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चंडीगढ़ में फीस का मुददा गरमाया, स्कूलों की मनमानी पर भड़के परिजन, हाईकोर्ट में याचिका दायर

Fri, 22 May 2020 11:27 AM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 22 May 2020 11:27 AM IST
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coronavirus, lockdown, Parents Filed Plea in Punjab Haryana High Court Against Private Schools
सांकेतिक तस्वीर
फीस मामले को लेकर प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावक लामबंद हो गए हैं। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने प्रशासन के सिर्फ ट्यूशन फीस लेने वाले आदेशों को चुनौती दी है। बता दें कि शिक्षा विभाग ने 18 मई को परिजनों को आदेश दिए गए की वे सभी प्राइवेट स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस जमा करवाएं। लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा विभाग के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए सभी तरह की फीस को ट्यूशन फीस में मिलाकर परिजनों को नोटिस भेज दिया।
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इसको लेकर शहर के एक नामी में पढ़ने वाले छात्र की मां ने परिजनों के लिए बनी रेगुलेटरी बॉडी के माध्यम से एजुकेशन सेक्रेटरी को शिकायत की है। छात्र की मां हरजिंदर कौर ने पत्र में लिखा है कि उनका बेटा 2016 से इस पढ़ रहा है। उस दौरान स्कूल की ओर से ट्यूशन फीस के अलावा मल्टीमीडिया चार्जेज, स्पोर्ट्स फीस, मेडिकल फीस, गेट पास फीस इत्यादि मांगे जाते थे। इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग से कभी अप्रूवल नहीं ली।
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जब परिजनों ने स्कूल अथॉरिटी से इसको लेकर जवाब मांगा गया तो उन्होंने चालाकी से ये सभी फीस 2017 में ट्यूशन फीस के साथ मिला दी। हर साल स्कूल परिजनों को बिना कारण बताए स्कूल फीस 10 से 30 प्रतिशत बढ़ा देता है, जो की गैर कानूनी है। उन्होंने बताया उनका घर स्कूल से 7 किमी दूरी पर है, उसके बावजूद स्कूल की ओर से हर वर्ष ट्रांसपोर्टेशन फीस दोगुनी बढ़ा दी जाती है। वहीं सेक्टर-47 में एक प्राइवेट स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी के परिजनों ने बताया कि वह पिछले साल भी इसी स्कूल में था, उसके बावजूद स्कूल की तरफ से इस सेशन में 27 हजार 500 रुपये एडमिशन फीस के तौर पर मांगे जा रहे हैं।
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सभी परिजन रेगुलेटरी बॉडी के तहत शिक्षा विभाग को स्कूलों की तरफ से की जा रही मनमानी के खिलाफ शिकायत करें। परिजनों की हर शिकायत की जांच कर स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।                
- रुबिंदरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक

डीईओ ने मांगी फीस की डिटेल, प्राइवेट स्कूलों ने अभी तक नहीं भेजी

जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने प्राइवेट स्कूलों को डिटेल फार्म जारी कर फीस की जानकारी मांगी है। लेकिन आदेशों की अनदेखी करते हुए वीरवार शाम तक भी स्कूलों ने कोई फीस डिटेल विभाग के साथ साझा नहीं की है। बता दें लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है। आरोप है कि प्राइवेट स्कूल बच्चों की फीस भरने को लेकर पेरेंट्स को परेशान कर रहे हैं।

वहीं नई गाइडलांइस के अनुसार स्कूल पेरेंटस से सिर्फ ट्यूशन फीस ही चार्ज कर सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी कर बुधवार शाम 5 बजे तक विभाग को पूछी गई डिटेल की फीस की जानकारी देनी थी। लेकिन आदेशों की अनदेखी करते हुए वीरवार शाम तक भी स्कूलों ने कोई फीस डिटेल विभाग के साथ साझा नहीं की। शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से फीस डीटेल फार्म सभी स्कूलों के जारी किया गया है।

इसके अनुसार वह अपने हर तरह की फीस चार्ज के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम हर स्कूल कि फीस का डाटा इकट्ठा कर रहे है और जो भी नियमों कि उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डिटेल फीस फॉर्म में सालाना फीस, महीने के फीस के साथ ली जाने वाली ट्यूशन फी, ट्रांसपोर्टेशन फीस, अन्य प्रकार की ली जाने वाली फीस की डिटेल जानकारी मांगी गई।
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