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पीयूः 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने का मामला, डीयू के हॉस्टल मॉडल का हो सकता है प्रयोग

Mon, 05 Nov 2018 01:49 PM IST
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 Nov 2018 01:49 PM IST
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Delhi University Hostal Modal May Implement in Punjab University
लड़कियों ने किया विरोध प्रदर्शन
पंजाब विश्वविद्यालय में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने की डिमांड को पूरी करवाने के लिए छात्र संगठन हर कोशिश में जुटे हैं। इंटेलिजेंट स्टूडेंट्स पूरे देश के गर्ल्स हॉस्टल का डाटा खंगाल रहे हैं। स्टूडेंट्स को आयसर, डीयू और जेएनयू का हॉस्टल मॉडल भा रहा है। इसका प्रयोग पीयू में हो सकता है। वह देख रहे हैं कि वहां के गर्ल्स हॉस्टल का स्ट्रैक्चर कैसा है और व्यवस्था कैसे काम करती है। स्टूडेंट इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च मोहाली (आयसर) के गर्ल्स कॉलेज का मॉडल देखने के लिए जा सकते हैं।
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इस बारे में जल्द ही वहां के संचालकों से भी बातचीत की जा सकती है। इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय व जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल का भी मॉडल देखा जा रहा है। स्टूडेंट्स कम खर्च में अधिक सुरक्षित मॉडल पीयू प्रशासन के सामने रखेगा। उस मॉडल पर स्टूडेंट अधिकारियों से चर्चा करेंगे। यदि पीयू के अधिकारी प्रस्तुत किए गए मॉडल में कुछ खामी निकालेंगे तो उन्हीं से स्टूडेंट दुरुस्त करने का रास्ते मांगेंगे ताकि उस गर्ल्स हॉस्टल मॉडल को और बेहतर किया जा सके।
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ऐसे होता है मोहाली में प्रवेश
बताया जाता है कि मोहाली स्थित आयसर संस्थान की सिक्योरिटी इतनी टाइट है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। वहां प्रवेश के लिए अभिभावकों के भी आई कार्ड बनते हैं। बाकायदा ई रिक्शा उन्हें वहां तक पहुंचाता है जहां पर बच्चों से मिला जा सके। प्रोफेसर आदि से भी मिलना है तो बाकायदा अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है। जैसे ही संबंधित व्यक्ति गेट पर पहुंचता है तो मुलाकात करने वाले प्रोफेसर से अप्रूवल ली जाती है। पूरी तरह सुरक्षा दीवार बनी है। गर्ल्स हॉस्टल व ब्वॉयज हॉस्टल अलग-अलग दिशा में हैं। सभी स्टूडेंट्स की यहां मानसिकता भी अलग है। वह पारंपरिक तरीकों से नहीं सोचते। यहां के गर्ल्स हॉस्टल पूरी तरह सुरक्षित हैं। लड़कियां पूरे परिवेश में रात को भी आ-जा सकती हैं। बाहरी वाहनों का प्रवेश यहां नहीं होता।
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डीयू व जेएनयू में भी इसी तरह होता है काम
केंद्र सरकार के अधीन जो भी शिक्षण संस्थान हैं, उनमें गर्ल्स हॉस्टल ओपन का एक ही मॉडल अपनाया गया है। हर संस्थान के सुरक्षा दीवारें ऊंची हैं और मुख्य द्वारों की सिक्यूरिटी टाइट है। डीयू व जेएनयू में भी वही मॉडल काम कर रहा है।


24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल ओपन की मांग पर काम चल रहा है। देशभर में कई गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे ओपन होते हैं। वहां का स्ट्रैक्चर देखा जा रहा है। जो मॉडल बेहतर होगा उसको पीयू प्रशासन के सामने रखकर बात करेंगे। उसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
- कनुप्रिया, प्रेसीडेंट, पीयू स्टूडेंट काउंसिल
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