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12वीं कॉमर्स संकाय टॉपर की कहानी, उन्हीं की जुबानी, काम आएगा सक्सेस मंत्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Sun, 21 May 2017 09:06 AM IST
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12वीं में कॉमर्स संकाय टॉपर उर्वशी
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12वीं में कॉमर्स संकाय से प्रदेश भर में टॉप करने वाली लड़की की कहानी सुनिए, उसी की जुबानी। करनाल में मेरठ रोड स्थित चंबा सिंह कॉलोनी की बेटी उर्वशी ने कॉमर्स संकाय में प्रदेश में प्रथम और ओवरऑल दूसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उसने 500 में से 490 अंक हासिल किए हैं। उसकी इस उपलब्धि पर स्कूल और परिवार के साथ-साथ जिले में खुशी है। उर्वशी का सपना आईएएस बनने का है।
विजेता पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा उर्वशी का पूरा परिवार रिजल्ट के लिए स्कूल में ही मौजूद था। जैसे ही परिणाम का पता चला सभी खुशी से झूम उठे। प्रधानाचार्य संतोष नारंग ने बेटी को लड्डू खिलाकर छात्रा को बधाई दी। उर्वशी का कहना है कि वह स्कूल से आने के बाद भी प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। छात्रा के पिता विजय कुमार स्क्रीन प्रिंटिंग का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक हालात काफी कमजोर है। फिर भी परिवार ने छात्रा को परिवार ने आगे बढ़ते रहने के लिए निरंतर प्रेरित किया।
उर्वशी का कहना है कि वह शुरू से ही शेड्यूल बनाकर पढ़ती थी। उसने बताया कि वैसे तो वह कई घंटों तक पढ़ते रहें, लेकिन जब तक उसमें क्वालिटी नहीं होगी, उस पढ़ाई का फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को बच्चों पर पढ़ाई जबरदस्ती नहीं थोपनी चाहिए, बल्कि अपनी मर्जी के अनुसार ही पढ़ाई करने देना चाहिए। तभी वह अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
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विजेता पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा उर्वशी का पूरा परिवार रिजल्ट के लिए स्कूल में ही मौजूद था। जैसे ही परिणाम का पता चला सभी खुशी से झूम उठे। प्रधानाचार्य संतोष नारंग ने बेटी को लड्डू खिलाकर छात्रा को बधाई दी। उर्वशी का कहना है कि वह स्कूल से आने के बाद भी प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। छात्रा के पिता विजय कुमार स्क्रीन प्रिंटिंग का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक हालात काफी कमजोर है। फिर भी परिवार ने छात्रा को परिवार ने आगे बढ़ते रहने के लिए निरंतर प्रेरित किया।
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उर्वशी का कहना है कि वह शुरू से ही शेड्यूल बनाकर पढ़ती थी। उसने बताया कि वैसे तो वह कई घंटों तक पढ़ते रहें, लेकिन जब तक उसमें क्वालिटी नहीं होगी, उस पढ़ाई का फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को बच्चों पर पढ़ाई जबरदस्ती नहीं थोपनी चाहिए, बल्कि अपनी मर्जी के अनुसार ही पढ़ाई करने देना चाहिए। तभी वह अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
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सपना था न्यूरोसर्जन बनने का, ले ली कॉमर्स
परीक्ष्ाा
- फोटो : demo pic
उर्वशी का सपना शुरू से ही मेडिकल लाइन में जाने का था। वह न्यूरो सर्जन बनना चाहती थी। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसने कॉमर्स संकाय चुन लिया। छात्रा ने ग्यारहवीं कक्षा में नॉनमेडिकल की बजाय कॉमर्स संकाय चुनकर जी जान से पढ़ाई में लग गई।
छात्रा का कहना है कि उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उसने कॉमर्स में प्रदेश में टॉप किया है। उर्वशी के सफलता पर स्कूल की प्रधानाचार्य संतोष नारंग ने कहा कि उन्हें छात्रा पर नाज है।
प्रदेश में 14वें स्थान पर रहा करनाल
करनाल जिला ओवरऑल 62.06 फीसदी रिजल्ट लाकर राज्य में 14वें स्थान पर रहा। परीक्षा में पास होने वाले लड़कों की संख्या 2766 के साथ 54.26 फीसदी और लड़कियों की 3296 के साथ 71.67 फीसदी रही।
छात्रा का कहना है कि उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उसने कॉमर्स में प्रदेश में टॉप किया है। उर्वशी के सफलता पर स्कूल की प्रधानाचार्य संतोष नारंग ने कहा कि उन्हें छात्रा पर नाज है।
प्रदेश में 14वें स्थान पर रहा करनाल
करनाल जिला ओवरऑल 62.06 फीसदी रिजल्ट लाकर राज्य में 14वें स्थान पर रहा। परीक्षा में पास होने वाले लड़कों की संख्या 2766 के साथ 54.26 फीसदी और लड़कियों की 3296 के साथ 71.67 फीसदी रही।