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चंडीगढ़ः 11वीं कक्षा में दाखिले का इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स के लिए खबर, विभाग ने लिया बड़ा फैसला
Wed, 21 Aug 2019 10:34 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 21 Aug 2019 10:34 AM IST
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11वीं कक्षा में दाखिला का इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला ले लिया है। विभाग करीब 600 सीटों पर चौथी काउंसिलिंग करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि काउंसिलिंग किस दिन होगी, यह अभी तय नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि चौतरफा दबाव के बाद ही विभाग शहर के 40 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में करीब 600 सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। मंगलवार को दिनभर स्कूलों में सीटें बढ़ाने को लेकर चर्चा चलती रही।
शाम को एजुकेशन सेक्रेटरी, डायरेक्टर व डीईओ की बैठक में सीटें बढ़ाने को लेकर फैसला लिया गया। पहली, दूसरी और तीसरी काउंसिलिंग में दाखिला नहीं मिलने वाले स्टूडेंट्स का डाटा मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने शहर के सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों से इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचर्स को देखते हुए 11वीं कक्षा में सीटें बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने को कहा था। सभी स्कूलों से आई रिपोर्ट के आधार पर अब शिक्षा विभाग करीब 600 स्टूडेंट्स को दाखिला देगा। स्टूडेंट्स को दाखिला 10वीं में आए प्रतिशत के हिसाब से दिया जाएगा।
गौरतलब है कि तीसरी काउंसिलिंग के बाद शहर के सभी स्कूलों की 12 हजार 815 सीटें फुल हो गई थीं, लेकिन उसके बावजूद 1700 बच्चे दाखिले से वंचित रह गए। सोमवार को स्टूडेंट्स के पेरेंट्स ने सेक्टर-19 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर जाकर हंगामा भी किया, जिसके बाद पुलिस भी बुलानी पड़ी। वहीं मामले को लेकर शहर के मेयर राजेश कालिया ने एडवाइजर मनोज परिदा से भी मुलाकात की।
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शाम को एजुकेशन सेक्रेटरी, डायरेक्टर व डीईओ की बैठक में सीटें बढ़ाने को लेकर फैसला लिया गया। पहली, दूसरी और तीसरी काउंसिलिंग में दाखिला नहीं मिलने वाले स्टूडेंट्स का डाटा मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने शहर के सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों से इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचर्स को देखते हुए 11वीं कक्षा में सीटें बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने को कहा था। सभी स्कूलों से आई रिपोर्ट के आधार पर अब शिक्षा विभाग करीब 600 स्टूडेंट्स को दाखिला देगा। स्टूडेंट्स को दाखिला 10वीं में आए प्रतिशत के हिसाब से दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि तीसरी काउंसिलिंग के बाद शहर के सभी स्कूलों की 12 हजार 815 सीटें फुल हो गई थीं, लेकिन उसके बावजूद 1700 बच्चे दाखिले से वंचित रह गए। सोमवार को स्टूडेंट्स के पेरेंट्स ने सेक्टर-19 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर जाकर हंगामा भी किया, जिसके बाद पुलिस भी बुलानी पड़ी। वहीं मामले को लेकर शहर के मेयर राजेश कालिया ने एडवाइजर मनोज परिदा से भी मुलाकात की।
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इसलिए हुई दाखिले के लिए मारा-मारी
इस बार कुल 12,815 सीटों पर 18, 575 आवेदन आए थे। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया होने की वजह से ज्यादा प्रतिशत लाने वाले स्टूडेंट्स को दाखिला पहले मिल गया लेकिन कम प्रतिशत लाने वाले स्टूडेंट्स बाकी रह गए। आवेदनों में काफी संख्या चंडीगढ़ से बाहर के स्टूडेंट्स का रहा।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के पास इस बार दाखिले के लिए मोहाली, पंचकूला, कालका, पिंजौर, जीरकपुर, खरड़, लालड़ू, अंबाला, पटियाला आदि जगहों से भी स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया। सीटें बढ़ाने के बावजूद विभाग का तर्क है कि शहर के स्कूलों में पहले से ही 60 छात्रों की कक्षाएं लग रही हैं, ऐसे में सीटें बढ़ाने की वजह से स्कूलों पर दबाव और बढ़ेगा।
इससे एजुकेशन क्वालिटी पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। एफिलिएशन व स्कूलों की रैंकिंग पर भी फर्क पड़ सकता है। गौरतरब है कि सीबीएसई के मानकों के मुताबिक एक कक्षा में 40 स्टूडेंट्स होने चाहिए।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के पास इस बार दाखिले के लिए मोहाली, पंचकूला, कालका, पिंजौर, जीरकपुर, खरड़, लालड़ू, अंबाला, पटियाला आदि जगहों से भी स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया। सीटें बढ़ाने के बावजूद विभाग का तर्क है कि शहर के स्कूलों में पहले से ही 60 छात्रों की कक्षाएं लग रही हैं, ऐसे में सीटें बढ़ाने की वजह से स्कूलों पर दबाव और बढ़ेगा।
इससे एजुकेशन क्वालिटी पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। एफिलिएशन व स्कूलों की रैंकिंग पर भी फर्क पड़ सकता है। गौरतरब है कि सीबीएसई के मानकों के मुताबिक एक कक्षा में 40 स्टूडेंट्स होने चाहिए।