कैशलेस होंगे हरियाणा के स्कूली छात्र, डाउनलोड करना होगा ई-वॉलेट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा को कैशलेस बनाने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग अहम कदम उठाने जा रहा है। विभाग छात्रों को कैशलेस करने की तैयारी में है। साढ़े छह लाख स्कूली छात्रों को मोबाइल फोन के माध्यम से कैशलेस ट्रांजेक्शन की जानकारी दी जाएगी।
विभाग छात्रों से कैशलेस के लिए परिवारों को प्रेरित करने की अपील करेगा। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कैशलेस योजना को छात्रों के माध्यम से उनके परिवारों तक पहुंचाने का अनूठा निर्णय लिया गया है।
योजना के अंतर्गत गांव के नजदीकी बैंक शाखा में नोडल शिक्षका का बैंक खाता खोला जाएगा, शिक्षक बैंक का ‘ई-वॉलेट’ डाउनलोड करेंगे। स्कूली बच्चों के अभिभावकों का खाता भी उसी बैंक में होगा और वे भी बैंक का ‘ई-वॉलेट’ डाउनलोड करेंगे।
मोबाइल के जरिए कैशलेस लेनदेन की दी जाएगी जानकारी
अभिभावक ‘ई-वॉलेट’ के जरिए फीस सीधे नोडल अध्यापक के खाते में भेज सकेंगे। बैंक खाते से कैश नहीं निकाला जा सकेगा और फीस सीधे विभाग के खाते में जमा होगी।
विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं किताबें, वर्दी और छात्रवृत्ति पहले से ही कैशलेस की जा रही है। छात्रवृत्ति सीधे बच्चों के खातों में आएगी। दास ने कहा कि नौंवी से 12वीं तक सरकारी स्कूलों में करीब साढ़े छह लाख बच्चे पढ़ रहे हैं, इन्हें स्मार्टफोन के जरिए कैशलेस ट्रांजेक्शन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एक क्लस्टर पर एक सहायक प्रबंधक होगा, जिसकी शैक्षणिक शिक्षा एमसीए या बीटेक होगी। दास ने बताया कि बच्चों से अपील की जाएगी कि वे अपने परिवार में कैशलेस योजना की जानकारी दें और उन्हें इस प्रक्रिया को सिखाएं। इस तरह शिक्षा विभाग करीब 7 लाख से ज्यादा परिवारों को कैशलेस ट्रांजक्शन के लिए तैयार करेगा।