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नोटबंदीः पब्लिशर्स की नींद उड़ी, बुक फेयर में लोग नहीं खरीद रहे किताबें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Nov 2016 11:52 AM IST
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बुक फेयर
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500 और हजार के नोट बंद क्या हुआ, हर किसी की नींद उड़ गई। हाल ऐसा कि बुक फेयर में आए लोग किताबें खरीदने से परहेज कर रहे हैं। किताबों के शौकीनों के लिए बुधवार से पीयू में दूसरा पांच दिवसीय बुक फेयर-2016 शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन फेयर पर नोटबंदी का असर साफ दिखाई दिया।
बुक पब्लिशर्स के अनुसार पिछले बुक फेयर में पहले ही दिन 7 से 8 हजार की किताबों की बिकी हुई थी, लेकिन बुधवार को पहले दिन की औसत बिक्री 300 से 1000 रुपये तक सीमित रही। पीयू एसी जोशी लाइब्रेरी की ओर से आयोजित बुक फेयर में 30 से अधिक देश विदेश के पब्लिशर्स पहुंचे हैं। मारीशियस से भी पब्लिशर्स पहुंचे हैं।
16 से 20 नवंबर तक पीयू एसी जोशी लाइब्रेरी के सामने ग्राउंड में बुक फेयर आयोजित किया गया है। फेयर का उद्घाटन वीसी अरुण कुमार ग्रोवर ने किया। बुक पब्लिशर्स के अनुसार पहले दिन लोग तो पहुंचे लेकिन खरीदारी काफी कम ने की। उधर कुछ पब्लिशर्स ने ऑनलाइन पेमेंट के लिए एसबीआई से स्वैप मशीन देने की मांग रखी। कई बुक बिक्रेताओं ने पेटीएम की सुविधा भी दी है।
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पीयू चीफ लाइब्रेरियन राजकुमार ने कहा कि वीरवार से भीड़ जुटनी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि पीयू प्रशासन की ओर से फेयर के लिए करीब 27 लाख ग्रांट मंजूर की गई है। सभी विभागों को बुक फेयर से खरीदारी करने को कहा गया है। बुक फेयर का मकसद लोगों के बीच रीडिंग हैबिट को बढ़ाना है। बुक फेयर में पीजीआई के सहयोग से रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया।
राजकमल प्रकाशन दिल्ली से आए मनीष ने बताया कि पाठक राहत इंदौरी की गजल, श्रीलाल शुक्ल की राग दरबारी के अलावा शब्दकोश की खरीदारी कर रहे हैं। सोहन लाल पब्लिशर्स के अशोक मदान ने कहा कि नोटबंदी का सेल पर काफी असर हुआ है। बुक फेयर में ओशो और ध्यान फाउंडेशन की ओर से भी स्टॉल लगाए गए हैं।
फेयर में 3 खंड की रामायण हिंदी और परशियन भाषा में उपलब्ध है। आधार प्रकाशन के देश निरमोही का कहना है कि अगले एक दो दिन में बुक फेयर में भीड़ अच्छी होने की उम्मीद है। बुक फेयर में कई पब्लिशर्स 20 से 30 फीसदी तक डिस्काउंट भी दे रहे हैं।
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बुक पब्लिशर्स के अनुसार पिछले बुक फेयर में पहले ही दिन 7 से 8 हजार की किताबों की बिकी हुई थी, लेकिन बुधवार को पहले दिन की औसत बिक्री 300 से 1000 रुपये तक सीमित रही। पीयू एसी जोशी लाइब्रेरी की ओर से आयोजित बुक फेयर में 30 से अधिक देश विदेश के पब्लिशर्स पहुंचे हैं। मारीशियस से भी पब्लिशर्स पहुंचे हैं।
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16 से 20 नवंबर तक पीयू एसी जोशी लाइब्रेरी के सामने ग्राउंड में बुक फेयर आयोजित किया गया है। फेयर का उद्घाटन वीसी अरुण कुमार ग्रोवर ने किया। बुक पब्लिशर्स के अनुसार पहले दिन लोग तो पहुंचे लेकिन खरीदारी काफी कम ने की। उधर कुछ पब्लिशर्स ने ऑनलाइन पेमेंट के लिए एसबीआई से स्वैप मशीन देने की मांग रखी। कई बुक बिक्रेताओं ने पेटीएम की सुविधा भी दी है।
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पीयू चीफ लाइब्रेरियन राजकुमार ने कहा कि वीरवार से भीड़ जुटनी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि पीयू प्रशासन की ओर से फेयर के लिए करीब 27 लाख ग्रांट मंजूर की गई है। सभी विभागों को बुक फेयर से खरीदारी करने को कहा गया है। बुक फेयर का मकसद लोगों के बीच रीडिंग हैबिट को बढ़ाना है। बुक फेयर में पीजीआई के सहयोग से रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया।
राजकमल प्रकाशन दिल्ली से आए मनीष ने बताया कि पाठक राहत इंदौरी की गजल, श्रीलाल शुक्ल की राग दरबारी के अलावा शब्दकोश की खरीदारी कर रहे हैं। सोहन लाल पब्लिशर्स के अशोक मदान ने कहा कि नोटबंदी का सेल पर काफी असर हुआ है। बुक फेयर में ओशो और ध्यान फाउंडेशन की ओर से भी स्टॉल लगाए गए हैं।
फेयर में 3 खंड की रामायण हिंदी और परशियन भाषा में उपलब्ध है। आधार प्रकाशन के देश निरमोही का कहना है कि अगले एक दो दिन में बुक फेयर में भीड़ अच्छी होने की उम्मीद है। बुक फेयर में कई पब्लिशर्स 20 से 30 फीसदी तक डिस्काउंट भी दे रहे हैं।