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जेएनयू और डीयू की तरह एंट्रेंस टेस्ट अब पीयू में भी, इन कोर्स के लिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:19 AM IST
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Arun Kumar Grover
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पंजाब यूनिवर्सिटी अब जेएनयू और डीयू की तरह कई कोर्स में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट लेगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसके तहत आर्ट्स संकायों में अब एंट्रेंस टेस्ट की मेरिट से ही स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाएगा। अंडर ग्रेजुएट स्तर पर आर्ट्स संकाय विषय की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन में एंट्रेंस टेस्ट का लाभ मिल पाएगा।
जानकारी अनुसार पीयू के हिस्ट्री डिपार्टमेंट ने 2017 सत्र से एमए प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का फैसला लिया है। पीयू हिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. सुखमणी रियाड़ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने 7 दिसंबर, 2016 को पीयू प्रशासन को लिखी चिट्ठी में एमए हिस्ट्री प्रथम सेमेस्टर में दाखिले के लिए अगले सत्र से एंट्रेंस टेस्ट करवाने की सिफारिश की थी।
वहीं 17 दिसंबर, 2016 को हुई सीनेट बैठक में भी कई सीनेटर ने एंट्रेंस टेस्ट से बजट जुटाने का सुझाव दिया था। सीनेटर्स का मानना है कि एंट्रेंस टेस्ट से होनी वाली आमदनी से पीयू प्रशासन को काफी मदद मिलेगी और आर्थिक तंगी का बोझ भी कम होगा। इस संबंध बनाए तैयार प्रस्ताव को आगामी सिंडीकेट में अप्रूवल मिल जाएगी। बता दें कि हिस्ट्री की कुल 50 सीटों के लिए हर साल 600 से अधिक आवेदन आते हैं।
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कमेटी का मानना है कि कई यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स अच्छी परसेंटेज के कारण मेरिट के हिसाब से पहले दाखिला ले लेते हैं जिससे सीटें फुल हो जाती है और ऐसे में पीयू एफिलिएटेड कॉलेज स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिल पाता है। जबकि कई साइंस और इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स तो सिर्फ सिविल सर्विसेज या अन्य किसी कंपीटिशन की तैयारी के निमित्त हॉस्टल और लाइब्रेरी की सुविधा के लिए भी दाखिला ले लेते हैं।
इस कारण विभाग ने इसी विषय में रुचि रखने वाले और करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंट्स को दाखिला देने के लिए अगले सत्र से एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का फैसला लिया गया है।
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जानकारी अनुसार पीयू के हिस्ट्री डिपार्टमेंट ने 2017 सत्र से एमए प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का फैसला लिया है। पीयू हिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. सुखमणी रियाड़ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने 7 दिसंबर, 2016 को पीयू प्रशासन को लिखी चिट्ठी में एमए हिस्ट्री प्रथम सेमेस्टर में दाखिले के लिए अगले सत्र से एंट्रेंस टेस्ट करवाने की सिफारिश की थी।
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वहीं 17 दिसंबर, 2016 को हुई सीनेट बैठक में भी कई सीनेटर ने एंट्रेंस टेस्ट से बजट जुटाने का सुझाव दिया था। सीनेटर्स का मानना है कि एंट्रेंस टेस्ट से होनी वाली आमदनी से पीयू प्रशासन को काफी मदद मिलेगी और आर्थिक तंगी का बोझ भी कम होगा। इस संबंध बनाए तैयार प्रस्ताव को आगामी सिंडीकेट में अप्रूवल मिल जाएगी। बता दें कि हिस्ट्री की कुल 50 सीटों के लिए हर साल 600 से अधिक आवेदन आते हैं।
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कमेटी का मानना है कि कई यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स अच्छी परसेंटेज के कारण मेरिट के हिसाब से पहले दाखिला ले लेते हैं जिससे सीटें फुल हो जाती है और ऐसे में पीयू एफिलिएटेड कॉलेज स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिल पाता है। जबकि कई साइंस और इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स तो सिर्फ सिविल सर्विसेज या अन्य किसी कंपीटिशन की तैयारी के निमित्त हॉस्टल और लाइब्रेरी की सुविधा के लिए भी दाखिला ले लेते हैं।
इस कारण विभाग ने इसी विषय में रुचि रखने वाले और करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंट्स को दाखिला देने के लिए अगले सत्र से एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का फैसला लिया गया है।
तीन आईएएस बेटियां मां की याद में शुरू करेंगी मेडल
पीयू स्टूडेंट काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा की तीन जानी मानी आईएएस महिला अधिकारियों ने अपनी स्वर्गीय मां की याद में पंजाब यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडल शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। जानकारी अनुसार पीयू सिंडीकेट में आईएएस अधिकारी मीनाक्षी आनंद चौधरी (1969 बैच), उर्वशी गुलाटी (1975 बैच) और आईएएस अधिकारी केशनी आनंद (1983 बैच) ने अपनी स्वर्गीय मां सावित्री आनंद(1927-1987) की याद में डिपार्टमेंट कम सेंटर फॉर वुमन स्टडीज में गोल्ड मेडल शुरू करने की मांग की है।
यह मेडल हर साल विभाग में पीजी क्लास के टॉपर को दिया जाएगा। तीनों बहनों ने इसके लिए पीयू प्रशासन को एक लाख रुपये का चैक भी देने का फैसला लिया है। पीयू की आगामी सिंडीकेट बैठक में इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है की आनंद बहनों के पिता प्रो. जेसी आनंद पीयू के पॉलिटिकल विभाग(1957-1983) में पढ़ाते थे।
स्टूडेंट डाक घर में जमा कर सकेंगे फीस
पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट देश के किसी भी हिस्से से डाक घर में यूनिवर्सिटी फीस, माइग्रेशन फीस, रिइवैल्यूएशन फीस और एग्जामिनेशन फीस जमा कर सकेंगे। इस मामले में पीयू रजिस्ट्रार और पोस्ट डिपार्टमेंट के बीच 31 दिसंबर, 2017 तक एमओयू साइन हुआ है। यह प्रस्ताव भी सिंडीकेट में पास होने के लिए आएगा।
यह मेडल हर साल विभाग में पीजी क्लास के टॉपर को दिया जाएगा। तीनों बहनों ने इसके लिए पीयू प्रशासन को एक लाख रुपये का चैक भी देने का फैसला लिया है। पीयू की आगामी सिंडीकेट बैठक में इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है की आनंद बहनों के पिता प्रो. जेसी आनंद पीयू के पॉलिटिकल विभाग(1957-1983) में पढ़ाते थे।
स्टूडेंट डाक घर में जमा कर सकेंगे फीस
पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट देश के किसी भी हिस्से से डाक घर में यूनिवर्सिटी फीस, माइग्रेशन फीस, रिइवैल्यूएशन फीस और एग्जामिनेशन फीस जमा कर सकेंगे। इस मामले में पीयू रजिस्ट्रार और पोस्ट डिपार्टमेंट के बीच 31 दिसंबर, 2017 तक एमओयू साइन हुआ है। यह प्रस्ताव भी सिंडीकेट में पास होने के लिए आएगा।