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Chandigarh News: सरकारी स्कूल खोलने को चंडीगढ़ तैयार, 25 हजार अभिभावकों ने भी भरी हामी
Sat, 19 Sep 2020 10:01 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:01 AM IST
सार
- वीरवार को गूगल मीट के जरिए हुई डीईओ-प्रिंसिपलों की बैठक हुई
- 21 सितंबर से स्कूल खोलने के बाद आने वाली चुनौतियां पर बातचीत
- तैयारियों की हुई समीक्षा, स्कूलों में किया जा रहा है सैनिटाइजेशन
- 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ही खुलेंगे स्कूल
- गूगल फार्म के जरिए माता-पिता से उनकी सहमति के बारे में पूछा था
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ के 90 सरकारी स्कूलों के 25000 विद्यार्थियों के परिजनों ने बच्चों को स्कूल भेजने की इच्छा जताई है। शिक्षा विभाग ने इसके बाद स्कूलों को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ गूगल मीट के जरिए बैठक की। इसमें स्कूल खोलने संबंधी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए और प्रबंधकों को स्कूल खोलने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाने की अनुमति दी है। हालांकि इसके लिए सरकार ने परिजनों की मंजूरी को अनिवार्य किया है। यूटी शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी अलका मेहता की अध्यक्षता में वीरवार को हुई बैठक में समग्र शिक्षा के मिशन को-ऑर्डिनेटर रविंदर कौर, मनजीत कौर समेत सभी स्कूलों के प्रमुख व प्रिंसिपल उपस्थित रहे।
बैठक में 21 सितंबर से स्कूल खोलने के बाद आने वाली चुनौतियां पर बातचीत की गई। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यूटी शिक्षा विभाग ने गूगल फार्म के जरिए शहर के 90 स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के माता-पिता से उनकी सहमति के बारे में पूछा था। बच्चों के परिजनों की इच्छा के अनुसार ही स्कूल खोले जाने की योजना बनाई गई है। इस बीच सरकारी स्कूलों को सैनिटाइज कराने का काम शुरू कर दिया गया है।
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केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाने की अनुमति दी है। हालांकि इसके लिए सरकार ने परिजनों की मंजूरी को अनिवार्य किया है। यूटी शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी अलका मेहता की अध्यक्षता में वीरवार को हुई बैठक में समग्र शिक्षा के मिशन को-ऑर्डिनेटर रविंदर कौर, मनजीत कौर समेत सभी स्कूलों के प्रमुख व प्रिंसिपल उपस्थित रहे।
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बैठक में 21 सितंबर से स्कूल खोलने के बाद आने वाली चुनौतियां पर बातचीत की गई। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यूटी शिक्षा विभाग ने गूगल फार्म के जरिए शहर के 90 स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के माता-पिता से उनकी सहमति के बारे में पूछा था। बच्चों के परिजनों की इच्छा के अनुसार ही स्कूल खोले जाने की योजना बनाई गई है। इस बीच सरकारी स्कूलों को सैनिटाइज कराने का काम शुरू कर दिया गया है।
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ये है योजना..
- स्कूल के गेट पर सभी बच्चों की थर्मल की जाएगी स्कैनिंग
- शरीर का तापमान सामान्य होने और बच्चों के पास परिजनों द्वारा साइन किया गया पत्र देखने के बाद ही दिया जाएगा प्रवेश
- इस पत्र में परिजनों की तरफ से बच्चों को स्कूल भेजने की होनी चाहिए सहमति
- पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी। प्रत्येक कक्षा में होंगे 10 बेंच
- बच्चों को घर से ही लाना होगा पानी और खाना
- हर वॉशरूम के बाहर बिठाया जाएगा कर्मचारी, जो जाने से पहले और बाद में बच्चों के हाथ को करेगा सैनिटाइज
- कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थी या शिक्षक को स्कूल आने की नहीं होगी अनुमति
- स्कूल में एक जगह पर बच्चों को इकट्ठा करने की होगी मनाही
- शरीर का तापमान सामान्य होने और बच्चों के पास परिजनों द्वारा साइन किया गया पत्र देखने के बाद ही दिया जाएगा प्रवेश
- इस पत्र में परिजनों की तरफ से बच्चों को स्कूल भेजने की होनी चाहिए सहमति
- पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी। प्रत्येक कक्षा में होंगे 10 बेंच
- बच्चों को घर से ही लाना होगा पानी और खाना
- हर वॉशरूम के बाहर बिठाया जाएगा कर्मचारी, जो जाने से पहले और बाद में बच्चों के हाथ को करेगा सैनिटाइज
- कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थी या शिक्षक को स्कूल आने की नहीं होगी अनुमति
- स्कूल में एक जगह पर बच्चों को इकट्ठा करने की होगी मनाही