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Hindi News ›   Chandigarh ›   Evening Law Course will be closed from next academic session

पीयू सिंडीकेट: ईवनिंग लॉ कोर्स होगा बंद, रेंट और वॉटर चार्ज बढ़ेंगे

Sat, 29 Apr 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 29 Apr 2017 09:37 AM IST
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Evening Law Course will be closed from next academic session
- फोटो : File Photo
पंजाब यूनिवर्सिटी में अगले शैक्षणिक सत्र से ईवनिंग लॉ कोर्स बंद हो जाएगा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस बाबत पंजाब यूनिवर्सिटी को पत्र भेजकर इन निर्देशों की पालन करने का आग्रह किया है।  इसके अलावा पीयू के सभी गेस्ट हाउस, हॉस्टल फीस स्ट्रक्चर व वॉटर चार्ज,  रेंट व लाइसेंस फीस में भी वृद्धि करने की तैयारी, ताकि पीयू की आंतरिक आय को बढ़ाया जा सके।
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इन मसलो रविवार को पीयू की प्रस्तावित सिंडीकेट सदस्यों की बैठक में चरचा की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सिंडिकेट के चेयरमैन एवं वाइस चांसलर अरुण कुमार ग्रोवर करेंगे।
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इसलिए बार ईवनिंग कोर्स बंद करवाना चाहती है
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पीयू को भेजे पत्र में अगले सत्र से ईवनिंग लॉ कोर्स बंद करने का आग्रह किया है। दरअसल, बार पदाधिकारियों का मानना है कि  ईवनिंग लॉ कोर्स में लगने वाली कक्षाओं का समय, मॉनिंग लॉ कोर्स की कक्षाओं के समय से कम रहता है। इसलिए ईवनिंग लॉ कोर्स में उस स्तर की पढ़ाई नहीं हो पाती, जिस तरह की पढ़ाई एक मुक्कमल वकील के लिए होनी चाहिए, एक वकील केलिए सिर्फ डिग्री हासिल कर लेना ही पर्याप्त मात्र नहीं है। इसलिए पीयू में ईवनिंग लॉ कोर्स की कक्षाएं बंद कर दी जाए।
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अफसर करते हैं कोर्स, हो सकता है विरोध

Evening Law Course will be closed from next academic session
VC Arun Grover On PU - फोटो : अमर उजाला
अफसर करते हैं कोर्स, हो सकता है विरोध
बार काउंसिल ऑफ इंडिंया ने पीयू को पत्र भेजकर इस कोर्स को बंद करने को कहा है और इसी आधार पर ये मसला भी सिंडीकेट केएजेंडे में शामिल हुआ है। लेकिन चूंकि कई आईएएस और आईपीएस अफसर समेत अन्य कैडेर के अफसर ईवनिंग शिफ्ट में ही लॉ कोर्स करते हैं और इससे पीयू को अच्छी आय भी हो जाती है, इसलिए इस बात की भी संभावनाएं प्रबल है कि कुछ सिंडीकेट सदस्य इसका विरोध करे।

लेकिन दूसरी ओर, कुछ सिंडीकेट सदस्यों का ये कहना है कि यदि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की बात नहीं मानी जाती, तो बार काउसिंल ईवनिंग कोर्स करने वाली लॉ स्टूडेंट्स को वकालत का लाइसेंस जारी करने से भी इंकार कर सकती है, जिससे स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा दिक्कत हो जाएगी।

इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
-राजकीय कालेजों के  प्राध्यापकों की मांग है कि उन्हें भी पीयू के प्रोफेसर की तर्ज बेनेफिट दिए जाएं
-पीयू के रिजनल सेंटर होशियारपुर में हॉस्टल का फीस  स्ट्रक्चर रिवाइज्ड किया जाए
-पीयू के स्थानीय व बाहरी शहरों में मौजूद गेस्ट हाउस का रूम रेंट स्ट्रैक्चर रिवाइज्ड किया जाए
-पीयू कैंपस के हॉस्टल व अन्य आवासीय कांपलेक्स में रेंट, लाइसेंस फीस व वॉटर चार्जिज रिवाइडज किए जाएं
-यूजीसी के निर्देशों पर कालेज व विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, प्रोफेसरों की सिलेक्शन पॉलिसी में बदलाव किया जाए
-डीन व सहायक स्टूडेंट वेलफेयर पर तैनात स्टाफ का कार्यकाल एक साल और बढ़ाया जाए, इत्यादि।
 
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