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पंजाब यूनिवर्सिटी में हजारों शिक्षकों की भर्ती को हरी झंडी, लेकिन सामने है ये सबसे बड़ी चुनौती

Sun, 23 Jun 2019 04:18 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 23 Jun 2019 04:18 PM IST
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Green signal for recruitment of teachers in Punjab University
सांकेतिक तस्वीर

पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध पंजाब के 110 कॉलेजों में हजारों शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। यूजीसी ने आदेश जारी कर दिए हैं कि शिक्षण संस्थान भर्तियां शुरू कर सकते हैं। आदेश के बाद पीयू व अन्य कॉलेज बजट की व्यवस्था में जुट गए हैं, क्योंकि इसकी व्यवस्था आंतरिक स्रोत से ही करनी होगी। 

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वर्षों से पीयू व इससे संबद्ध कॉलेजों में छह हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त चले आ रहे हैं। पीयू में भी 800 शिक्षकों के पद खाली हैं। इसका सीधा असर स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर पड़ रहा है। साथ ही शिक्षकों पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। रैंकिंग पर भी इसका असर पड़ रहा है। वीसी प्रो. राजकुमार ने ज्वाइन करने के बाद इस मामले को गंभीरता से लिया और उन्होंने यूजीसी को पत्र भेजा। 
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बताते हैं कि यूजीसी में इसको लेकर बोर्ड की बैठक हुई और अब भर्तियां करने के लिए हरी झंडी दे दी है। पीयू व कॉलेजों में इसकी तैयारियां चल रही हैं लेकिन रकम की व्यवस्था संस्थानों को अपने आंतरिक स्रोत से ही करनी होगी, इसलिए पहले पीयू धन की व्यवस्था में लगा है। सूत्र बताते हैं कि आठ से दस करोड़ रुपये बढ़ाई गई फीस से आएंगे।

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इसके अलावा कई नए कोर्सेज शुरू किए गए हैं। वहां से भी करोड़ों रुपये मिलेंगे। जितनी रकम पीयू के खजाने में जुटेगी उसी के मुताबिक प्रथम चरण में शिक्षक रखे जाएंगे। जैसे-जैसे पैसे का प्रबंध होगा वैसे वैसे शिक्षकों की संख्या पीयू व कॉलेजों में बढ़ती जाएगी। मालूम हो कि पीयू में अभी रेगुलर लगभग एक हजार शिक्षक काम कर रहे हैं। 400 से अधिक गेस्ट फैकल्टी आदि काम कर रही हैं। 

कर्मचारियों की भर्ती को लेकर असमंजस
शिक्षकों की भर्ती के लिए यूजीसी ने आदेश जारी कर दिए हैं लेकिन कर्मचारियों के रिक्त पद भरे जाएंगे या नहीं, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। पीयू में लगभग तीन हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। लगभग एक हजार पद खाली चल रहे हैं। कुछ पद पदोन्नति से भरे जाने हैं। 

हर साल पांच से सात लाख विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार करने में कर्मचारियों का योगदान होता है लेकिन इनकी संख्या नहीं बढ़ रही है जबकि छात्रों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है। ऐसे में कर्मचारियों पर दबाव बढ़ेगा। हालांकि उम्मीद है कि शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद इस पर भी पीयू प्रशासन कोई न कोई निर्णय लेगा। 

शिक्षकों की भर्तियां करने के लिए रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। शिक्षकों की भर्तियां होंगी तो रैंकिंग में भी बड़ा सुधार आएगा। - डॉ. आशीष जैन, निदेशक, आईक्यूएसी

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