{"_id":"5dbd0d0b8ebc3e01675635c4","slug":"india-coffee-house-tender-by-punjab-university-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब यूनिवर्सिटी की अपनी प्रॉपर्टी से मुनाफा लेने की योजना कागजों तक ही सीमित, उठे सवाल","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पंजाब यूनिवर्सिटी की अपनी प्रॉपर्टी से मुनाफा लेने की योजना कागजों तक ही सीमित, उठे सवाल
Sat, 02 Nov 2019 10:29 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 02 Nov 2019 10:29 AM IST
विज्ञापन
कॉफी हाउस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की अपनी प्रॉपर्टी के जरिये अधिक मुनाफा लेने की योजना तो बनाता है, लेकिन वह कागजों तक ही सीमित हैं। यही कारण है कि चार माह से इंडिया कॉफी हाउस बंद पड़ा है, लेकिन उसका टेंडर नहीं किया गया जबकि 19 अक्तूबर को पीयू में कई दुकानों का ऑक्शन हुआ। कई शिक्षक व विद्यार्थियों का कहना है कि उसी दिन टेंडर आमंत्रित किए जाने चाहिए थे।
अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी तो विज्ञापन आदि पर अलग से पैसे खर्च होंगे। इंडिया कॉफी हाउस वर्षों से स्टूडेंट सेंटर में चला आ रहा था, लेकिन संचालक ने यह कहकर उसे छोड़ दिया कि उसका किराया दे पाना संभव नहीं हो पा रहा। वहीं पीयू प्रशासन को भी उस जगह का अधिक किराया लेना था। आखिर में कॉफी हाउस खाली हो गया।
उसके बाद कमेटियों पर कमेटियां बनाई गई ताकि कॉफी हाउस का संचालन हो, लेकिन अब तक इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई। इससे विद्यार्थियों में भी आक्रोश है। वह इसके संचालन की मांग को लेकर कभी भी प्रोटेस्ट कर सकते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह में यह पूरा प्रकरण है लेकिन वह आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी तो विज्ञापन आदि पर अलग से पैसे खर्च होंगे। इंडिया कॉफी हाउस वर्षों से स्टूडेंट सेंटर में चला आ रहा था, लेकिन संचालक ने यह कहकर उसे छोड़ दिया कि उसका किराया दे पाना संभव नहीं हो पा रहा। वहीं पीयू प्रशासन को भी उस जगह का अधिक किराया लेना था। आखिर में कॉफी हाउस खाली हो गया।
विज्ञापन
उसके बाद कमेटियों पर कमेटियां बनाई गई ताकि कॉफी हाउस का संचालन हो, लेकिन अब तक इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई। इससे विद्यार्थियों में भी आक्रोश है। वह इसके संचालन की मांग को लेकर कभी भी प्रोटेस्ट कर सकते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह में यह पूरा प्रकरण है लेकिन वह आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन