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पीयू में हॉस्टलर अब नहीं ला सकेंगे फोर व्हीलर, गेट नंबर 4 खोलकर बनाई जाएगी पार्किंग

Tue, 04 Dec 2018 03:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Dec 2018 03:05 PM IST
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Hostalers Four Wheelers Ban in Punjab University Chandigarh
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट आगे न बढ़े इसके लिए पीयू प्रशासन दिन-रात बैठकों में जुटा हुआ है। सोमवार को पीयू में फोर व्हीलर बैन को लेकर बैठक हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसका प्रभाव कुछ दिन बाद दिखना शुरू हो जाएगा। इसके लिए यूटी प्रशासन की भी मदद ली जाएगी। साथ ही पटियाला यूनिवर्सिटी में अपनाया गया ट्रैफिक मॉडल भी लागू होगा। उसके लिए प्रो. हर्षनैयर, डीन इमैनुअल नाहर, स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया वहां का दौरा करेंगी। एसएफएस ने छात्र संघ चुनाव से पहले यह घोषणा की थी कि वह सत्ता में आई तो पीयू कैंपस में फोर व्हीलर बैन कराए जाएंगे। इस मांग पर अब काम किया जा रहा है।
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सोमवार को प्रो. रोनकी राम की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इसमें फोर व्हीलर बैन करने का प्रस्ताव अधिकारियों ने स्टूडेंट लीडर्स से जाना। अध्यक्ष कनुप्रिया ने पूरा खाका रखा। उसके बाद पीयू प्रशासन ने अपना खाका स्टूडेंट के समक्ष रखा। बताया गया कि पीयू के गेट नंबर- 3 पर यूटी प्रशासन की मदद से ट्रैफिक लाइट लगवाई जाएगी, ताकि वाहनों का भार एकदम पीयू की सड़क पर न बढ़े। इसके अलावा गेट नंबर- 4 को दोबारा खोला जाएगा। उसी के पास एक पार्किंग बनाई जाएगी ताकि वहां से गुजरने वाले वाहनों को वहीं पर खड़ा रखा जा सके। इससे ट्रैफिक कंट्रोल होगा। इसके अलावा हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट के फोर व्हीलर लाने पर रोक लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
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टूर एंड ट्रैवल्स की बाहरी गाड़ियों को गेटों पर रोका जाएगा। हालांकि सुरक्षा गार्डों की कमी है, लेकिन उनकी भर्ती करने के बाद व्यवस्था चाक-चौबंद किए जाने की बात कही गई। शटल बस सेवा संचालन का प्रस्ताव भी रखा गया। कहा गया कि ई रिक्शा की व्यवस्था दुरुस्त होगी। ई रिक्शा रात को भी चलाए जाएंगे, फिलहाल जो अनुबंध चल रहा है उसमें रात को रिक्शा चलाने का प्रावधान नहीं है। जल्द ही इस पर कार्रवाई होगी। पटियाला विश्वविद्यालय ने ट्रैफिक मैनेजमेंट पर काम किया है, उसे देखने के लिए विश्वविद्यालय की एक टीम जाएगी। बैठक में डीसीडीसी प्रो. संजय कौशिक, डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर, नीना कप्लास, प्रो. हर्ष नैयर आदि रहे।
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