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पीयूः जुलाई में होने वाली परीक्षाओं का किया इनसो ने विरोध, वीसी से स्थिगित करने की गुहार
Wed, 03 Jun 2020 12:37 PM IST
खुशबू गोयल
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 03 Jun 2020 12:37 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से जुलाई माह में आयोजित होने वाली परीक्षाओं का इनसो ने विरोध किया। इनसो ने इस बारे में मंगलवार को वाइस चांसलर प्रो. राज कुमार को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा स्थगित करने की मांग की। इस दौरान छात्रों की तरफ से पीयू को कुछ सुझाव भी दिए गए। इनसो नेता नवनीत डागर ने कहा कि यूनिवर्सिटी को जमीनी हालात को देखकर निर्णय लेना चाहिए।
लॉकडाउन के बाद से स्टूडेंट्स को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई में भी स्टूडेंट्स को नेटवर्क संबंधी परेशानियां आईं। इस कारण वे कक्षाएं नहीं लगा पाए। इनसो छात्र संगठन के चेयरमैन रजत नैन ने कहा कि विश्वविद्यालय को परीक्षा के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए या परीक्षा के लिए कोई अन्य विकल्प निकालना चाहिए।
इनसो ने इन बिंदुओं पर गौर करने को कहा-
1. परीक्षा के दौरान छात्रों की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाए।
2. पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामले, परिवहन समस्या, रेड जोन के चलते स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी कैसे पहुंचेंगे।
3. आवास की समस्या : अगर स्टूडेंट्स एग्जाम देने आते हैं तो उन्हें कहां रखा जाएगा।
4. परीक्षा के बाद खराब रिजल्ट स्टूडेंट्स को गलत कदम उठाने के लिए विवश कर सकता है।
5. वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए परीक्षा संभव नहीं हैं।कई विषयों को ऑनलाइन क्लास नहीं लगी।
6. परीक्षा लेने की तुलना में जीवन को बचाना अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए इस पर गौर करें।
7. यूजीसी ने 29 अप्रैल को प्रकाशित बयान में सुझाव दिया था कि शिक्षण 31 मई तक ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग मोड़ के माध्यम से जारी रह सकता है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए स्थानीय विश्वविद्यालयों में परीक्षा से संबंधित निर्णय उनके राज्य में छोड़ दिया गया है। इस पर निर्णय लेने की जरूरत है।
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लॉकडाउन के बाद से स्टूडेंट्स को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई में भी स्टूडेंट्स को नेटवर्क संबंधी परेशानियां आईं। इस कारण वे कक्षाएं नहीं लगा पाए। इनसो छात्र संगठन के चेयरमैन रजत नैन ने कहा कि विश्वविद्यालय को परीक्षा के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए या परीक्षा के लिए कोई अन्य विकल्प निकालना चाहिए।
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इनसो ने इन बिंदुओं पर गौर करने को कहा-
1. परीक्षा के दौरान छात्रों की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाए।
2. पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामले, परिवहन समस्या, रेड जोन के चलते स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी कैसे पहुंचेंगे।
3. आवास की समस्या : अगर स्टूडेंट्स एग्जाम देने आते हैं तो उन्हें कहां रखा जाएगा।
4. परीक्षा के बाद खराब रिजल्ट स्टूडेंट्स को गलत कदम उठाने के लिए विवश कर सकता है।
5. वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए परीक्षा संभव नहीं हैं।कई विषयों को ऑनलाइन क्लास नहीं लगी।
6. परीक्षा लेने की तुलना में जीवन को बचाना अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए इस पर गौर करें।
7. यूजीसी ने 29 अप्रैल को प्रकाशित बयान में सुझाव दिया था कि शिक्षण 31 मई तक ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग मोड़ के माध्यम से जारी रह सकता है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए स्थानीय विश्वविद्यालयों में परीक्षा से संबंधित निर्णय उनके राज्य में छोड़ दिया गया है। इस पर निर्णय लेने की जरूरत है।
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