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पीयू: फीस वृद्धि वापसी के फैसले पर क्रेडिट वार शुरू, बंटने लगीं मिठाइयां

Wed, 10 May 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 10 May 2017 09:14 AM IST
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Credit war begains at Punjab university
सोई कार्यकर्ताओं ने कैंपस में बांटें लड्डू
पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट बैठक में फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस होने के बाद से ही कैंपस का माहौल तो सामान्य हो गया, लेकिन अब सोशल मीडिया में क्रेडिट वार शुरू हो गई है। इसे लेकर सभी फेसबुक, ट्विट्र और व्हाट्सएप पर अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
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बता दें कि फीस वृद्धि वापसी के लिए पहले सभी छात्र संगठन अलग-अलग प्रयास कर रहे थे। जब कोई नतीजा न निकला तो सभी ने अपने मतभेद भुलाकर सर्वसम्मति से एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाई गई और सामूहिक रूप से प्रयास किए गए। अब जब पीयू प्रशासन ने अपना फैसला वापस ले लिया है तो फिर से सभी छात्र संगठन ‘एकला चालो रे’ की राह पर चलते हुए इसका क्रेडिट लेने में लगे हैं। वहीं कुछ ऐसे दल भी हैं जो इसका पूरा क्रेडिट स्टूडेंट्स को दे रहे हैं, बजाय किसी पार्टी के।   
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सोई कार्यकर्ताओं ने कैंपस में बांटें लड्डू : 

Credit war begains at Punjab university
Panjab University - फोटो : File Photo
सभी के अपने-अपने तर्क : 
बता दें कि जहां एनएसयूआई और एबीवीपी पहले ही कह चुकी हैं उनके कार्यकर्ताओं ने जो भूख हड़ताल की, तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन को अपना फैसला बदलना पड़ा। वहीं एसएफएस पहले से ही दावा कर रही है कि जेल जाने वाले ज्यादातर छात्र उनके हैं। इसके अलावा सोई भी इसे अपनी जीत बता रही है। हालांकि जुबानी तौर पर तो कई छात्र संगठन आपस में नहीं उलझा है। यह वार अभी तक सिर्फ सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विट्र और व्हाट्सएप पर ही सीमित है।

सोई कार्यकर्ताओं ने कैंपस में बांटें लड्डू : 
मंगलवार को जहां एक ओर सोई के कैंपस प्रधान करन रंधावा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूनिवर्सिटी का फैसला किसी के अकेले प्रयासों से नहीं बदला। यह स्टूडेंट यूनिटी की ऐतिहासिक जीत है। यह जीत उन सभी छात्रों की है जो सीधे या पर्दे के पीछे रहकर इस यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए लड़े। रंधावा का कहना है कि कुछ दल इस जीत का क्रेडिट खुद लेकर गंदी राजनीति कर रहे हैं। जब पीयू के सभी छात्र संगठन स्टूडेंट्स के एक साथ आए तब प्रबंधन को अपना फैसला बदलना पड़ा। वहीं दूसरी ओर सोई के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस होने की खुशी में अपनी जीत बताते हुए लड्डू बांटें।
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