{"_id":"59129e554f1c1ba4758b459f","slug":"haryana-govt-took-action-to-sort-out-financial-crisis-of-aarohi-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने खत्म किया आरोही मॉडल स्कूलों का वित्तीय संकट, ये कवायद की गई","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
सरकार ने खत्म किया आरोही मॉडल स्कूलों का वित्तीय संकट, ये कवायद की गई
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 10 May 2017 11:26 AM IST
विज्ञापन
आरोही मॉडल स्कूल
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के दस जिलों में शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े ब्लॉक में स्थित 36 आरोही मॉडल स्कूल का वित्तीय संकट सरकार ने खत्म कर दिया है। स्कूलों को अनुबंध स्टाफ के वेतन और अन्य खर्चों के लिए 2017-18 के बजट की राशि सरकार ने एकमुश्त जारी कर दी है। स्कूल अनुसार बजट आवंटित करते हुए शिक्षा निदेशालय ने साढे़ 24 करोड़ रुपये जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे हैं। इसी राशि से वे स्कूल के स्टाफ को वेतन देने के अलावा अन्य खर्चे भी चलाएंगे।
सेकेंडरी शिक्षा विभाग ने डीईओ को निर्देश दिए हैं कि स्टाफ को वेतन ई-सैलरी प्रणाली से दिया जाए। डीईओ ही बीईओ और स्कूल मुखियाओं को बजट जारी करेंगे। बीईओ के पास भी डीडीओ पावर नहीं रहेंगी। अगर विशेष परिस्थितियों में आहरण एवं वितरण शक्तियां लेनी हैं तो बीईओ को हरियाणा के महाधिवक्ता और ट्रेजरी की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल मुखिया वर्तमान में मौजूद स्टाफ से ही काम चलाएंगे। नया कोई पद सृजित नहीं किया जाएगा।
वित्त विभाग की अनुमति बिना बजट को किसी अन्य जगह डायवर्ट नहीं किया जा सकेगा। सभी पदों के वेतनमान सरकार के नवीनतम और संशोधित वेतनमानों के अनुसार ही रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि 25 अप्रैल को उन्होंने बजट जारी करने की स्वीकृति दे दी थी। इससे स्कूलों के स्टाफ को वेतन देने के अलावा अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।
विज्ञापन
यहां चल रहे स्कूल
छाजपुर कलां, रामगढ़, अली ब्राह्मण, लडियाका, गड़पुरी, हसनपुर बिलौंदा, मोहम्मदपुर नगर, रेवासन, मुंधेटा, बावाला, सरवरपुर, दुलाट, बंगांव, जालोपुर, कनहेड़ी, मंधाणा, ग्योंग, रामगढ़ पांडवा, सोंगरी, हसनपुर, नारायणगढ़, घासो खुर्द, अग्रोहा, गैबीपुर, घिराई, भिवानी रोहिला, खेड़ी लोहचब, उकलाना गांव, तोशाम, सिवानी खेड़ा, झिड़ी, कालूवाना, खारी सुरेरा, नाथूसरी कलां, जालालाना, मोहम्मद पूरिया।
विज्ञापन
सेकेंडरी शिक्षा विभाग ने डीईओ को निर्देश दिए हैं कि स्टाफ को वेतन ई-सैलरी प्रणाली से दिया जाए। डीईओ ही बीईओ और स्कूल मुखियाओं को बजट जारी करेंगे। बीईओ के पास भी डीडीओ पावर नहीं रहेंगी। अगर विशेष परिस्थितियों में आहरण एवं वितरण शक्तियां लेनी हैं तो बीईओ को हरियाणा के महाधिवक्ता और ट्रेजरी की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल मुखिया वर्तमान में मौजूद स्टाफ से ही काम चलाएंगे। नया कोई पद सृजित नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
वित्त विभाग की अनुमति बिना बजट को किसी अन्य जगह डायवर्ट नहीं किया जा सकेगा। सभी पदों के वेतनमान सरकार के नवीनतम और संशोधित वेतनमानों के अनुसार ही रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि 25 अप्रैल को उन्होंने बजट जारी करने की स्वीकृति दे दी थी। इससे स्कूलों के स्टाफ को वेतन देने के अलावा अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।
विज्ञापन
यहां चल रहे स्कूल
छाजपुर कलां, रामगढ़, अली ब्राह्मण, लडियाका, गड़पुरी, हसनपुर बिलौंदा, मोहम्मदपुर नगर, रेवासन, मुंधेटा, बावाला, सरवरपुर, दुलाट, बंगांव, जालोपुर, कनहेड़ी, मंधाणा, ग्योंग, रामगढ़ पांडवा, सोंगरी, हसनपुर, नारायणगढ़, घासो खुर्द, अग्रोहा, गैबीपुर, घिराई, भिवानी रोहिला, खेड़ी लोहचब, उकलाना गांव, तोशाम, सिवानी खेड़ा, झिड़ी, कालूवाना, खारी सुरेरा, नाथूसरी कलां, जालालाना, मोहम्मद पूरिया।