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पहलः पीयू में शुरू होगा फाइल ट्रैकिंग सिस्टम, समय से निपटाएं फाइलें, देरी पर देना होगा जवाब

Sun, 03 Mar 2019 11:26 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 03 Mar 2019 11:26 AM IST
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File Tracking System Going to Start in Punjab University Chandigarh
फाइल ट्रैकिंग सिस्टम - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए खुशखबरी है। अब उनकी फाइलों का निपटारा समय से होगा। अगर फाइलों के निपटारे में देरी होती है तो संबंधित विभाग को जवाब देना होगा। पीयू प्रशासन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है। हर विभाग को समय पर फाइल निस्तारित कर संबंधित विभाग को भेजने होगी। देरी होने पर जवाब देना होगा।
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यदि इस कारण किसी को अधिक नुकसान होता है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी। यह व्यवस्था नए शैक्षिक सत्र से शुरू हो जाएगी। पीयू में 78 विभाग हैं। वीसी से लेकर लगभग 53 सदस्य अधिकारिक पदों पर तैनात हैं, जो समस्याओं का निराकरण करते हैं। इनके पास हर दिन 700 से अधिक फाइलें पहुंचती हैं, लेकिन फाइलों का निस्तारण कुछ अधिकारी समय पर नहीं कर पाते हैं।
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इसके कारण कार्यों में देरी होती है। कई बार तो वीसी व रजिस्ट्रार कार्यालय से चली फाइल का यह पता नहीं लग पाता कि किस विभाग के पास वह पेंडिंग है। ऐसे में समस्या कम होने के बाद बढ़ती जाती है। फाइल ट्रैकिंग सिस्टम इन सभी अव्यवस्थाओं को ठीक करने का कार्य करेगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार हो रहा है, जो हर विभाग के कंप्यूटर पर अपलोड होगा।
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ऐसे काम करेगा ट्रैकिंग सिस्टम

सॉफ्टवेयर हर विभाग में जैसे ही अपलोड होगा उसकी जानकारी वीसी या रजिस्ट्रार को मिलेगी। उसके बाद यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। किसी भी कार्यालय से जो फाइल चलेगी तो उसका रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर में दर्ज होगा। साथ ही संबंधित विभाग का नाम भी लिखा जाएगा। फाइल पहुंचने से पहले ही विभाग या कार्यालय को पता लग जाएगा कि कोई फाइल उनके पास आ रही है और उसका निपटारा भी करना होगा।

निपटारे का समय भी सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। तय समय तक फाइल का निपटारा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी के पास उसका मैसेज आएगा और फिर उस फाइल के देरी होने के कारण देखे जाएंगे। छात्रों की समस्याओं का निस्तारण 24 घंटे में करने होंगे।

मॉनीटरिंग भी होगी
इस सॉफ्टवेयर के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग मॉनीटरिंग भी करेगा। समय समय पर हर विभाग के कंप्यूटर सिस्टम पर जाकर सॉफ्टवेयर को देखा जाएगा। इसके लिए अलग से टीम तैनात की जाएगी।

फाइल ट्रैकिंग सिस्टम पर काम चल रहा है। इससे हर विभाग ऑनलाइन हो जाएंगे। समय पर फाइलों का निपटारा करना होगा।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू
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