों को 10 किया जाएगा। 2017-18 सत्र के लिए सीटें कम की गई हैं।
इस संबंध में आगामी सिंडीकेट में प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। जानकारी अनुसार 16 नवंबर 2016 को स्कूल ऑफ पंजाबी स्टडीज चेयरपर्सन प्रो.उमा सेठी की अध्यत्र्क्षता में हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। भविष्य में एमफिल थीसिस का मूल्यांकन भी सिर्फ एक बाहरी एग्जामिनर से कराया जाएगा।