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फीस वृद्धि विवाद: पंजाब सरकार पर बढ़ा दबाव, पीयू अथॉरिटी के साथ बैठक

Mon, 24 Apr 2017 09:43 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 24 Apr 2017 09:43 AM IST
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Fees rise controversy, increased pressure on the Punjab government
अरूण ग्रोवर - फोटो : अमर उजाला
पीयू को जारी किए जाने वाले निर्धारित बजट से भले ही पंजाब ने चार साल से हाथ खींच रखे हों, लेकिन अब छात्रों के आंदोलन और लगातार इसी मसले पर यूनिवर्सिटी में बिगड़ते जा रहे हालात ने पंजाब पर दबाव बना दिया है। इसके चलते पंजाब सरकार ने मंगलवार शाम को पंजाब सचिवालय में पीयू अथॉरिटी से बैठक भी तय की है। 
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 वहीं, पंजाब के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी खुला ऐलान किया है कि आज भी पीयू में डिप्लोमा इन ह्ूमन राइट विषय काछात्र होने के नाते वह फीस वृद्धि के खिलाफ हैं और छात्रों के आंदोलन को समर्थन देते हैं। उनके अनुसार छात्रों की आवाज सरकार तक  पहुंचाएंगे।
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पहले पंजाब ने तय बजट से कम दिए
दरअसल, पीयू के बजट में तय व्यवस्था के अनुसार पीयू को इंटरनल आय से अलग शेष बजट का 60 फीसद हिस्सा पीयू को केंद्र सरकार से आता है और 40 फीसदी पंजाब सरकार से। 2001 में पीयू को पंजाब ने 40 फीसदी हिस्सा जो 19.3 करोड़ बनता था, की जगह सिर्फ16 करोड़ ही दिए। बाद में पीयू का खर्च तो बढ़ता गया, लेकिन पंजाब की ओर से सिर्फ 16 करोड़ सालाना ही मिले।
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एक बार बढ़ाई राशि फिर अदायगी ही बंद कर दी
10 साल बाद वर्ष 2011-12 में पीयू के बढ़ते घाटे को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 करोड़ बजट शेयर को 20 करोड़ कर दिया। लेकिन वर्ष 2013-14 में पंजाब सरकार ने इसकी अदायगी भी अचानक बंद कर दी। जिससे पीयू की आर्थिक हालत और खराब होते चले गए।

मंत्रियों को सौंपी है समाधान की जिम्मेदारी

Fees rise controversy, increased pressure on the Punjab government
Panjab University - फोटो : File Photo
मंत्रियों को सौंपी है समाधान की जिम्मेदारी
पीयू अथारिटी भी लगातार पंजाब पर अपने हिस्से का बजट और बकाया जारी करने का दबाव बना रही है। इसके लिए पीयू ने पंजाब के गर्वनर वीपी बदनौर की भी मध्यस्थता करवाई। नतीजतन सीएम कैप्टन अमरिंद्र सिंह ने इस मसले में हस्तक्षेप करनेे की जिम्मेदारी वित्तमंत्री मनप्रीत बादल और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सौंपी है। पंजाब के ये मंत्री अब इस मंथन में जुटे हुए हैं कि आर्थिक संकट से जूझ रहे पीयू को कैसे उबारा जाए? मंगलवार शाम छह बजे पंजाब के दोनों मंत्री पीयू अथॉरिटी से बैठक भी करेंगे।

पंजाब इस वक्त खुद आर्थिक संकट झेल रहा हैं, ये संकट पूर्व बादल सरकार छोड़कर गई है।  फिर भी सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पीयू की मौजूदा हालत को लेकर चिंतित हैं। उनके आदेशों पर ही पंजाब सरकार के प्रतिनिधि पीयू अथॉरिटी से बातचीत करेंगे। उम्मीद है इसका कुछ सकारात्मक हल निकलेगा।
-चरणजीत सिंह चन्नी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, पंजाब सरकार

पंजाब ने अपना बजट का हिस्सा बंद किया हुआ है, इसलिए भी पीयू का घाटा बढ़ा है, लेकिन उम्मीद है पंजाब सरकार से बैठक के बाद पीयू को कुछ हद तक  राहत मिलेगी। दूसरा, छात्र पीयू की खराब आर्थिक हालत को समझें, फीसवृद्धि पर हिंसा अच्छी बात नहीं। मुझे लगता है सिर्फकुछ छात्र ही भटक गए हैं, उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
-अरूण ग्रोवर, वाइस चांसलर, पीयू
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