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पंजाब यूनिवर्सिटी के विभागों व छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं का टोटा, खाने से विद्यार्थी परेशान

Thu, 23 Jan 2020 11:12 AM IST
खुशबू गोयल कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 23 Jan 2020 11:12 AM IST
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Lack of Basic Needs and Facilities in Punjab University Departments and Hostels
पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के विभागों और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। संस्थान की कुछेक नई बिल्डिंग को छोड़कर अधिकतर विभागों और महिला छात्रावास एक व दो में रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था नहीं है। जानकारी के अनुसार पीयू में आठ दिव्यांग विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें से एक लड़र्की सरोजनी हॉल और एक लड़का ब्वॉयज हॉस्टल-4 में रह रहा है।
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ऐसे में बिना लिफ्ट और रैम्प के उन्हें ऊपर के फ्लोर में आने-जाने में परेशानी होती है। छात्रावास में लगातार शिकायतों के बाद भी चावल, चपाती और तेल की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पीयू प्रशासन नैक की ग्रेडिंग में सुधार को लेकर लगातार बैठकें कर रहा है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन विद्यार्थियों की बुनियादी मांगों को पूरा करने में असमर्थ रहा है। मार्च 2015 में नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडेशन काउंसिल (नैक) की टीम ने पीयू का दौरा कर समीक्षा की थी। इस दौरान पीयू में कई कमियां पाई गई थीं जिनमें अभी तक कोई खास सुधार नहीं आया है।
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पीयू महिला छात्रावास में रहने वाली अंजली ने बताया कि खाने की गुणवत्ता सबसे बड़ी समस्या है। खाने में निम्न श्रेणी केतेल का उपयोग किया जाता है। चावल और चपाती का स्वाद और क्वालिटी देखकर खाने का मन नहीं करता। वहीं छात्रावासों में महिला गार्डों की भी कमी है। रात के खाने में दूध आदि भी नहीं दिया जाता है।

बता दें कि पीयू ने छात्रावास के खाने की गुणवत्ता में सुधार और न्यूट्रीशियन वैल्यू को बढ़ावा देने के  लिए डाइटिशियन भी नियुक्त कर रखी है। वह लगातार छात्रावासों का दौरा करके खाने की क्वालिटी और पोषक तत्वों की जांच करती है पर इसके बावजूद कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।

पीयू के बगीचों की हालत खराब

पीयू के महिला और पुरुष छात्रावास में बनाए गए बगीचों की हालत और सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पीयू के यूआईईटी के विद्यार्थी निखिल ने बताया कि साउथ कैंपस में मैदान खाली पड़े हैं। मैदानों में न तो बगीचे बनाए जा रहे हैं और न ही उनकी सफाई करवाई जा रही है जिसके कारण वहां झाड़ियां उगी रहती हैं। इसके साथ ही वहां छात्रावास भी बने हुए हैं जिससे बारिश के समय सांप आदि आने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने बताया कि लगातार मांग के बाद वहां खाली पड़े मैदानों में आउटडोर खेल की व्यवस्था भी नहीं की गई है। इसके लिए हम पीयू खेल प्रशासन से मिलकर भी मांग कर चुके हैं।

वीसी ने नैक-2022 ग्रेडिंग में सुधार के लिए की बैठक
पीयू के वाइस चांसलर प्रो. राज कुमार ने बुधवार को हॉस्टल वार्डन, स्टूडेंट काउंसिल मेंबर, डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैन्युएल नाहर और प्रो. नीना कैपलेश, डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला, प्रो. देविंदर सिंह के साथ बैठक की। बैठक में नैक-2022 में पीयू के ग्रेड में सुधार को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर वार्डन को हॉस्टलों में वेलफेयर एक्टिविटी करवाने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-रिक्शा के लिए विद्यार्थियों को पास मुहैया करवाने, कैंपस को व्हीकल फ्री बनाने, कचरे को प्रोसेस करने व साफ-सफाई, पार्कों के रख-रखाव, ट्रैफिक कंट्रोल और पार्किंग की सुविधा इत्यादि मुद्दों को उठाया गया।

बैठक में छात्रावासों के बगीचों के लिए बागवानी विभाग से उनके सही रखरखाव के लिए मांग की गई है। इसके साथ ही छात्रावासों के डेवलपमेंट फंड को लेकर भी चर्चा की गई। वहीं छात्रावासों में सुरक्षाकर्मियों की कमी को प्रमुखता से उठाया गया।
- प्रो. इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू, पीयू
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